मैंने भाभी को अपना नम्बर दिया और साइड में हो गया.
तभी मम्मी आ गई और बोलीं- चलें!
मैं बोला- हां चलो मम्मी.
फिर मैं घर आया, तो देखा मेरे मोबाइल पर दो मिस कॉल पड़े थे. मैं समझ गया कि ये भाभी की कॉल हैं.
मैं में घर था मगर मम्मी सामने थीं तो मैं घर पर भाभी से बात नहीं कर पाया.
वैसे भी मैं घर में भाभी से सही से बात नहीं कर सकता था … क्योंकि सब होते हैं.
मैं बहाना बना कर छत पर चला गया. मैंने भाभी को कॉल की, तो उधर से आवाज आई- तुमने कॉल ना उठाने के लिए नम्बर दिया था!
मैंने बताया- अरे भाभी, वो मैं मम्मी के साथ रास्ते में था.
भाभी हंस दीं.
फिर हमारी बात शुरू हुईं.
भाभी- कैसे हो?
मैं- बढ़िया हूँ.
भाभी- तुम वहां बार बार मुझे क्यों देख रहे थे?
मैं- आप बहुत खूबसूरत हो भाभी, आप पर से मेरी नजर ही नहीं हट रही थी.
भाभी- अच्छा … लगता है मौसी से बोल कर आपकी शादी करवानी पड़ेगी.
मैं हंस दिया और मैंने कह दिया- भाभी आप जैसी कोई सुन्दर मिलेगी, तो जरूर आप मम्मी से बात कर लेना.
वो भी हंस दीं.
ऐसे ही हम दोनों नॉर्मल हंसी मजाक करते रहे.
मैं बहुत देर तक उन्हें पटाने की कोशिश करता रहा … क्योंकि मैं समझ गया था कि भाभी जल्दी ही मेरे लंड के नीचे होंगी.
अब रोज ही भाभी से बात होने लगी थी. हम दोनों कुछ ज्यादा ही खुलने लगे थे.
एक रात में ही मैंने भाभी से कुछ ज्यादा ही खुल कर बातें कर लीं … क्योंकि ज्यादा गोल गोल घुमाना मुझे भी पसंद नहीं था. उधर वो भी प्यासी थीं. पर एक दिन में ही सब हो जाए, इतनी जल्दी भी सही नहीं था. मैंने हंसी मजाक करके और उन्हें फील करवाके अपनी मुठ मार के सो गया.
उस दिन भाभी भी कुछ गरमा गई थीं.
ऐसे ही कुछ दिन हमारी बातें हुईं. हमारी बातों में, हम दोनों प्यासे हैं, ये बात दोनों को समझ आ गई थी, बस जरूरत थी कि सही समय मिले.
चूंकि भाभी एक जॉइंट फैमिली में रहती हैं, तो हम दोनों को सही समय नहीं मिल पा रहा था.
फिर एक दिन उनसे मैंने व्हाट्सैप पर फ़ोन सेक्स किया. वीडियो काल पर मैंने उन्हें अपना खड़ा लंड दिखाया और उनकी चूत और गांड को पूरी तरह से नंगी करवा कर लंड हिलाया.
उस दिन भाभी मुझसे चुदने के लिए मरी जा रही थीं.
हम दोनों ने फोन सेक्स से ख़ूब मज़े किए और दोनों झड़ गए. भाभी अपनी चूत में उंगली करके झड़ गईं और मैं लंड हिला कर.
अब हम दोनों को चुदाई की जरूरत थी.
फिर अगले दिन उनसे पूरे दिन बात नहीं हुई … न उनकी कॉल आई, न मैंने की. क्योंकि मैं अपने काम में बिजी था.
उस दिन शाम को 7 बजे भाभी की कॉल आई, तब मैं घर से बाहर ही था. मैं उनसे बात करने लगा.
भाभी ने बोला- आज घर पर कोई नहीं है … और तुम एक घंटे बाद आज ही आ जाओ.
ये सुन कर तो मेरा लंड और मैं दोनों खुश हो गए.
मैं बोला- ओके रानी तुम तैयार रहो … आज तीनों छेदों का रास्ता साफ कर दूँगा.
भाभी वासना से बोलीं- मैं तो कब से तैयार हूं राजा … जल्दी से आजा … बस अब बजा दे अपनी रानी का बाजा.
मैं बोला- ठीक है आप तैयार रहो, अभी 7 बजे हैं, मैं घर में बहाना बना कर अभी आया.
भाभी बोलीं- सब तैयारी कर ली है जान … एकदम सफाचट पिच है … बस लंड की बैटिंग की जरूरत है.
मैं बोला- ठीक है मेरी जान अभी आया. आज छक्के ही छक्के उड़ाऊंगा.
भाभी हंस दीं.
फिर मैं घर गया और मैंने मम्मी को बोला- मम्मी आज मेरे दोस्त की एक पार्टी है. मैं खाना वहीं खाऊंगा और काम है … तो मुझे वहीं रुकना पड़ेगा.
मुझे जन्नत जैसा मजा आने लगा.
मैं भाभी की चूत को लगभग खाने लगा था. मैं भाभी जी की चूत का दीवाना हो गया. भाभी भी मेरा सर अपनी चूत पर दबाने लगी थीं. वो मुझे ऐसे खींच रही थीं, जैसे अपनी चूत में घुसा ही लेंगी.
तभी उन्होंने अपनी चूत का रस मेरे मुँह में भर दिया, जिसे मैं पूरा पी गया. मैं भी भाभी के मुँह में लंड के धक्के मारने लगा और झड़ गया. भाभी भी मेरा रस पी गईं.
फिर मैं उठा और भाभी को अपनी बांहों में लेकर उन्हें फिर से किस करने लगा. हम दोनों के वीर्य का स्वाद अब हम दोनों ले रहे थे.
थोड़ी देर में लंड महाराज सर उठाने लगे. मैं भाभी की चूत पर हाथ फेरने लगा. भाभी की चूत फिर से गीली हो गई थी.
भाभी बोलीं- राजा देखो तुम्हारी रानी कैसे बह रही है, अब देर मत करो जान जल्दी से अपनी रानी का बाजा बजा दो.
ये बोल कर भाभी ने दोनों टांगें ऊपर कर लीं. मैं भाभी की चूत पर लंड रगड़ने लगा. भाभी नीचे से कमर उठाने लगीं … पर मैंने लंड नहीं घुसाया.
भाभी उत्तेजित होते हुए बोलीं- भोसड़ी के … चूत के मजे मत ले … जल्दी से अन्दर डाल दे अपना लंड … मां के लौड़े.
फिर मैं हंस कर बोला- ठीक है मेरी रंडी … ले साली लंड खा.
मैंने एक झटके में ही अपना लंड चूत में घुसा दिया. भाभी काफी टाइम से चुदी नहीं थी, तो उनको थोड़ा दर्द हुआ. तेज सिसकारी निकली और चूत ने लंड को खा लिया.
मैं उनके होंठ चूसने लगा और धक्के लगाने लगा.
अब भाभी को मजा आने लगा. वो मुझे गाली देने लगीं.
मुझे भी चुदाई के समय गाली देने और सुनने में मजा आता है.
भाभी गांड उठाते हुए बोलने लगीं- आह भोसड़ी के चोद … मादरचोद … और तेज चोद … ऐसे ही हां रगड़ दे हरामी … ऐसे ही पेल साले … बड़ा मजा आ रहा है … आंह पूरा अन्दर पेल … ऐसे ही … जान न्ह्ह … मेरे राजा … चोद अपनी चूत रानी को प्यासी है ये. पति के बाद किसी का लंड मिला ही नहीं.
मैं भी जोश में आ गया- ले साली मेरी चूत रानी … ये ले बहनचोदी … ले लंड ले छिनाल … साली रंडी तेरी मां को चोदूं!
मस्त धकापेल चुदाई होने लगी थी. पांच मिनट बाद मैंने भाभी को कुतिया बनाया, फिर पीछे से लंड लगा कर भाभी को चोदने लगा- आह मेरी कुतिया … रांड साली … ये ले लंड खा.
भाभी भी कुतिया की तरह गांड हिला कर साथ देते हुए बोलीं- मेरे कुत्ते राजा … घुसा दे अपनी कुतिया रानी की चूत में अपना लंड … आंह ऐसे ही चोद … हां ऐसे ही जान.
फिर भाभी एकदम से रुक कर लेट गईं और बोलीं- अब चोदो.
मैं फिर से चोदने लगा.
भाभी ने मुझे कसके पकड़ लिया और तेज आवाज करते हुए झड़ गईं. मैं भी तेज़ तेज़ धक्के लगाने लगा.
मैं बोला- बस मेरी जान … मैं आ रहा हूं. रस किधर लेना है?
भाभी बोलीं- अन्दर ही कर दो जान … ज़मीन सूखी पड़ी है.
मैं भाभी की चूत में ही झड़ गया और वहीं भाभी के पास लेट गया.
मैं भाभी जी की चूत का दीवाना हो गया एक बार देवर भाभी की सेक्सी चुदाई करके!
हम दोनों एक दूसरे को बांहों में लेकर बातें करने लगे. उस रात हमने 3 बार चुदाई की पर मैं भाभी की गांड नहीं मार पाया.
फिर सुबह मैं अपने घर आ गया.
इसके बाद भी मैंने भाभी को चोदा, पर वो फिर कभी लिखूंगा.
दोस्तों ऐसे कई किस्से मेरी जिन्दगी में हुए हैं … आप मुझे मेल करके बताएं कि आपको मेरी देवर भाभी की सेक्सी चुदाई कहानी कैसी लगी.
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