हेलो दोस्तों मेरा नाम जय और में 30 साल का हु।
में कहानी सुना रहा हु 5 साल पहले कीजब मेरी शादी होने वाली थी तब की।
हम गांव में रहते हे और मेरे परिवार में दादा दादी और चाचा चाची हे मेरे मम्मी पापा नहीं हे मेरे दादाजी के पास बहुत पैसे हे बहुत सारे खेत.
मेरी कुछ ही दिन में शादी होने वाली है और वो भी 2 पत्नी आने वाली है क्योंकि की जब मुझे देखनी के लिए तब दो बहने मुझसे शादी करने के लिए तैयार हो गई और मेरे ससुर ने दादाजी को कहा मेरी दोनों लड़की को आपका लड़का पसंद आ रहा हे .
मेरे दादाजी ने भी कहा दिया कि दोनों से शादी करा लो वो मान गई क्यूंकि हमारे पास बहुत पैसे थे।
मरी शादी के पंद्रह दिन के पहले की बात के जब मुझे मेरे दादी और दादाजी ने बुलाया और कहा कि तुम्हार सेक्स टाइम कितना हे दादाजी को पता था कि में खेत में काम करने वाली मजदूर की लड़की यो के साथ पैसे देके सेक्स करते हु।
मैने बताया कि 15 मिनट मुझे दादाजी ने कहा कि तुम्हारी अब दो पत्नी आने वाली हे तो ये नहीं चलेगा तुम पावर बढ़ानी होगी और अपना औजार भी मुझे एक जड़ी बूटियों से बनी दवाएं दी तेल भी दिया।
और कहा कि तू रो रातको खा लेना ओर तेल औजार पे लगाना तुम्हारे चाची को बोलना कामवाली बाई तुम तेल लगाना सिखाए ।
मैने कहा ठीक है।
मुझे पता था कि दादा दादी इसका इस्तेमाल करके रो एक घंटे तक सेक्स करते हे में चाचा चाची भी इस तरह करते है।
रात हो गई और में खाना खाया और दवाई खा ली और चाची को बुलाया तो चाची ने बताया कि तू इसे दो घंटे तक नहीं थको हे और चाची मेरी फ्रेंड जैसी थी चाची ने कहा कि हमारे घर में कामवाली से मैने बोल दिया हे।
वो आ जाएगी और मुझे अभी जाना है तुम्हारे चाचा को आराम देना हे मैने कहा ठीक है
थोड़ी देर बाद वो कामवाली बाईं आई और मेरी पैंट निकली अंडरवेर निकली और तेल की मसाज करने मसाज करते करते वो नंगी हुईं और मेरे लंड पे बैठ कर अपनी चूत में लंड लेके ऊपर नीचे होने लगी और करीब एक घंटे तक चुदाई चली ना में कुछ बोल ना कुछ वो बोली। जाते टाइम बोली अब से तुम खुद करना मसाज क्योंकि तुम्हारी शादी होने वाली ओर तुम अपनी ताकत बचाके रखना चली गई।
में समझ गया कि हमारे चाची ने समझा के भेजी होगी .
केवल 15 दिन में मेरा लंड 12 इंच का ही गया मेरी शादी हो गई और मेरी दो पत्नी भी आ गई और हमारे में रिवाज हे कि शादी की दूसरी रात सुहागरात मनाई जाती हे।
शादी के रात हम पास नहीं सोते ।
अब दुसर दिन की रात हुई मेरा कमरा सजा दिया था।
मेरी दोनों पत्नी या रूम में सज के बैठी थी में रूम में गया तो पीछे से चाची दुद लेके आ गई मुझे कान मे कहा कि आराम पहली बार हे इनका।
एक का नाम रानी था और दुशरी का नाम पूजा था दोनों सजी हुई पलंग पे बैठे थी मैने रूम का दरवाज बंद किया और पलंग पर बैठे ।
मने कहा कि तुम दोनों की आज सुहागरात हे तो तू आज शे मेरी हो जाओगी तुम दोनों मेरी लिए एक सामन हो ।
पूजा – हम आज से आपकी हुई और आज हमको कच्ची कली से पका फूल बना दो।
रानी – हा पति देव.
में – चलो ठीक हे तुम अपने पूरे कपड़े निकल दो ।
उस दोनों फिगर 38-32-40 है।
दोनों ने अपने अपने कपड़े निकले मैने भी निकल दिये
मेरा लंड दो नो चौक गई
पूजा – इतना बड़ा हमसे नहीं लिया जाएगा हमारी चूत नहीं स पायेगी
रानी – ये तो बहुत बड़ा है।
में – ये तुम दोनों के लिए ही हे और तुम्हे ही लेना हे चलो पहले कौन आएगा
पूजा – में छोटी हु इसलिए पहले रानी आएगी कल
में – कल क्यों आज ही पर अब पहले तुम ओगी
रानी तुम देखो तुम्हारी बारी थोड़ी देर बाद तुम सोफे पे जाके बैठ जा।
रानी – ठीक है पति देव।
मरे लंड भी बहुत बड़ा तो टाइट ही गए था।
अब मुझसे ज़्यादा इंतज़ार नहीं हो रहा था, मेरा सब्रा टूट रहा था। पूजा को मैंने उसको अपनी तरफ घुमाया, और उसको किस करना शुरू कर दिया। उसकी आंखें बंद थीं, और वो भी मेरा साथ देने लगी।
मैं उसके ऊपर आ गया, और उसकी क्लीवेज का मजा लेने लगा। वो भी मुझे अपनी बाहो में कस रही थी। फिर मैंने उसकी ब्रा को नीचे करके उसके दोनों बूब्स को बाहर निकाल लिए। मैं भी अब अपनी पत्नी के साथ सुहागरात का मजा लेने लगा।
जब मैं उसके निपल्स चुमने लगा, तो उसने कामुक आहें भरनी शुरू कर दी। आहहह अहह अह्ह्ह की सिसकिया लेने लगी। फिर मैं नीचे गया, और उसकी कमर को चूमता हुआ उसकी जाँघों पर पहुँच गया।
और कुंवारी चूत मेरे सामने थी। मैंने उसकी जाँघों को चाटना और काटना शुरू कर दिया। फ़िर मैं उसकी ख़ूबसूरत गुलाबी चूत पर पाहुंचा।
सुहाग-रात की वजह से उसकी चूत बिल्कुल साफ थी। उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं था, और वो बिल्कुल आइसक्रीम की तरह लग रही थी।
मैंने बिना समय बर्बाद किये उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। वो मेरे सर को अपनी चूत में दबा रही थी, और उसकी चूत धड़ाधड़ पानी छोड़ रही थी।
मैं उसकी छाती के ऊपर बैठ गया, और उसके रसीले होठों पर अपना लंड रगड़ने लग गया।
फिर जैसे ही उसने मुँह खोला, तो मैंने अपना आधा लंड उसके मुँह में घुसा दिया । अब मैं उसके मुँह में अपना लंड अंदर बाहर कर रहा था, और वो आँखें बंद करके मेरा लंड मजे से चूस रही थी।
शायद उसे भी बहुत मजा आने लगा था इसलिए वो भी चुपचाप मेरा मोटा लंड अपने मुँह में लेकर मजे से चूसने लगी। फिर मैंने लंड उसके मुँह से बाहर निकाल लिया, और मैं उसकी टांगो के बीच आ गया।
उसने अपनी टाँगे फैलाकर रखी थी, मैंने अपना लण्ड अंदर डालने की कोशिश की लेकिन कुंवारी चूत होने की वजह से मेरा लंड उसकी
टाइट बुर में नहीं घुस रहा था।
उसने मेरे लंड को अपने हाथों से पकड़ कर उसकी योनि पर रखा ।
मैंने एक झटका दिया और लण्ड का टोपा उसकी बुर में घुस गया और वो चिल्ला उठी।
थोड़ी देर बाद में एक जोरदार झटका फिर मारा और मेरा लगभग आधा लंड उसकी टाइट चूत में घुस गया।
और वो चिल्लाने लगी, उसकी आँखों से आँसू आ गये और गिड़गिड़ाने लगी- प्लीज़ निकाल लो, मुझे नहीं चुदवाना! बहुत दर्द हो
रहा है।
मैं- थोड़ी धीरज रखो पूजा, बाद में बड़ा मज़ा आएगा।
पूजा – नहीं निकालो प्लीज
में – अभी तक मेरा आधा ही लंड अन्दर घुसा है
अभी मेरा पूरा घुसे गा तुम मेरी पत्नी हो ये तो सहना ही पड़ेगा ना।
खून निकलने लगा था। लंड मेरे गाढे लाल खून से रंग गया
मैंने उसे उसी पोज़िशन में रख कर बूब्स दबाए और चुम्बन करता रहा और हाथ से उसकी क्लाइटॉरिस को चुटकी में लेकर मसल दिया।
मैंने बिना समय बर्बाद किये उसकी चूत को चाटना शुरू कर दिया। वो मेरे सर को अपनी चूत में दबा रही थी, और उसकी चूत धड़ाधड़ पानी छोड़ रही थी।
मैं उसकी छाती के ऊपर बैठ गया, और उसके रसीले होठों पर अपना लंड रगड़ने लग गया।
फिर जैसे ही उसने मुँह खोला, तो मैंने अपना आधा लंड उसके मुँह में घुसा दिया । अब मैं उसके मुँह में अपना लंड अंदर बाहर कर रहा था, और वो आँखें बंद करके मेरा लंड मजे से चूस रही थी।
शायद उसे भी बहुत मजा आने लगा था इसलिए वो भी चुपचाप मेरा मोटा लंड अपने मुँह में लेकर मजे से चूसने लगी। फिर मैंने लंड उसके मुँह से बाहर निकाल लिया, और मैं उसकी टांगो के बीच आ गया।
उसने अपनी टाँगे फैलाकर रखी थी, मैंने अपना लण्ड अंदर डालने की कोशिश की लेकिन कुंवारी चूत होने की वजह से मेरा लंड उसकी
टाइट बुर में नहीं घुस रहा था।
उसने मेरे लंड को अपने हाथों से पकड़ कर उसकी योनि पर रखा ।
मैंने एक झटका दिया और लण्ड का टोपा उसकी बुर में घुस गया और वो चिल्ला उठी।
थोड़ी देर बाद में एक जोरदार झटका फिर मारा और मेरा लगभग आधा लंड उसकी टाइट चूत में घुस गया।
और वो चिल्लाने लगी, उसकी आँखों से आँसू आ गये और गिड़गिड़ाने लगी- प्लीज़ निकाल लो, मुझे नहीं चुदवाना! बहुत दर्द हो
रहा है।
मैं- थोड़ी धीरज रखो पूजा, बाद में बड़ा मज़ा आएगा।
पूजा – नहीं निकालो प्लीज
में – अभी तक मेरा आधा ही लंड अन्दर घुसा है
अभी मेरा पूरा घुसे गा तुम मेरी पत्नी हो ये तो सहना ही पड़ेगा ना।
खून निकलने लगा था। लंड मेरे गाढे लाल खून से रंग गया
मैंने उसे उसी पोज़िशन में रख कर बूब्स दबाए और चुम्बन करता रहा और हाथ से उसकी क्लाइटॉरिस को चुटकी में लेकर मसल दिया।
अपना लंड चूत के मुंह पर लगाकर एक जोर का धक्का मारा.
पूजा
मुंह से एक लंबी दर्द भरी चीख निकल गई- आह ओह ईईई ऊऊच ऊं … उई मां मर गई … आह ओह ईईई … ऊऊऊ!
मेरा लंड पूजा की चूत को फाड़ता हुआ अंदर घुस चुका था.
लेकिन मैने चीखों पर ध्यान ना देकर ताबड़तोड़ तगड़े धक्के लगाकर अपना लंबा मोटा फौलादी लंड चूत में जड़ तक पहुंचा दिया.
पूजा की आंखों में आंसू आ गए दर्द के कारण … पूजा चूत से खून की धार छूट गयी थी.
दर्द के मारे मैं अपना सर इधर उधर पटकने लगी थी.
पूजा जोर जोर से दर्द भरी चीखें निकल रही थी- आह हहह उई मां मरर गई … आह ओह … ईईई ऊऊऊ … ऊचच चचच … उममह ममम … आह हहह … उई मां!
में ताबड़तोड़ धक्के मार मार कर पूजा की चूत के चीथड़े उड़ा रहा था.
मेरा लौड़ा हर धक्के पर पूजा की बच्चेदानी में जा रहा था.
पूजा ने एक हाथ मैंने अपनी चूत पर लगा कर देखा तो मेरा पूरा लंड मेरी चूत में तेजी से अंदर बाहर हो रहा था.
पूजा ने चूत पर और मेरा लंड पर उंगलियां लगाई तो पूजा के हाथ पर काफी सारा खून लग गया था.
पूजा समझ गई कि अपने लंबे मोटे फौलादी लंड से मेरी सील तोड़ दी. इस कारण मेरी चूत से काफी खून निकल रहा था.
तभी पूजा की चूत ने पानी छोड़ दिया और पूजा को दर्द के बजाए आनन्द आने लगा था.
मैने करीब बहुत चुदाय की ओर में करीब 45 मिनट बाद मैने बोला कहा पे पानी निकालू तो कुछ नहीं बोली क्यों कि हालत बहुत खराब हो गई थी वो 8-9 बार जड़ गई होगी ।
बस फच फच फचाक फचाक की आवाज से कमरा गूंजने लगा.
कुछ समय बाद झड़ने को हुआ और उसने अपना सारा वीर्य पूजा की बुर में डाल दिया.
वह वीर्य पूजा की चूत के पानी से मिलकर बाहर बहने लगा. वो इसे ही पड़ी थी मैने उसको उठाया और सोफे से रानी को हटने को बोला और मैने सोफे पे सुला लिया नंगी ही।
रानी अब तुम्हारी बारी जैसे ही पास आई मैने उसे खींच कर बेड पर गिरा दिया इसके में चूमा चाटी करने लगा चूमा चाटू करते करते मैने सारे कपड़े रानी के उतार दिए।
मैने रानी को अपना मुँह डाल कर चूसने चाटने लगा.
मेरी वासना मेरे ऊपर पूर्ण रूप से हावी हो चुकी थी और मैंने उसकी एक चूची को अपने मुँह में लेकर जोर से काट ली.
उसकी मदभरी सिसकारी निकल गई- आह प्यार से काटो न!
यह सुन कर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसे पीछे पलट दिया और अपनी छाती उसकी पीठ से सटा दी.
चूंचियो के निप्पल को पकड़ पकड़ कर खीचते हुए रानी को गर्म कर रहे था। रानी “……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….” की सिकरिया भर रही थी
अपना मुह रानी की गोरी गोरी चूंचियो के काले काले निप्पल पर लगा दिया। विलास बछड़े की तरह निप्पल को खींच खींच कर दूध पी रहा था।
कुछ देर तक पीने के बाद
अपना लंड चूसने कहा
बोली- “आज नहीं। ये सब कल से किया जायेगा”.
सर पकड़ कर अपने लंड को रगड़ने लगा ।
अपना लण्ड अन्दर करके मे चुसाना शुरू कर दिया
उसको लंड मुह में रख कर बहुत बुरा लग रहा था।
मैने मुंह में से बाहर निकला और दोनों पैर को उठाकर लंड चूत के मुंह पर रखा और एक जोर का धका दिया लंड चूत के अंदर ओर रानी जोर जोर से “आआआअ ह्हह् हह …..ईईईईईईई….ओह्ह्ह्….अई. .अई..अई…..अई..मम्मी….” चिल्लाने लगी। उनके लंड का टोपा म चूत में जाकर फंस गया।
में धक्का मार मार कर रानी की चूत में डाल डाल कर निकालने लगे। दर्द से तड़प रही थी। लेकिन मुझे कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। चूत की फडाई में लगे हुए थे। रानी का लग रहा था। किसी ने लोहे का मोटा रॉड गर्म करके चूत में डाल दिया हो।
रानी चूत की दर्द को भूल कर चुदाई करवा रही थी। अचानक में मोटा काला लंड रानी की चूत में हलचल मचाने लगा। में रानी को किसी कुत्ते की तरह जल्दी जल्दी चोदने लगे। सैयां जी की ट्रेन ने स्पीड पकड़ ली थी। में ब्रेक मारने का नाम ही नहीं ले रहे थे।
खून से मेरा लंड पूरा लाल हो गया था और में पूरे जो से चूदाई कर रहा था वो अभी तक 2 बार पानी निकल चुकी थी
मेरी स्पीड की रगड़ से मै बहुत परेशान हो गई थी। दर्द से “उ उ उ उ उ……अ अ अ अ अ आ आ आ आ… सी सी सी सी….. ऊँ— ऊँ… ऊँ….” की आवाज के साथ अपनी चूत फड़वा रही थी। रानी की चूत का दर्द धीरे धीरे कम होने लगा। रानी मुझे महसूस करने लगी थी ।
5 मिनट बाद फिर जड़ गई अब माना करने लगी थी।
रानी – अब छोड़ दोना कल कर लेना आज इतना ही बहुत दर्द हो रहा हे
में – देख तुम्हारी बहन पूजने भी सहन किया है तुमसे छोटी हो तो भी बस थोड़ी देर ओर
रानी – नहीं रुक जाओ
में – में तुम्हारा पति हू तुम मेरी बात मानी होगी
वो ऐश ही पड़ी रही ओर में करीब 30 मिनट बाद पानी उसकी चूत में ही छोड़ दिया।
रानी की हालत बहुत खराब हो गई थी मैने खून साफ किया दोनों बहन का और नंगे ही हम तीनों सो गई।
में सुबह 8 बजे उठा और पूजा रानी को उठाया और कपड़े पहनने को बोला वो दोनों ठीक से चल भा नहीं पा रही थी।
में रूम में से बाहर आ गया
चाची – कैसी गई तुम्हारी सुहागरात।
में – पूजा और रानी को पूछो जाके
चाची – हालत खराब कर दी हे तू चिंता करो में दवाई दे देती हु रात तक ठीक हो जाएगी
में – ठीक हे
दादी ने रानी और पूजा के पास गई वो दोनों चल नहीं पा रही थी तो दादी ने गर्म पानी कर के दोनों को नहलाया और दर्द की दवा दे दी।
उस दिन की चुदाई ने तो सब यादगार बना दिया।
Leave a Reply