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  • दिव्या मामी को सुहागरात की तरह चोदा

    हैल्लो दोस्तों आप सभी आंटी, दीदी, भाभी और लड़कियों के लिए में अभी यहाँ पर नया आया हूँ तो प्लीज आप सभी मेरा थोड़ा ख्याल रखना। अब में आप सभी को थोड़ा बहुत अपने बारे में बताता हूँ, दोस्तों में 33 साल का एक नौजवान लड़का हूँ और अभी तक कुंवारा हूँ मेरा नाम राज है और में आगरा का रहने वाला हूँ, मेरी हाईट 5 फीट 8 इंच है मेरा रंग गोरा है और मेरा लंड 7.5 इंच लंबा है और 3.5 इंच मोटा भी है। दोस्तों में हमेशा से ही नाभि का बहुत दिवाना हूँ मुझे गहरी और लम्बी नाभि बहुत पसंद है, नाभि इतनी बड़ी हो कि उसमे नींबू पूरा आ जाए फिर चाहे वो नाभि किसी लड़की, आंटी, भाभी और दीदी किसी की ही क्यों ना हो मुझे बहुत अच्छी लगती है। मुझे उसे चूसने को, चाटने को, काटने को, देखने को, इतना दिल करता है कि बस में नाभि के पास ही बैठा रहूँ, तो यह था मेरा पूरा परिचय और अब में अपनी कहानी पर आता हूँ यह मेरी चोद्काम डॉट कॉम पर पहली कहानी है जो कि करीब दस साल पहले की है यानी कि 2003 की तब मेरी उम्र 23 साल थी में उस समय अपनी पढ़ाई करने चंडीगढ़ अपने मामा के घर पर गया हुआ था क्योंकि आगरा के कुछ दोस्तों के साथ मेरी उस समय लड़ाई झगड़े हो गये थे इसलिए पापा ने मुझे चंडीगढ़ पढ़ाई करने भेज दिया था।
    दोस्तों में अपने मामा के पास पहली बार गया था और मैंने मामा और मामी को पहली बार देखा था। में 10 जून 2003 को चंडीगढ़ के लिए निकल पड़ा और 11 जून 2003 की सुबह में चंडीगढ़ पहुंच गया। वहाँ पर मामा ने अपने ड्राइवर को गाड़ी से मुझे घर पर लाने के लिए भेज दिया था, ड्राइवर ने मुझे अपने साथ में लिया और घर की तरफ निकल पड़ा में जैसे ही घर पर पहुंचा तो मेरी मामी बाहर आई और मुझसे बोली कि वहीं पर रुक जाओ। तो में वहीं पर रुक गया और वो एक आरती की थाली लेकर आई और उन्होंने मेरी आरती की और बोली कि हाँ अब अंदर आ जाओ। दोस्तों मेरी मामी का नाम दिव्या है और उनकी उम्र 35 साल है उनका रंग गोरा है और बदन बहुत सेक्सी है और उनके फिगर का साईज 36-30-32 था। दोस्तों मेरी मामी का फिगर बिल्कुल वैसा था जैसा में चाहता था। तभी अचानक जैसे ही मामी अंदर की तरफ बड़ी तो उनकी कमर पर लगा चाबी का गुच्छा निकलकर नीचे गिर गया और मामी उस गुच्छे को जैसे ही उठाने के लिए नीचे झुकी तो मुझे उनके बूब्स दिख गये। वाह दोस्तों क्या बूब्स थे एकदम गोरे और बड़े जैसे पका हुआ पपीता हो, लेकिन जब वो चाबी उठाकर उठी तब उनके पेट से साड़ी हट गई और मैंने उनकी नाभि को देख लिया उनकी नाभि करीब दो इंच गहरी और तीन इंच लंबी एकदम गोल थी और उसे देखकर मेरा लंड धीरे धीरे टाईट होने लगा। मुझे ऐसा लग रहा था कि मामी अपनी नाभि रोज़ मामा के लंड से चुदवाती है।

    फिर में नज़र नीचे करके अंदर चला गया, मामी बोली कि तुम बैठ जाओ में तुम्हारे लिए नाश्ता लाती हूँ मैंने उनसे पूछा कि मामा कहाँ है? तो मामी ने मुझे बताया कि मामा किसी काम के सिलसिले में दुबई गए हुए है और एक महीने बाद लोटेंगे। अब मैंने जैसे ही उनके मुहं से यह सब सुना मेरे मुहं में पानी आ गया में सोचने लगा कि में मामी को जरुर पटाउंगा और फिर शाम हुई और रात भी हो गई तो में उस समय अपने कमरे में था तो मामी ने आवाज़ लगाई कि राजा आ जाओ खाना खा लो, में अंदर गया और मैंने देखा कि मामी ने जीन्स और टॉप पहन रखा था वो टॉप एकदम टाईट था जिसमे से बूब्स बाहर आने को तड़प रहे थे और ब्रा की डोरी साफ साफ दिख रही थी और वो जीन्स मामी ने नाभि से करीब पांच इंच नीचे पहनी हुई थी जिससे नाभि साफ साफ दिखे, मुझे लगा कि शायद मामी को पता लग गया है कि में उनकी नाभि को देखना पसंद करता हूँ और जब में उनकी नाभि देख रहा था तो उन्होंने मुझे यह सब करते हुए देख लिया था और फिर हम लोग खाना खाने लगे और खाना खाने के बाद में अपने कमरे में चला गया। फिर रात को करीब 9 बजे मामी के कमरे में से आवाज़ आई कि राजा यहाँ आओ। तो में उनके कमरे के अंदर चला गया और मैंने देखा कि मामी ने उस समय मेक्सी पहन रखी थी और वो भी पूरी जालीदार जिसमे उनकी स्टाइलिश ब्रा और पेंटी साफ साफ नज़र आ रही थी। फिर मामी मुझसे मुस्कुराकर बोली कि दूर से देखते रहोगे क्या आओ राजा यहाँ पर बैठो।

    फिर मैंने पूछा कि जी मामी आपने मुझे क्यों बुलाया? मामी बोली कि मुझे अकेले सोने में बहुत डर लग रहा था तो मैंने सोचा कि तुम भी यहीं पर सो जाओ तो मुझे भी डर कम लगेगा और तुम्हे भी अच्छी नींद आ जाएगी। तो मैंने कहा कि ठीक है में सोफे पर सो जाता हूँ, तभी वो बोली कि अरे नहीं तुम मेरे पास यहीं बेड पर सो जाओ, तो मैंने कहा कि नहीं और फिर वो बोली कि लेकिन क्यों नहीं तुम मेरे पास क्यों नहीं सो सकते? तो मैंने कहा कि जी सो सकता हूँ। तो वो बोली कि फिर तुम अब ज्यादा सोचो मत और में उनके सो गया। तभी मामी मुझसे पूछने लगी कि क्यों सो गये? में बोला कि नहीं, तो मामी बोली कि कुछ अपने बारे में बताओ ना तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है या नहीं? में बोला कि नहीं मामी मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है। तो मामी बोली कि तुमने क्या कभी सेक्स भी नहीं किया है? क्या मामी आप मुझसे यह क्या पूछ रही हो? तो वो बोली कि हाँ मैंने तुमसे पूछा कि तुमने कभी सेक्स किया है कि नहीं? क्या तुम करना चाहोगे? तो मैंने पूछा कि किसके साथ? मामी बोली कि मेरे साथ, में बोला कि नहीं में आपके साथ यह सब कैसे कर सकता हूँ? तो वो बोली कि क्यों नहीं कर सकते? सुबह और अभी बाहर मेरी नाभि और बूब्स को तो तुम बहुत घूरकर देख रहे थे क्या तब तुम्हारे मन में सेक्स की भावना नहीं आ रही थी? दोस्तों मैंने सोचा कि यह एक बहुत अच्छा मौका है हाथ से मत जाने दो। तभी मैंने कहा कि लेकिन मेरी एक शर्त है कि में आपको शादी के जोड़े में सुहागरात की तरह चोदना चाहता हूँ। तो मामी बोली कि बहुत अच्छे, मुझे यह सुनकर बहुत अच्छा लगा, तुम बहुत सेक्सी हो में एक घंटे में तैयार होकर तुम्हे अंदर बुलाती हूँ।

    फिर मामी ने तैयार होकर मुझे आवाज़ लगाई आ जाओ जी में जब अंदर गया तो उन्होंने मेरे पैर छुए और मुझसे बोली कि तुम मेरी माँग भरो तब में तुम्हे सुहागरात मनाने दूँगी। अब में बोला कि ठीक है और मैंने उनकी माँग भर दी और फिर मैंने मामी को बिस्तर पर लेटा दिया मैंने देखा कि मामी ने लहंगा पहन रखा है और वो भी पीछे से पूरा खुला हुआ और पीछे सिर्फ़ दो डोरी से चोली बंधी हुई थी और ब्रा नहीं पहनी थी और चोली में से बहुत हद तक बूब्स बाहर आ रहे थे और जब मैंने नीचे की तरफ देखा तो उनका लहंगा नाभि से 6 इंच नीचे बंधा हुआ था चूत से थोड़ा ही उपर यह सब देखने में बहुत सेक्सी था और उससे भी कहीं ज्यादा सेक्सी लग रही थी उनकी गहरी नाभि जो कि अब उनके लेटे हुए होने की वजह से और भी गहरी हो गई थी। फिर मैंने पूछा कि मामी आपकी नाभि इतनी गहरी कैसे हुई? सबसे पहले तो मामी बोली कि मुझे तुम अब मामी मत बोलो, मुझे सिर्फ दिव्या बोलो और आप नहीं तुम या तू बोलो ठीक है। तो मैंने कहा कि ठीक है और फिर दिव्या बोली कि तुम्हारे मामा मेरी नाभि रोज़ चूसते चाटते और चोदते है तो फिर यह बड़ी क्यों नहीं होगी? दिव्या बोली कि तुम्हे मेरी नाभि क्यों पसंद है? तो मैंने कहा कि क्योंकि तुम्हारी नाभि बहुत बड़ी है और मुझे ठीक ऐसी ही नाभि बहुत पसंद है। फिर वो बोली कि पसंद है तो कुछ करो ना जानू, क्यों अब किस बात की देर है? तो दोस्तों जैसे ही मामी ने मुझे हुक्म दिया और मैंने उनकी नाभि को चाटना शुरू कर दिया में अब उनकी नाभि चाट रहा था तो मामी के मुहं से सेक्सी आवाज़ आना शुरू हो गई इसस्स्सस्स आअहह उूुुुईईईईईईई मर गई थोड़ा जीभ और अंदर करो ना आह्ह्हह्ह्ह्ह मज़ा आ रहा है, नाभि कहाँ से चूसना सीखा तुमने? तो मैंने कहा कि कहीं से नहीं आपको देखकर अपने आप नाभि चूसने का मन करने लगा। तो वो बोली कि क्या मेरी नाभि इतनी सेक्सी है? मैंने कहा कि हाँ मेरी रानी तेरी नाभि बहुत सेक्सी है। तो वो बोली कि तो थोड़ा और चूस ना, चूस चूसकर इसे लाल कर दो मेरे जानू और फिर मैंने नाभि को काटना शुरू किया, हल्के हल्के मामी के मुहं से आवाज़ आ रही थी हाँ और तेज जानू आहह्ह्ह् उहहह और तेज़।

    फिर वो बोली कि ज़रा मेरी नाभि में उंगली घुमाओ ना और फिर जैसे ही मैंने उंगली डाली मामी बोली कि हाँ और वो मेरी ऊँगली को पकड़ कर और अंदर ले गई और उंगली को नाभि में कसकर जकड़ लिया और मामी बोली कि कोई और दूसरे तरीके से नाभि का मज़ा दो ना। फिर मैंने कहा कि ठीक है फिर मैंने उनकी नाभि में एक चोकलेट खड़ी कर दी और फिर उसे खाता गया और जैसे ही में नाभि के पास पहुंचा वैसे ही नाभि को भी मुहं में भरा और काटने लगा, मामी बोली ऊहहह्ह्ह अह्ह्ह्ह कितना मज़ा आ रहा है जानू उूईईईईइ माँ मरी। फिर मैंने मामी को पलट कर उल्टा कर दिया और उनकी पीठ पर चूमने लगा मामी मुझसे बोली कि चूमो ना जानू और फिर मैंने उनकी पीछे से खुली हुई चोली की दोनों डोरी को खोल दिया और अब चोली को बाहर निकाल दिया ऊओफफफफफ्फ़ वाह क्या बूब्स थे मामी के एकदम बड़े और कसे हुए एकदम गोल, में आखें बन्द करके उन पर टूट पड़ा और उनके बूब्स पर और कसकर चूसने लगा। मामी मुझसे हर बार कर रही थी आआह्ह्ह्हहहह और ज़ोर से चूसो ना आईईईईई। दोस्तों फिर में क्या ज़ोर ज़ोर से बूब्स दबा रहा था और जमकर चूस रहा था और मामी सिसकियों के साथ साथ मोनिंग कर रही थी उूउइईईईईईईईईई आआआहह उूउउफफफफफफफ्फ़।
    फिर मैंने मामी का नाड़ा खोला तो मामी शरमा गई। मैंने मामी का लहंगा उतार दिया और मामी को पूरा नंगा कर दिया वो अब मेरे सामने सिर्फ़ पेंटी में थी और वो भी तीन बार गीली हो चुकी थी। फिर जैसे ही मैंने पेंटी उतारी वैसे ही मामी बोली कि नहीं आज चूत नहीं दूँगी आज मेरा मन सिर्फ़ नाभि सेक्स के लिए है और बूब्स दबाओ और पियो दूध निकल दो मेरे बूब्स से नाभि को चोदकर और गहरा कर दो। तो मैंने उनसे कहा कि तुम तो हर तरफ से सेक्सी लगती हो फिर मैंने मामी की नाभि में लंड डाला तो मामी बोली कि मज़ा नहीं आ रहा है और तभी मामी ने मेरा लंड पकड़ा और मेरे लंड पर मुठ मारने लगी और बोल रही थी कि तुम्हारे मामा ने मुझे कभी लंड पर मुठ नहीं मारने दिया और ना ही कभी लंड को मेरे मुहं में डाला। तुम अपना लंड मेरे मुहं में दो ना, में इसे चूसना चाहती हूँ। फिर मैंने कहा कि हाँ लो ना मेरी जान चूसो ज़ोर से चूसो इसे और मामी मेरे लंड को चूस रही थी और मुझसे कह रही थी कि वाह कितना बड़ा है जानू तुम्हारा लंड, तुम्हारे मामा का तो इसका आधा भी नहीं है और ऐसा ही करते करते 20 मिनट तक मामी मेरा लंड चूसती रही और मैंने कहा कि में अब झड़ने वाला हूँ। फिर मामी बोली कि प्लीज मेरे मुहं में ही अपना सारा पानी छोड़ दो मेरे लंड का पानी पीने की बहुत इच्छा थी प्लीज आज उसे तुम पूरा कर दो। फिर मैंने अपना सारा गरम गरम वीर्य उनके मुहं में डाल दिया और वो उसे चूस चूसकर पी गई, लेकिन फिर मेरा लंड सिकुड़कर बहुत छोटा हो गया और में उदास हो गया क्योंकि में अभी तक नाभि को नहीं चोद पाया था। फिर मामी मेरे मन की यह बात समझ गई और वो मेरे लंड पर एक बार फिर से मुठ मारने लगी और लंड को फिर से मुहं में लेकर वो मेरे लंड को खड़ा करने लगी उनके हाथों के स्पर्श से मेरा लंड फिर से लोहे जैसे रोड की तरह खड़ा हो गया और फिर मामी ने कहा कि लो अब इसे जल्दी से डाल दो मेरी गहरी नाभि में और अब मैंने उनकी नाभि में जैसे ही अपना लंड डाला तो मेरा तीन इंच मोटा लंड नाभि में चला गया और मैंने नाभि को चोदना शुरू किया मामी के मुहं से सिसकियों की आवाज़ आ रही थी आह्ह्ह्हह्ह ऊउक्ककच आईईईईईई उईईईईईइ माँ हाँ और तेज़ चोदो मेरी नाभि को। फिर में लगातार नाभि को चोदता रहा और मामी को बहुत मज़ा आ रहा था वो हाँ में और अब रोज़ चुदवाउंगी तुमसे कह रही थी। दोस्तों मुझे लगातार चोदते हुए करीब अब तीस मिनट होने वाले थे और में झड़ने वाला था तो मामी बोली कि सारा वीर्य मेरी नाभि में भर दो। फिर मैंने सारा वीर्य नाभि में भर दिया और फिर मामी ने अपने पूरे पेट की उसी पानी से मालिश की और बोली कि इस पानी से औरत का जिस्म और भी खिल जाता है फिर में लेट गया ।।

  • विधवा मौसी मेरे बाप से चुद गई

    मेरा नाम राजू है. मेरा जन्म उत्तर प्रदेश के एक शहर में हुआ. मेरे परिवार में मेरे माता पिता, मेरी एक सौतेली बहन है और मैं हूं. आज मेरी उम्र 30 साल के लगभग होगी. आज मेरी शादी हो चुकी मेरे बीवी के साथ मेरे अच्छे संबंध हैं और मेरी एक बेटी है.

    मुझको 10 साल पुरानी बात आज भी याद है कि मैं सेक्स प्रति कितना उत्तेजित हुआ करता था. मेरी छुट्टी खत्म होने को थी. मैं रोज़ शाम को दोस्तों के साथ घूमने फिरने के बहाने लड़कियां ताड़ने शहर में घूमा करता था. शाम की चाय और सिगरेट पीना, मुझे आज भी अपने पुराने दिनों की याद दिला देता है.

    ये वाकिया आज से करीब 8 साल पहले का है. मैं कॉलेज की पढ़ाई कर रहा था और इम्तिहान खत्म होने के बाद घर में छुट्टी मनाने के लिए घर आ गया था.घर परिवार में सब लोग खुश थे कि बेटा घर आया है. मेरे आने की ख़ुशी में घर पर पकवान बन रहे थे. उस दिन मेरा काफी खातिरदारी के साथ स्वागत हुआ था. जो लोग कॉलेज में रहे हैं, उन्हें मेरी बात समझ में आती होगी.

    जब शाम को मैं घर पहुंचा, तो पता लगा कि घर में मेहमान आए हुए हैं. मेरी मौसी और मौसा जी आए थे. घर का माहौल कुछ अलग सा था. सब अपनी बातें कर रहे थे.

    मेरी मौसी मुझे अपने पास बुलाकर बोलीं- बेटा कैसे हो … मैंने आज बड़े दिनों के बाद तुमको देखा है … कितना बड़ा हो गया है रे तू.

    कुछ देर बाद मौसा जी का फोन बजा और वो जल्दी से ‘अर्जेंट कॉल है …’ बोलकर बाहर निकल गए. वे अपने ऑफिस के रवाना हो गए. कुछ देर बाद उनकी कंपनी से फोन आया कि उनका एक्सिडेंट हो गया है.

    हम सब हॉस्पिटल के लिए दौड़े … और हमारे वहां पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो चुका था. हम सब एकदम से अवाक थे कि ये क्या हो गया. सभी बेहद दुखी थे. मेरी मौसी और माता जी को रोते हुए देख कर मेरा भी मन खराब हो गया.

    मेरे पिताजी उन दोनों को हौसला देकर चुप करने की कोशिश कर रहे थे. मैंने अपनी छुट्टियां बढ़ा दीं और घर पर रुक गया.

    मौसी अब हमारे घर पर ही थीं. मौसी की कोई औलाद नहीं थी. उनका कोई भी नहीं था, जो उनके लिए कुछ कर सके.

    इसलिए मौसाजी की मृत्यु के बाद वो हमारे साथ ही रहने लगी थीं और हमने भी उनको अपने यहां ही रोकने का फैसला ले लिया था.

    जैसे तैसे दिन काट कर छुट्टियां खत्म हुईं और मैं कॉलेज आ गया.

    इसके 6 महीने बाद ही मैं घर आया. घर में सब लोग नॉर्मल थे. हम सभी एक नई शुरूआत में लग गए.

    दिन यूं ही बीत रहे थे. कुछ दिन बाद मेरे वापस जाने का दिन नजदीक था. मैं अपने पिता के द्वारा गिफ्ट किए गए मोबाइल फोन से बहुत खुश था और उसी फोन में सेक्स कहानी पढ़ रहा था.

    रात को खाना खाने के बाद मैं अपने कमरे में जाकर सोने की तैयारी करने लगा. मेरा कमरा और मेरे माता पिता का कमरा अगल बगल में ही था, जिससे उनके कमरे की कुछ आवाजें मैं आसानी से सुन सकता था.

    देर रात को मैंने कुछ आहट सुनी और मन किया कि सुना जाए क्या बातें चल रही हैं. उनके कमरे से मुझे आज कुछ अजीब सी आवाजें आ रही थीं. मैंने अपने रूम से बाहर निकल कर सुनने की कोशिश की.

    खिड़की की एक झिरी में से कमरे के अन्दर झांक कर देखा कि कमरे में एक छोटा सा बल्ब जल रहा था और कमरे के अन्दर से चाटने की आवाज आ रही थीं. मुझे इधर से कुछ दिखाई नहीं दे रहा था. इसलिए मैंने इधर उधर देखा तो मुझे अपने कमरे में से कॉमन दरवाजे से अन्दर देखना ठीक लगा. मैंने अपने और पापा के कमरे के बीच के दरवाजे में जगह देखी तो मुझे उधर एक बड़ी सी झिरी दिखने लगी. उस झिरी में से मैंने झांक कर देखा तो मैं हैरान रह गया.

    मेरी माँ और मौसी जी लगभग नंगी होकर एक दूसरे को चूमने का प्रयास कर रही थीं और वे दोनों एक दूसरे के ब्लाउज खोल रही थीं.

    इसके आगे का सीन देख कर तो मेरे होश ही उड़ गए. जब मैंने देखा कि पिता नग्न अवस्था में बिस्तर पर लेटे हुए थे. वे अपने लिंग पर उत्तेजक तेल से मालिश कर रहे थे.

    यह सब देख कर मुझे कुछ समझ नहीं आया और मैं अपनी सांसें नियंत्रित करने लगा. कुछ देर बाद मुझे खेल समझ में आया, तो मेरे अन्दर का शैतान भी जाग उठा. मैं अपने फोन को निकाला और चुपचाप उस झिरी में से झांक कर वीडियो रिकार्डिंग करने लगा.

    मैंने वीडियो बनाना ही शुरू किया था कि पिताजी अपने लिंग को सहलाते हुए बोले- लोहा गर्म है … जल्दी से आ जाओ दोनों मेरी पटरानियों … इसका मजा ले लो.

    तभी मेरी मां और मेरी मौसी दोनों ही मेरे पिता की तरफ लपकीं.मेरे पिता ने मौसी को इशारा किया कि वो उनके मुँह पर आकर बैठ जाएं और मेरी मां उनके लिंग की ओर आ जाएं.

    ये सब देखकर मेरा लिंग भी जोर मार रहा था.

    मैंने किसी तरह अपने आप पर कंट्रोल किया और देखा कि मेरी मां ने पिता का लिंग अपने मुँह से चूमना और चूसना शुरू कर दिया. मौसी अपनी योनि को मेरे पिता के मुँह पर रख कर बैठ गईं. मेरे पिता एक पेशेवर जिगोलो के जैसे मौसी की योनि को चूस रहे थे और मौसी अपने वक्षस्थल को मसल रही थीं.

    मेरे पिता ने मौसी की योनि में उंगली डालकर चूसना चालू किया, मौसी भी उनका भरपूर साथ दे रही थीं.

    मुझे अपनी आंखों पर विश्वास नहीं हो रहा था कि मेरे सामने ये सब हो रहा है. मगर मुझे इस खेल में अजीब सा मजा आ रहा था.

    कुछ देर बाद मौसी और मां, दोनों ने अपनी जगह बदल दी. अब मेरी मां पिता जी के मुँह पर जाकर बैठ गईं और अपनी योनि को पिता जी की जीभ से चुदवाने लगीं. दूसरी तरफ मेरी मौसी मेरे पिता के लिंग को हाथ में लेकर हस्तमैथुन करने लगीं. उस समय मेरे पिता की उम्र भी करीब 45 साल रही होगी. वो भी काफी मजबूत शरीर के आदमी थे.

    अब तक पिता जी उत्तेजित हो चुके थे और मेरी मौसी और मां भी गरमा गई थीं. पिता ने मौसी को लिंग को चूत पर सैट करने के लिए कहा.मौसी ने वैसा ही किया; वो पिता जी के लिंग को अपनी योनि में लगा आकर बैठ गईं. पिता जी ने कमर उचका कर लिंग को मौसी की योनि में डाल दिया.

    अब मौसी उनके हथौड़ेनुमा लिंग बैठ कर उछल रही थीं. पूरा कमरा फुच फुच की आवाज से गूंज रहा था. उधर मेरी मां ने अपना मोर्चा संभाल रखा था. वह अपनी योनि से पिता जी के जोश को बांटने की कोशिश कर रही थीं, पर मेरे पिता जी अपने जमाने मशहूर लड़कीबाज थे, वह एक अलग किस्सा है. जो मैं फिर कभी सुनाऊंगा.

    इधर इस सबको देखकर मेरे लिंग में उबाल आ रहा था. मौसी और मां दोनों ने मिलकर पिता के साथ 30 मिनट तक यह कामक्रीड़ा की. फिर पिता जी ने अखिर में उन दोनों के वक्ष स्थलों के ऊपर अपने वीर्य का छिड़काव कर दिया.

    उसके बाद मौसी और मेरी मां एक दूसरे को चाट चाट कर साफ़ करने लगीं. उसके बाद पिताजी ने दोनों को चुंबन किया और उनके कानों में कुछ कहने लगे.

    अब मेरी मां भी झड़ कर थक चुकी थीं. वह बिस्तर पर लेट गईं. मगर मेरे पिता का बड़ा लिंग अब भी जोर मार रहा था. मेरी मौसी ने उसे फिर से सहलाना शुरू कर दिया लिंग के पूरी तरह से खड़े हो जाने के बाद मौसी कंडोम का पैकट निकाल कर फाड़ने लगीं.

    तभी मेरी मां ने कंडोम छीन लिया और कहा- अपने जीजा से कैसा परहेज है तुझे … कंडोम रहने दो और अपनी योनि को राजू के बाप के लिंग से संभोग करवा लो.

    मेरी मौसी बोलीं- दीदी अगर मैं प्रेगनेंट हो गई, तो क्या होगा?तभी मेरे पिता जी ने कहा- तू भी मेरी आधी घरवाली है … पर आज से तू पूरी है.

    पिता ये कहते हुए मौसी का मुँह देखकर हंसने लगे. उसके बाद पिता जी ने मौसी को जमीन पर टांगें रखवा कर पलंग के सहारे से कुतिया जैसा बना दिया और पीछे से आकर मौसी की योनि में लिंग डाल कर कुत्ता कुतिया के जैसे कामक्रीड़ा करने लगे.

    मौसी नीचे से अपनी योनि को सहला कर पिताजी का पूरा साथ दे रही थीं.

    पिता जी का लिंग अन्दर घुसते ही एक बार फिर से कमरा फुच फुच की आवाज़ों से गूंज उठा. पिता जी ने मौसी की योनि के साथ 15 मिनट तक भरपूर कामक्रीड़ा की और अपना वीर्य मौसी की योनि में ही प्रवाहित कर दिया.

    इसके बाद वो तीनों एक पलंग पर नंगे ही लेट गए. मैं भी समझ गया कि अब खेल समाप्त हो गया है. मुझको भी अगले दिन हॉस्टल जाना था. मैं भी अपने लिंग को सहलाता हुआ अपने बिस्तर पर चला गया.मेरे मोबाइल फोन में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई थी.

    अगले दिन सब एकदम सामान्य था और मां मौसी आदि सभी मुझसे सामान्य व्यवहार करने लगे. मैं अब भी रात की उस घटना से स्तब्ध था.

    मेरे पिताजी बोले- चलो बेटा, तुम्हारी ट्रेन का टाइम हो रहा है.

    अपना बैग उठा कर मैं भी घर से निकल गया. मौसी और माता जी मुझको बाल्कनी से बाय बाय कर रही थी.

    मैं चला गया.

    कुछ समय बाद अगले साल छुट्टियां आने को थीं और मैं घर आने को बड़ा उत्तेजित था. मैंने पूरे नौ महीने तक हॉस्टल में रह कर हर दिन घर की उस वीडियो रिकॉर्डिंग को देखा था और मैं हस्तमैथुन कर लिया करता था.

    मगर इस बार घर वापस आते समय मैं एक खुश खबरी से अनजान था.

    जब मैं घर पहुंचा, तो मौसी को वहां पर नहीं देखा. मैंने मां से पूछा- मां मौसी कहां गई हैं?तो मां ने जवाब दिया- वो हॉस्पिटल में एडमिट हैं.

    मुझे लगा कि मौसी कुछ बीमार होंगी. फिर मैंने पिता के बारे पूछा, तो पता लगा कि वो ही मौसी को लेकर गए हैं.

    अब हमें भी हॉस्पिटल जाना होगा. मेरी मां और मैं, दोनों हॉस्पिटल के लिए रवाना हुए. उधर पता लगा कि मौसी प्रसूता वार्ड में हैं. मुझे तब समझ आया कि मौसी अब मेरी सौतेली मां बन चुकी हैं और उन्हें एक बच्ची को जन्म दिया है.

    मैंने मां से पूछा- क्या मैं जान सकता हूँ कि मौसी अब मेरी कौन लगती हैं?मां ने धीरे से कहा कि अब वो भी तेरी मां हैं. उन्होंने पापा से ही इस बच्ची को जन्म दिया है.

    मैं कुछ नहीं बोला और मौसी के पास जाकर उनको मां कह कर बोलने लगा. मेरी मौसी भी मेरी बात से खुश हो गई थीं.

    हालांकि ये पल मेरे लिए सोचने वाले थे, लेकिन दोस्तो, मैं ये समझता था कि बिना पति के मौसी की जिन्दगी जीना दुश्वार था. हो सकता था कि किसी अन्य से अपने जिस्मानी सम्बन्ध बना लेतीं, जो कि शायद हम सभी के लिए बेहद गलत होता. इसलिए मैंने मौसी को अपनी मां ही बना लिया था.

    मेरे पिताजी को भी अब किसी बात का मलाल नहीं था क्योंकि उनको भी मालूम हो गया था कि मैं सब जान गया हूँ.

    दोस्तो, ये मेरे ज़िन्दगी के कुछ ना भूल पाने वाले पल थे, मैं आशा करता हूं कि आपको मेरी ये गरम और सच्ची सेक्स कहानी पसंद आई होगी.