Tag: Mastram Sex Story – मस्तराम की कहानियाँ हिंदी में

  • सुहागरात की चीखें 3

    रिया मायके से चार दिन बाद वापस आई। उसका चेहरा थोड़ा सख्त था, लेकिन आँखों में अब पहले जितना डर नहीं था। अर्जुन एयरपोर्ट पर उसे लेने गया था। घर आते समय कार में दोनों के बीच सन्नाटा था। 

    घर पहुँचकर रिया ने सीधे कहा, 
    “अर्जुन जी… मैंने आपको पहले ही बता दिया था। अगर आपने फिर से जबरदस्ती की, खासकर गांड में, तो मैं चिल्ला दूंगी।” 

    अर्जुन ने सिर हिलाया और नरम स्वर में बोला, 
    “मैं समझ गया हूँ रिया। अब मैं जबरदस्ती नहीं करूंगा। हम दस दिन बाद बाली हनीमून पर जा रहे हैं। तब तक मैं धीरे-धीरे ही करूंगा।” 

    रिया ने बस सिर हिला दिया। 

    दस दिन की नरम सुहागरात

    अगले दस दिन अर्जुन ने सच में अपनी जिद पर काबू रखा। वह रिया को जबरदस्ती नहीं छू रहा था। 

    पहली रात (वापसी की रात)
    अर्जुन ने रिया को बहुत धीरे से चूमा। उसके गाल, गर्दन, होंठ, फिर स्तनों को चूसा। रिया अभी भी थोड़ी紧张 थी। जब अर्जुन ने लंड पर कंडोम चढ़ाकर रिया की चूत पर रखा तो रिया ने कांपते हुए कहा, 
    “धीरे… बहुत धीरे… अभी भी दर्द है…” 

    अर्जुन ने सिर्फ 3 इंच घुसाया। धीरे-धीरे हिलाया। रिया आँखें बंद करके सिसक रही थी, 
    “आह्ह… धीरे… आह्ह… बहुत मोटा है… जलन हो रही है… बस इतना ही…” 

    तीसरी रात
    अर्जुन ने 4 इंच तक घुसाया। रिया अब थोड़ी शांत थी, लेकिन फिर भी नखरे कर रही थी, 
    “आह्ह… और मत घुसाइए… बस… आह्ह… धीरे हिलाइए… मैं सह नहीं पाती तेज…” 

    सातवीं रात
    अर्जुन ने 5 इंच तक घुसाया। इस बार रिया ने खुद थोड़ा कमर हिलाया। लेकिन गांड की बात छेड़ते ही रिया सख्त हो गई, 
    “गांड मत छूना भी… वरना मैं फिर धमकी दूंगी।” 

    अर्जुन ने मजबूरन चुप रहकर चुत में ही 5 इंच तक धीरे-धीरे चोदा। 

    दसवें दिन – शॉपिंग

    हनीमून से एक दिन पहले अर्जुन रिया को शॉपिंग ले गया। 

    पहले कंडोम शॉप गए। अर्जुन ने 200 पीस एक्स्ट्रा लार्ज, अल्ट्रा थिन, रिब्ड और फ्लेवर्ड कंडोम खरीदे। रिया शरमा रही थी। 

    फिर बिकिनी शॉप गए। रिया ने कई बिकिनी ट्राई कीं — लाल, ब्लैक, व्हाइट। अर्जुन ने तीन बहुत sexy बिकिनी खरीदीं, जिनमें से दो तो सिर्फ धागे वाली थीं। रिया ने शरमाते हुए कहा, 
    “ये तो बहुत छोटी हैं… बाली में पहनूंगी तो सब देख लेंगे…” 

    अर्जुन मुस्कुराया, “हनीमून है… पहनना।” 

    बाली पहुंचना

    दस दिन पूरे होने के बाद दोनों प्राइवेट जेट से बाली के लिए रवाना हुए। 

    जब वे बाली के लग्जरी विला में पहुंचे, तो शाम हो चुकी थी। सामने नीला समुद्र, प्राइवेट पूल, और चारों तरफ palm trees। विला बहुत खूबसूरत था। 

    रिया ने बालकनी में खड़े होकर समुद्र देखा। अर्जुन उसके पीछे आकर खड़ा हो गया।

    अर्जुन रिया के ठीक पीछे आकर खड़ा हो गया। बालकनी में समुद्र की लहरों की आवाज आ रही थी। हल्की ठंडी हवा चल रही थी। रिया दोनों हाथ बालकनी की रेलिंग पर रखे खड़ी थी। अर्जुन ने धीरे से उसके कमर पर हाथ रखा और उसे अपनी तरफ खींच लिया। 

    रिया का शरीर थोड़ा कांप गया। 

    अर्जुन ने उसके कान में फुसफुसाते हुए कहा, 
    “रिया… हम यहाँ बाली में 15 दिन के लिए हैं। यहाँ कोई घर नहीं, कोई रिश्तेदार नहीं, कोई पड़ोसी नहीं। तू जितना चाहे चिल्ला ले… कोई नहीं सुनने वाला। तू भाग भी नहीं सकती। यहाँ से कहीं भागने का रास्ता भी नहीं है। 

    तो अब फैसला तेरा है — या तो इन 15 दिनों को मजे से बिताएगी… या फिर रो-रोकर, दुखी होकर बिताएगी। लेकिन इन 15 दिनों में तुझे मेरी हर इच्छा पूरी करनी पड़ेगी। समझ गई?” 

    रिया ने कुछ पल चुप रहकर गहरी सांस ली। फिर धीरे से बोली, 
    “ठीक है… लेकिन मेरी शर्त पर। गांड कभी नहीं। उसकी बात मत छेड़ना भी। बाकी… मैं कोशिश करूंगी।” 

    अर्जुन ने मुस्कुराते हुए उसके गाल चूमे, 
    “बहुत अच्छा। आज पहला दिन है… हम धीरे-धीरे शुरू करेंगे।” 

    पहली रात – बाली का पहला राउंड

    अर्जुन ने रिया को अंदर बेडरूम में ले जाकर धीरे-धीरे उसके कपड़े उतारे। रिया ने भी उसका शर्ट और शॉर्ट्स उतारा। दोनों पूरी तरह नंगे हो गए। 

    अर्जुन ने रिया को बेड पर लिटाया। बहुत देर तक उसे किस किया — होंठ, गर्दन, स्तन, पेट, जांघें। रिया की सांसें तेज हो रही थीं। 

    जब अर्जुन ने लंड पर कंडोम चढ़ाया और लुब्रिकेंट लगाया, रिया ने कांपते हुए कहा, 
    “आज धीरे-धीरे… प्लीज… मैं पूरी कोशिश करूंगी।” 

    अर्जुन ने लंड का सिर रिया की चूत पर रखा और बहुत धीरे से दबाया। 

    1 इंच…
    रिया ने आँखें बंद कर लीं, “आह्ह… धीरे… अभी भी थोड़ा दर्द है…” 

    3 इंच…
    “आह्ह… मोटा है… जलन हो रही है… रुकिए एक सेकंड…” 

    5 इंच…
    रिया ने दांत भींच लिए, “आह्ह… आधा हो गया… गहरा लग रहा है… धीरे हिलाइए…” 

    अर्जुन ने धीरे-धीरे पूरा 10 इंच अंदर कर दिया। रिया का पेट हल्का-हल्का उभर रहा था। वह सिसक रही थी, लेकिन चीख नहीं रही थी। 

    “आह्ह… पूरा घुस गया… बहुत भरा हुआ लग रहा है… धीरे… आह्ह… हाँ… ऐसे ही…” 

    पहला राउंड 25 मिनट चला। 

    दूसरा राउंड में रिया ने खुद थोड़ी कमर हिलाई। 
    “आह्ह… अब थोड़ा तेज… लेकिन बहुत तेज मत…” 

    तीसरा राउंड में रिया ने पहली बार पूरा 10 इंच सह लिया। वह थोड़ी-थोड़ी चीख रही थी, लेकिन दर्द के साथ मजे की आवाज भी आने लगी थी। 

    “आह्ह… पूरा… आ गया… आह्ह… अर्जुन जी… धीरे… हाँ… ऐसे ही…” 

    अगले 4 दिन

    अगले चार दिन अर्जुन और रिया के बीच काफी ज्यादा सेक्स हुआ — कुल 32 बार। 

    – सुबह पूल के किनारे 
    – दोपहर बेडरूम में 
    – शाम बालकनी में 
    – रात को लाइट ऑफ करके 

    रिया अब धीरे-धीरे सहने लगी थी। वह नखरे तो करती थी, लेकिन चीखना-रोना कम हो गया था। हर बार 3-4 राउंड होते। कभी-कभी रिया खुद ऊपर चढ़कर बैठ जाती। 

    लेकिन हर बार जब अर्जुन गांड की बात छेड़ता, रिया तुरंत सख्त हो जाती, 
    “गांड नहीं। भूल भी जाओ उसकी। मैंने कहा था ना।” 

    अर्जुन भी 4 दिन तक गांड का नाम नहीं लेता था। वह सिर्फ रिया की चुत पर फोकस रखता था। 

    रिया धीरे-धीरे आदत डाल रही थी। चौथे दिन शाम को उसने खुद अर्जुन से कहा, 
    “आज 4 राउंड… लेकिन धीरे-धीरे…” 

    अर्जुन मुस्कुराया।

    चार दिन बीत चुके थे। रिया अब काफी हद तक खुल चुकी थी। वह खुद कंडोम पहनाने लगी थी और सेक्स में सक्रिय भाग ले रही थी। लेकिन गांड की बात आते ही वह अभी भी सख्त हो जाती थी।

    पांचवां दिन – शॉपिंग

    अर्जुन रिया को शॉपिंग ले गया। रिया ने बहुत महंगे 300 कंडोम, लुब्रिकेंट और 7 लग्जरी बिकिनी खरीदीं। जब वे वापस विला पहुंचे तो रिया ने अर्जुन से कहा, 
    “जो तुम्हें चाहिए वो खरीद लो।”

    अर्जुन ने उसकी कमर पकड़कर कान में फुसफुसाया, 
    “मुझे तुम्हारी गांड चाहिए।”

    रिया एक पल चुप रही, फिर बोली, 
    “ठीक है… लेकिन एक शर्त पर। मुझे देखना है कि कोई ऐसी लड़की जिसकी कभी गांड नहीं मारी गई हो, उसे कैसे मारा जाता है। मैं सामने बैठकर देखूंगी। अगर मुझे लगा कि मैं सह सकती हूँ, तो मैं मान जाऊंगी।”

    अर्जुन की आँखें चमक उठीं।

    उसी शाम – लिया का आगमन

    अर्जुन ने एक लोकल कॉल गर्ल बुलाई — लिया, 24 साल की, बहुत खूबसूरत, गोरी, slim body, छोटे-छोटे स्तन और टाइट गांड। लिया पहली बार गांड मरवा रही थी।

    लिया विला में आई। रिया बेड के पास एक आरामदायक कुर्सी पर बैठ गई। अर्जुन ने लिया को नंगा किया। लिया घुटनों के बल बेड पर थी।

    अर्जुन ने लंड पर कंडोम चढ़ाया और खूब सारा लुब्रिकेंट लगाया। फिर लिया की गांड के छेद पर लंड का मोटा सिर रख दिया।

    लिया का सेक्स सीन (विस्तृत)

    अर्जुन ने धीरे से दबाया।

    1 इंच अंदर गया। 
    लिया तुरंत कांप उठी, “आआह्ह… नहीं… बहुत मोटा… जलन हो रही है… आह्ह… निकालिए… दर्द…” 

    अर्जुन रुका नहीं। उसने और दबाया।

    3 इंच अंदर। 
    लिया जोर से चीख पड़ी, “आआआह्ह्ह… 3 इंच… मेरी गांड फट रही है… बहुत दर्द… आह्ह… रुक जाइए… मैं पहली बार… आंसू आ रहे हैं…” 

    लिया के आंसू बहने लगे। उसकी गांड का छेद बुरी तरह फैल गया था। अर्जुन ने लुब्रिकेंट और लगाया और धीरे-धीरे आगे बढ़ा।

    4.5 इंच… 5.5 इंच…
    लिया अब सिसक-सिसककर चीख रही थी, “आह्ह… आधा भी नहीं… पेट फाड़ रहा है… बहुत गहरा… आआह्ह… दर्द… मैं सह नहीं पा रही… आह्ह… और मत घुसाइए…” 

    अर्जुन ने पूरा 10 इंच अंदर करने की कोशिश की, लेकिन लिया की गांड इतनी टाइट थी कि सिर्फ 6.5 इंच तक ही गया। फिर उसने धीरे-धीरे हिलाना शुरू किया। हर धक्के पर लिया की चीखें कमरे में गूंज रही थीं।

    “आह्ह… नहीं… जोर से मत… आआह्ह… मेरी गांड चीर दी… आह्ह… दर्द… लेकिन… आह्ह… थोड़ा मज़ा भी आ रहा है… नहीं… मत रुकना… आआह्ह…” 

    अर्जुन ने लिया को 5 राउंड लगातार गांड मारा। हर राउंड में वह 6-7 इंच तक घुसा रहा। लिया रोती रही, चीखती रही, लेकिन आखिरी राउंड में वह खुद कमर हिलाने लगी।

    फिर अर्जुन ने लिया की चूत में 3 राउंड मारे। लिया पूरी तरह थककर बेड पर गिर पड़ी। उसकी गांड और चूत दोनों सूजी हुई, लाल और खून-रस से सनी हुई थीं।

    रिया का रिएक्शन

    रिया पूरे समय चुपचाप बैठी देखती रही। उसकी सांसें तेज हो रही थीं। उसकी चूत गीली हो चुकी थी। लिया की चीखें, दर्द और आखिर में मजे की आवाजें सुनकर रिया का चेहरा लाल हो गया था।

    अर्जुन ने लिया को पैसे देकर विदा किया। फिर रिया की तरफ मुड़ा।

    रिया ने धीरे से कहा, 
    “मैं… मैंने देख लिया… अब… अब मैं सोचूंगी…”

    रिया लिया को देखकर चुपचाप बैठी रही। उसने कुछ नहीं कहा। जब लिया चली गई तो रिया ने नखरे दिखाते हुए कहा, 
    “मैंने देख लिया… लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि मैं मान गई हूँ।” 

    अर्जुन ने मुस्कुराते हुए रिया को बेड पर खींच लिया। उस रात उसने सिर्फ रिया की चुत में ही सेक्स किया। तीन राउंड। रिया नखरे करती रही — “आह्ह… धीरे… बहुत तेज मत… आह्ह… बस… आज काफी…” लेकिन गांड की बात छेड़ते ही चुप हो जाती। 

    अर्जुन ने भी कुछ नहीं कहा। तीन राउंड के बाद वह रिया को चूमकर सो गया।

    अगले दिन – सेक्स टॉय शॉपिंग

    सुबह अर्जुन रिया को लेकर एक लग्जरी एडल्ट शॉप गया। रिया शरमा रही थी। अर्जुन ने बहुत महंगे सेक्स टॉय खरीदे — 
    – एक 9 इंच लंबा, 3 इंच मोटा रियलिस्टिक डिल्डो 
    – वाइब्रेटिंग बट प्लग 
    – एनाल बीड्स 
    – और बहुत सारा लुब्रिकेंट 

    रिया ने कुछ नहीं कहा, बस शरमाकर सिर झुका लिया।

    उसी रात

    अर्जुन ने पहले रिया को नॉर्मल तरीके से चोदा। दो राउंड पूरे 10 इंच तक। रिया अब काफी सहने लगी थी। 

    “आह्ह… हाँ… पूरा… आह्ह… अच्छा लग रहा है…” 

    तीसरे राउंड के बाद अर्जुन ने रिया को घुटनों के बल मोड़ा। रिया समझ गई। 

    “नहीं… अर्जुन जी… गांड में मत… प्लीज… मैं नहीं चाहती…” रिया ने नखरे दिखाए। 

    अर्जुन ने लुब्रिकेंट लगाया और पहले अपनी उंगली डाली। फिर दूसरी। रिया सिसक रही थी, “आह्ह… नहीं… जलन हो रही है… मत करो…” 

    फिर अर्जुन ने डिल्डो लिया और धीरे-धीरे रिया की गांड में डालना शुरू किया। 

    1 इंच…
    रिया कांप उठी, “आह्ह… बहुत मोटा… निकालिए…” 

    3 इंच…
    “आआह्ह… दर्द… फट रही है… प्लीज… मत…” 

    अर्जुन रुका नहीं। धीरे-धीरे पूरा 9 इंच डाल दिया। रिया रो पड़ी, लेकिन अर्जुन ने धीरे-धीरे हिलाना शुरू कर दिया। 

    पहला राउंड डिल्डो से पूरा हो गया। 

    दूसरे राउंड में अर्जुन ने अपना लंड रिया की गांड में डाला। रिया मना कर रही थी, “नहीं… असली मत… आआह्ह… बहुत मोटा… फट जाएगी…” 

    लेकिन अर्जुन ने धीरे-धीरे पूरा 10 इंच डाल दिया। रिया चीख रही थी, लेकिन अर्जुन ने 2 राउंड पूरा गांड मारा। 

    फिर उसने रिया की चुत और मुंह में भी 2-2 राउंड किए। कुल 5-6 राउंड हो गए। रिया थककर बेड पर पड़ी थी, रो रही थी, लेकिन चुप थी। 

    अगले दिन – रिया का गुस्सा

    सुबह रिया बहुत गुस्से में थी। वह अर्जुन से बात नहीं कर रही थी। नाश्ते के समय भी चुप रही। 

    अर्जुन ने पूछा, “क्या हुआ?” 

    रिया ने गुस्से से कहा, 
    “तुमने कल मेरी गांड जबरदस्ती मारी… मैंने मना किया था… फिर भी किया… मैं तुमसे नाराज हूँ।” 

    अर्जुन ने उसे मनाने की कोशिश की, लेकिन रिया पूरे दिन नाराज रही। 

    शाम को अर्जुन ने उसे बहुत प्यार से चूमकर मनाया। रिया थोड़ी नरम पड़ी। 

    दस दिन बाद – घर वापसी

    15 दिन पूरे होने के बाद दोनों घर वापस आ गए। रिया अब थोड़ी बदल चुकी थी, लेकिन गांड वाली बात पर अभी भी सख्त थी। 

    अर्जुन जानता था कि अब असली खेल घर आकर शुरू होगा।

  • सुहागरात की चीखें 2

    रिया अभी भी तकिए में मुंह छुपाए जोर-जोर से रो रही थी। उसकी चूत बुरी तरह सूजी हुई थी, लाल हो चुकी थी। अर्जुन बेड पर बैठा था, उसका 10 इंच का मोटा लंड अभी भी कंडोम लगाए खड़ा था, नसें फड़ी हुईं। 

    अर्जुन का गुस्सा अब चरम पर था। उसने अचानक रिया के बाल पकड़ लिए और उसे जबरदस्ती घुटनों के बल मोड़ दिया। रिया चीख पड़ी। 

    “नहीं! छोड़ो मुझे! मैं गांड नहीं दूंगी! अर्जुन जी… प्लीज… जबरदस्ती मत करो… मैं चिल्ला दूंगी… पूरा घर जाग जाएगा…” रिया ने हाथ-पैर मारते हुए विरोध किया। 

    अर्जुन ने रिया की कमर को मजबूती से पकड़ लिया और बोला, 
    “आज मेरी सुहागरात है रिया। तू मेरी बीवी है। गांड भी मेरी है। परंपरा पूरी होगी।” 

    रिया ने जोर से सिर हिलाया, आंसू बहाते हुए चीखी, 
    “मैं परंपरा नहीं मानती! मेरी गांड टाइट है… आपका लंड 4 इंच मोटा है… वो घुसेगा तो मैं फट जाऊंगी… खून निकलेगा… मैं मर जाऊंगी… मम्मी… बचाओ मुझे… प्लीज…” 

    सुधा माँ ने तुरंत आगे बढ़कर अर्जुन का हाथ पकड़ लिया। 
    “दामाद जी… प्लीज… बेटी की हालत देखिए… उसकी चुत अभी भी सूजी हुई है… गांड में बिल्कुल नहीं सह पाएगी… आज छोड़ दीजिए… मैं… मैं तैयार हूँ… मेरी गांड ले लीजिए… जितना मन हो…” 

    अर्जुन ने सुधा माँ को घूरा और बोला, 
    “सास जी, आप बार-बार बीच में क्यों पड़ रही हैं? ये मेरी पत्नी है। मैं आज उसकी गांड लूंगा।” 

    रिया रोते हुए बोली, 
    “मम्मी… आप मत बोलो… ये आदमी मुझे मार डालेगा… मैं गांड नहीं दूंगी… कभी नहीं… अर्जुन जी… मेरी माँ के साथ कर लो… उनकी गांड ले लो… लेकिन मेरी मत छुओ…” 

    अर्जुन ने रिया की कमर को और कसकर पकड़ा। उसने लंड पर नया कंडोम चढ़ाया, खूब सारा लुब्रिकेंट लगाया। फिर रिया की गांड के छेद पर लंड का मोटा सिर रख दिया। 

    रिया जोर से चीख पड़ी, 
    “नहीं! छोड़ो! आआह्ह… मत दबाओ… बहुत डर लग रहा है… मम्मी… प्लीज… रोकिए…” 

    अर्जुन ने धीरे से दबाया। 

    सिर्फ 1 इंच अंदर गया। 

    रिया का पूरा शरीर कांप उठा। 
    “आआह्ह… दर्द… गांड फट रही है… निकालिए… प्लीज… सिर्फ सिर ही बहुत मोटा है… आह्ह… जलन हो रही है… मैं सह नहीं पा रही…” रिया रो पड़ी, हाथ-पैर मारने लगी। 

    अर्जुन ने और दबाया। अब 3 इंच अंदर चला गया। 

    रिया जोर-जोर से चीखने लगी, 
    “आआआह्ह्ह… नहीं… 3 इंच… बहुत दर्द… मेरी गांड चीर दी… अर्जुन जी… प्लीज रुक जाइए… मैं मर रही हूँ… आह्ह… और मत घुसाइए… बहुत मोटा… फट जाएगी…” 

    रिया के आंसू बह रहे थे। वह बार-बार कमर हिला रही थी, नखरे कर रही थी, “मम्मी… बचाओ… मैं रो रही हूँ… बहुत जलन… प्लीज…” 

    सुधा माँ ने अर्जुन के हाथ पकड़कर रोते हुए कहा, 
    “दामाद जी… बस करिए… बेटी की हालत देखिए… वो सह नहीं पा रही… मेरी गांड ले लीजिए… प्लीज… बेटी को छोड़ दीजिए…” 

    अर्जुन ने सुधा माँ को धक्का देकर अलग किया और बोला, 
    “आप चुप रहिए सास जी। आज मैं रिया की गांड लूंगा।” 

    उसने और दबाया। अब 4.5 इंच अंदर चला गया। 

    रिया सिसक-सिसककर चीख रही थी, 
    “आह्ह… आधा भी नहीं… पेट फाड़ रहा है… बहुत गहरा… आआह्ह… निकालिए… मैं सह नहीं पा रही… मम्मी… रो रही हूँ… बहुत दर्द… प्लीज… बस कर दीजिए…” 

    रिया की गांड का छेद बुरी तरह फैल गया था। हल्का खून भी रिसने लगा था। वह लगातार रो रही थी और नखरे कर रही थी। 

    “मैंने कहा ना… मेरी गांड मत… मैं मना करती हूँ… आप जबरदस्ती कर रहे हो… मैं आपको कभी माफ नहीं करूंगी…” 

    अर्जुन ने रिया की कमर को और मजबूती से पकड़ लिया और धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगा। 

    5 इंच… 5.5 इंच…

    रिया अब लगभग चीखते-चीखते बेहोश होने लगी थी। 
    “आआह्ह… बस… काफी… आधा भी नहीं… मेरी गांड फट गई… आह्ह… दर्द… बहुत जलन… प्लीज… निकालिए…” 

    सुधा माँ रोते हुए अर्जुन के पैरों में गिर पड़ीं, 
    “दामाद जी… प्लीज… मेरी बेटी को मत तोड़िए… मैं… मैं अपनी गांड देती हूँ… आप मुझे जितना चाहे चोदिए… लेकिन बेटी को छोड़ दीजिए…” 

    अर्जुन ने रिया की गांड में लंड को आधा ही रखकर रुक गया। रिया सिसक रही थी। उसकी हालत बेहद खराब थी। 

    अर्जुन ने गहरी सांस ली और बोला, 
    “ठीक है… आज रिया की गांड आधी ही लेता हूँ… लेकिन कल पूरी लूंगा।” 

    रिया ने कमजोर आवाज में रोते हुए कहा, 
    “कल भी नहीं… कभी नहीं… मैं गांड नहीं दूंगी…” 

    सुधा माँ ने बेटी को गले लगा लिया। अर्जुन लंड आधा ही गांड में रखे हुए बैठा रहा। कमरे में सिर्फ रिया की सिसकियाँ और सुधा माँ की दबी हुई रोने की आवाज गूंज रही थी।

    अर्जुन ने रिया की गांड में अपना लंड आधा ही रखा हुआ था। रिया सिसक-सिसककर रो रही थी, उसका पूरा शरीर कांप रहा था। उसकी गांड का छेद बुरी तरह फैला हुआ था, हल्का खून भी रिस रहा था। 

    “आह्ह… बस… काफी… निकालिए… मेरी गांड फट गई… आआह्ह… दर्द… बहुत जलन… प्लीज… अर्जुन जी…” रिया ने कमजोर आवाज में रोते हुए कहा। 

    अर्जुन ने एक गहरी सांस ली। उसने धीरे से लंड बाहर निकाला। रिया ने राहत की सांस ली, लेकिन उसकी आँखों में अभी भी डर था। 

    अर्जुन ने सुधा माँ की तरफ देखा। सुधा माँ बेटी के सिरहाने बैठी थीं, उनके हाथ कांप रहे थे। अर्जुन ने ठंडे स्वर में कहा, 
    “ठीक है… आज रिया की गांड आधी ही लेता हूँ। लेकिन अब तुम्हारी बारी है सास जी। मेरी सुहागरात पूरी होनी चाहिए।” 

    सुधा माँ ने सिर झुका लिया। उनकी आवाज कांप रही थी, 
    “दामाद जी… प्लीज… बेटी की हालत देखिए… उसकी चूत और गांड दोनों सूज गई हैं… आज छोड़ दीजिए… मैं… मैं तैयार हूँ… मेरी चूत और गांड… जितना मन हो ले लीजिए… लेकिन बेटी को मत छुईए…” 

    रिया ने माँ को पकड़कर रोते हुए कहा, 
    “मम्मी… आप मत… मैं नहीं सह पाऊंगी अगर आपकी हालत खराब हुई तो… प्लीज… अर्जुन जी… मेरी माँ को मत छुओ…” 

    अर्जुन ने सुधा माँ का हाथ पकड़कर उन्हें बेड पर घुटनों के बल मोड़ दिया। सुधा माँ की साड़ी, पेटीकोट और पैंटी पहले ही खुली हुई थी। उनकी मोटी, गोरी गांड और सूजी हुई चूत पूरी तरह नंगी थी। 

    अर्जुन ने नया कंडोम खोला, लंड पर चढ़ाया, खूब सारा लुब्रिकेंट लगाया। फिर सुधा माँ की चूत पर लंड का सिर रख दिया। 

    “आह्ह… दामाद जी… धीरे… मेरी उम्र 46 है… बहुत दिन बाद… आआह्ह… सिर्फ सिर ही… बहुत मोटा है… जलन हो रही है…” सुधा माँ सिसक पड़ीं। 

    अर्जुन ने धीरे से दबाया — 1 इंच अंदर गया। 

    सुधा माँ कांप उठीं, “आह्ह… दर्द… बहुत जलन… धीरे… आह्ह… 3 इंच… आआह्ह… बहुत मोटा… मेरी चूत फट रही है… प्लीज… रुक जाइए…” 

    अर्जुन ने और दबाया — 4 इंच… 5 इंच…

    सुधा माँ जोर से सिसकने लगीं, “आह्ह… आधा भी नहीं… पेट फाड़ रहा है… दामाद जी… बहुत गहरा… आआह्ह… और मत घुसाइए… मैं तेरी सास हूँ… आह्ह…” 

    पहला राउंड चूत में सिर्फ 5.5 इंच तक ही गया। अर्जुन ने धीरे-धीरे हिलाना शुरू किया। हर छोटे धक्के पर सुधा माँ सिसक रही थीं। रिया बगल में लेटी रो रही थी, “मम्मी… आपकी हालत खराब हो रही है… प्लीज… रुक जाइए…” 

    पहला राउंड 40 मिनट चला। सुधा माँ की चूत लाल और सूजी हो गई। 

    दूसरा राउंड शुरू हुआ। अर्जुन ने सुधा माँ को मिशनरी पोजीशन में लिटाया, उनके होंठ चूसते हुए लंड फिर से चूत में डाला। 

    “आह्ह… नहीं… फिर से… आआह्ह… 1 इंच… दर्द… 3 इंच… आह्ह… बहुत मोटा… मैं सह नहीं पा रही… दामाद जी… प्लीज धीरे…” सुधा माँ रो रही थीं। 

    अर्जुन ने 5.5 इंच तक ही घुसाया। सुधा माँ बार-बार सिसक रही थीं। 

    तीसरा राउंड चूत में भी आधा ही। 

    फिर अर्जुन ने सुधा माँ को घुटनों के बल मोड़ दिया। अब गांड की बारी। 

    “आह्ह… गांड में मत… आआह्ह… 1 इंच… फट रही है… दामाद जी… बहुत मोटा… आह्ह… 3 इंच… जलन… मैं रो रही हूँ… प्लीज…” 

    अर्जुन ने सुधा माँ की गांड में भी 5 इंच तक ही घुसाया। तीन-तीन राउंड — चूत और गांड — पूरे होने में रात के 3:30 बज गए। सुधा माँ की हालत बेहद खराब थी। उनकी चूत और गांड दोनों सूजी हुई, लाल, खून रिस रहा था। वह थककर बेड पर गिर पड़ी थीं। 

    अर्जुन ने अब रिया की तरफ देखा। रिया अभी भी रो रही थी। 

    “अब फिर तेरी गांड की बारी है रिया।” 

    रिया ने जोर से सिर हिलाया, 
    “नहीं! मैंने कहा ना… कभी नहीं! मेरी गांड मत छुओ… मम्मी की हालत देखिए… आपने उन्हें फाड़ दिया… मुझे भी मत फाड़िए… प्लीज… मैं मना करती हूँ…” 

    अर्जुन ने रिया को फिर घुटनों के बल मोड़ने की कोशिश की। रिया हाथ-पैर मारने लगी, 
    “छोड़ो मुझे! मैं चिल्ला दूंगी… मैं गांड नहीं दूंगी… मम्मी… बचाओ…” 

    सुधा माँ ने कमजोर आवाज में कहा, 
    “दामाद जी… बेटी को मत… मैं फिर तैयार हूँ… मेरी गांड फिर ले लीजिए… लेकिन बेटी को छोड़ दीजिए…” 

    रिया रोते हुए बोली, 
    “मम्मी… आप चुप रहिए… ये आदमी मुझे मार डालेगा… मैं गांड नहीं दूंगी… कभी नहीं…” 

    अर्जुन ने रिया की कमर पकड़ ली। लंड फिर से रिया की गांड पर रख दिया। 

    “आआह्ह… नहीं… 1 इंच… दर्द… आआह्ह… 3 इंच… फट रही है… अर्जुन जी… प्लीज… मैं रो रही हूँ… मम्मी… देखिए… मैं सह नहीं पा रही…”

    रिया अभी भी बेड पर करवट लेकर लेटी हुई थी। उसकी चूत और गांड दोनों बुरी तरह सूजी हुई थीं। वह हल्के-हल्के सिसक रही थी। अर्जुन बेड के किनारे बैठा था, उसका लंड अभी भी कंडोम में था और आधा खड़ा था। 

    रिया ने आंसू पोछते हुए फिर से सख्त स्वर में कहा, 
    “सुन लो अर्जुन जी… अगर आपने फिर से जबरदस्ती की… चाहे चुत हो या गांड… तो मैं चिल्ला दूंगी। पूरा घर, पूरा मोहल्ला, सारे रिश्तेदार जाग जाएंगे। मैं सबको बता दूंगी कि मेरी सुहागरात में मेरे पति मुझे मार रहे थे। आपकी इज्जत, आपका नाम, सब बर्बाद हो जाएगा।” 

    अर्जुन का चेहरा तन गया। वह समझ गया कि रिया अब गंभीर है। अगर उसने चिल्लाया तो वाकई बड़ी बदनामी हो जाएगी। 

    अर्जुन ने गहरी सांस ली और बोला, 
    “ठीक है रिया… मैं जबरदस्ती नहीं करूंगा। लेकिन तू मेरी बीवी है… सुहागरात है… कम से कम चुत तो दे दे।” 

    रिया ने सिर हिलाया, 
    “धीरे-धीरे… और सिर्फ चुत… गांड की बात मत छेड़ना। वरना मैं अभी चिल्ला दूंगी।” 

    अगले 3-4 दिन की मजबूरी

    अगले तीन दिन अर्जुन को पूरी तरह काबू में रहना पड़ा। रिया मायके जाने वाली थी, इसलिए उसने धमकी दे रखी थी। 

    दूसरी रात
    अर्जुन ने रिया को बहुत धीरे-धीरे चूमा। उसके स्तनों को सहलाया, चूत पर उंगली फेरी। जब लंड डाला तो सिर्फ 3 इंच ही घुसाया। 

    रिया ने आँखें बंद करके कहा, 
    “आह्ह… धीरे… अभी भी दर्द है… और मत घुसाइए… बस इतना ही… आह्ह…” 

    अर्जुन को मजबूरी में रुकना पड़ा। 

    तीसरी रात
    इस बार अर्जुन ने 4 इंच तक घुसाया। रिया फिर भी नखरे कर रही थी, 
    “बहुत मोटा है… जलन हो रही है… प्लीज… और मत… मैं मायके जा रही हूँ… वहाँ भी दर्द रहेगा तो लोग पूछेंगे…” 

    अर्जुन गुस्से में था, लेकिन चुप रहा। 

    चौथी रात
    रिया कल मायके जाने वाली थी। अर्जुन ने आखिरी मौका समझकर रिया को चोदा। इस बार उसने 5 इंच तक घुसाया, लेकिन बहुत धीरे-धीरे। रिया बार-बार मना कर रही थी, 
    “आह्ह… काफी है… और मत… मैं सह नहीं पा रही… गांड की बात मत सोचिए भी…” 

    अर्जुन ने मजबूरन रुक जाना पड़ा। 

    रिया का मायके जाना

    पांचवें दिन सुबह रिया मायके चली गई। जाते समय उसने अर्जुन से साफ-साफ कहा, 
    “4 दिन बाद आऊंगी। तब तक सोच लीजिए। अगर आपने फिर से जबरदस्ती की… खासकर गांड में… तो मैं सबको बता दूंगी।” 

    अर्जुन ने सिर्फ सिर हिला दिया, लेकिन अंदर से उसका गुस्सा और भूख दोनों बढ़ रहे थे। 

    अब घर में सिर्फ अर्जुन अकेला था। वह सोच रहा था — रिया जब वापस आएगी तो वह कैसे अपनी जिद पूरी करेगा।

  • सुहागरात की चीखें

    अध्याय 1: सुहागरात की परंपरा – जब दुल्हन की माँ भी मजबूर हुई

    रात के ठीक 11:40 बज चुके थे। मास्टर बेडरूम में सिर्फ हल्की लाल रोशनी जल रही थी। गुलाब की ताज़ा पंखुड़ियाँ बेड पर बिखरी हुई थीं। हवा में अगरबत्ती और गुलाब की महक घुली हुई थी। 

    रिया (22 साल, पूरी तरह कुँवारी दुल्हन) लाल लहंगे में घूंघट निकाले बेड पर बैठी थी। उसकी सांसें तेज चल रही थीं, हाथ कांप रहे थे। उसकी माँ सुधा (46 साल) बेटी का हाथ थामे बगल में बैठी थीं। अर्जुन (28 साल) कुर्ता-पजामा में खड़ा था, उसकी आँखों में भूख साफ झलक रही थी। 

    अर्जुन ने पहले रिया का घूंघट हटाया। रिया शरमा कर सिर झुका ली। अर्जुन ने रिया के होंठों को अपने होंठों से छुआ, धीरे-धीरे किस करना शुरू किया। उसकी जीभ रिया के मुंह में घुस गई। रिया ने मुंह हटाने की कोशिश की। 

    “उम्म्म… नहीं… अर्जुन जी… शरम आ रही है… मम्मी के सामने… प्लीज… छोड़ दीजिए…” रिया ने नखरा दिखाते हुए कहा। 

    अर्जुन ने रिया की साड़ी की पल्लू धीरे-धीरे खींची। सुधा माँ ने खुद बेटी की ब्लाउज के हुक खोले। रिया की गोरी, नाजुक ब्रा बाहर आई। अर्जुन ने ब्रा का हुक खोला। रिया के छोटे-छोटे, गुलाबी निप्पल वाले स्तन बाहर आ गए। अर्जुन ने एक स्तन को हाथ में लेकर मसलना शुरू किया और निप्पल को चूसने लगा। 

    “आह्ह… नहीं… अर्जुन जी… बहुत शरम आ रही है… मम्मी देख रही हैं… प्लीज… छोड़ दीजिए… आह्ह…” रिया ने कमर हिलाकर नखरा किया। 

    अर्जुन ने रिया की साड़ी और पेटीकोट भी खोल दिया। अब रिया सिर्फ पैंटी में थी। उसकी टाइट, पूरी तरह बाल-रहित, गुलाबी चूत पैंटी के ऊपर से साफ दिख रही थी। अर्जुन ने खुद का कुर्ता और पजामा उतार दिया। 

    उसका 10 इंच लंबा और 4 इंच मोटा लंड बाहर निकला — काला, मोटा, नसें उभरी हुईं, सिर पर मोटा फोड़ा चमक रहा था। रिया ने देखकर सिहर उठी। 

    “नहीं… ये… ये बहुत बड़ा है… मैं नहीं ले पाऊंगी… मम्मी… प्लीज रोकिए… मैं डर रही हूँ…” रिया ने रोते हुए कहा। 

    सुधा माँ ने बेटी को चुप कराया, “बेटी… परंपरा है… सह ले… मैं हूँ ना…” 

    अर्जुन ने रिया को बेड पर लिटा दिया। उसने रिया की पैंटी भी धीरे-धीरे उतार दी। अब रिया पूरी नंगी थी। अर्जुन ने रिया के होंठों को फिर से चूमा, जीभ अंदर डाली। एक हाथ से रिया की चूत पर उंगली फेरनी शुरू की। 

    “आह्ह… नहीं… वहाँ मत छुओ… आह्ह… गीली हो रही हूँ… शरम आ रही है… अर्जुन जी… प्लीज… धीरे…” रिया नखरे दिखा रही थी, कमर हिला रही थी। 

    अर्जुन ने कंडोम का पैकेट खोला। लंड पर कंडोम चढ़ाया। फिर लुब्रिकेंट की बोतल उठाई और खूब सारा लुब्रिकेंट लंड पर और रिया की चूत पर लगाया। 

    अर्जुन ने रिया की टांगें फैला दीं। लंड का मोटा, गर्म सिर रिया की चूत के होंठों पर रख दिया। रिया कांप उठी। 

    “नहीं… अर्जुन जी… प्लीज… अभी मत… मैं तैयार नहीं हूँ… बहुत डर लग रहा है… मम्मी… बचाओ…” रिया ने कमर पीछे खींचने की कोशिश की। 

    अर्जुन ने धीरे-धीरे दबाना शुरू किया। 

    सिर्फ 1 इंच अंदर गया। 

    रिया की आँखें फट गईं। 
    “आआह्ह… दर्द… बहुत जलन हो रही है… निकालिए… प्लीज… सिर्फ सिर ही बहुत मोटा है… आह्ह… मेरी चूत फट रही है…” रिया रो पड़ी। 

    अर्जुन रुका नहीं। उसने थोड़ा और दबाया। अब 3 इंच अंदर चला गया। 

    रिया जोर से चीख पड़ी। 
    “आआआह्ह्ह… नहीं… 3 इंच भी नहीं… बहुत दर्द… मैं रो रही हूँ… अर्जुन जी… प्लीज रुक जाइए… मेरी चूत चीर दी… आह्ह… और मत दबाइए…” 

    रिया के आंसू बहने लगे। वह बार-बार कमर हिला रही थी, नखरे कर रही थी, “मम्मी… प्लीज… रोकिए… मैं सह नहीं पा रही… बहुत मोटा… जलन हो रही है…” 

    अर्जुन ने रिया के होंठों को फिर से चूस लिया और धीरे-धीरे और दबाने लगा। 

    अब 4 इंच… 5 इंच…

    रिया सिसक रही थी। 
    “आह्ह… नहीं… आधा भी नहीं… पेट फाड़ रहा है… बहुत गहरा जा रहा है… प्लीज… बस… मैं कुँवारी हूँ… आआह्ह… और मत घुसाइए…” 

    पहले राउंड में पूरा लंड नहीं घुसा। सिर्फ 5 इंच (आधा) ही अंदर गया। रिया की चूत पूरी तरह फैल गई थी। पेट पर हल्का उभार दिख रहा था। अर्जुन ने धीरे-धीरे हिलाना शुरू किया। हर छोटे-छोटे धक्के पर रिया चीख रही थी। 

    “आह्ह… नहीं… जोर से मत… आह्ह… बहुत दर्द… मैं झड़ रही हूँ… प्लीज… निकालिए…” 

    पहला राउंड पूरा होने में 35 मिनट लगे। रिया की चूत लाल और सूजी हुई थी। वह रो-रोकर थक गई थी। 

    दूसरा राउंड शुरू हुआ। इस बार अर्जुन थोड़ा तेज हुआ, लेकिन फिर भी पूरा लंड नहीं घुसा। सिर्फ 6 इंच तक ही गया। रिया लगातार नखरे कर रही थी, “बस… काफी हो गया… मैं और नहीं… आह्ह… मेरी चूत फट गई… प्लीज रुक जाइए…” 

    दूसरे राउंड के बाद रिया लगभग बेहोश हो गई।

    अर्जुन ने लंड बाहर निकाला। कंडोम में वीर्य भरा हुआ था। उसने तीसरा कंडोम खोला और बोला,
    “अब मैं गांड लूंगा।”

    रिया डर गई, “नहीं… गांड में बिल्कुल नहीं… वहाँ बहुत टाइट है… मैं मर जाऊंगी… प्लीज… मम्मी… मना करो…”

    अर्जुन जिद पर अड़ा था।

    सुधा माँ ने रिया को देखा और बोली, “बेटी… परंपरा है… गांड भी देनी पड़ेगी… सह ले…”

    रिया गुस्से में बोली, “मेरे से नहीं होगा… जो ऐसा ही है तो तू ही मरवा ले अपनी गांड… मैं नहीं करूंगी…”

    सुधा माँ ने तुरंत मना किया, “रिया… चुप… ऐसी बात मत बोल… ये गलत है…”

    अर्जुन ने गुस्से से कहा, “आज मेरी सुहागरात है… मैं क्या सो जाऊं? परंपरा है… गांड लेनी ही पड़ेगी…”

    रिया ने फिर रोते हुए कहा, “मेरी माँ के साथ कर लो… मुझे मत… प्लीज… मेरी माँ को ले लो…”

    अर्जुन ने रिया को जबरदस्ती घुटनों के बल मोड़ दिया। रिया चीख रही थी, “नहीं… जबरदस्ती मत… मम्मी… बचाओ… आह्ह… गांड में मत…”

    रिया की चुत अब पूरी तरह सूज चुकी थी। वह बेड पर करवट लेकर लेटी हुई थी, दोनों हाथों से अपनी चूत को ढककर, आंसू बहा रही थी। उसकी सांसें भारी हो रही थीं। अर्जुन अभी भी खड़ा था, उसका 10 इंच का मोटा लंड कंडोम लगाए हुए, पूरी तरह खड़ा और चमक रहा था।

    सुधा माँ बेटी के सिरहाने बैठी थीं, बेटी के बालों में हाथ फेर रही थीं।

    अर्जुन ने गहरी सांस ली और बोला,
    “अब गांड की बारी है रिया। परंपरा है… दुल्हन की गांड भी दामाद को मिलनी चाहिए।”

    रिया तुरंत सिहर उठी। उसने घुटनों को छाती से सटाकर बैठने की कोशिश की और चीखते हुए बोली,
    “नहीं! बिल्कुल नहीं! गांड में मैं नहीं दूंगी… कभी नहीं! आप पागल हो गए हो क्या? मेरी चुत ही फट गई है… गांड में डालोगे तो मैं मर जाऊंगी!”

    अर्जुन की आँखें संकरी हो गईं।
    “रिया, आज मेरी सुहागरात है। परंपरा पूरी करनी पड़ेगी। तू मना मत कर।”

    रिया गुस्से में रोते हुए बोली,
    “परंपरा का नाम लेकर मेरी जान ले लोगे? मेरी चूत अभी भी जल रही है… आधा लंड भी नहीं घुसा था… और अब गांड? नहीं… मैं मना करती हूँ! मम्मी… आप बोलिए ना… ये आदमी मुझे मार डालेगा!”

    सुधा माँ ने बीच में पड़ते हुए कहा,
    “दामाद जी… प्लीज… बेटी अभी बहुत छोटी है… उसकी हालत देखिए… चुत सूज गई है… गांड में तो बिल्कुल नहीं सह पाएगी… आज छोड़ दीजिए…”

    अर्जुन ने सुधा माँ की तरफ देखा और तीखे स्वर में बोला,
    “सास जी, आप चुप रहिए। ये मेरी पत्नी है। आज की रात मैं जो चाहूंगा वो होगा। रिया, अब घुटनों के बल हो जा।”

    रिया ने जोर से सिर हिलाया, आंसू पोछते हुए चीखी,
    “मैं नहीं हूंगी! आप मुझे जबरदस्ती करेंगे तो मैं चिल्लाऊंगी… पूरा घर जाग जाएगा… मैं गांड नहीं मरने दूंगी… चाहे आप मुझे मार ही डालें!”

    अर्जुन ने बेड पर घुटनों के बल चढ़ते हुए कहा,
    “तू मेरी बीवी है… सुहागरात है… गांड भी मेरी है। परंपरा हजारों साल पुरानी है। तू मना नहीं कर सकती।”

    रिया ने तकिए को सीने से चिपकाकर पीछे हटते हुए बोली,
    “परंपरा मेरी जान ले रही है तो भाड़ में जाए परंपरा! मेरी गांड टाइट है… आपका लंड 4 इंच मोटा है… वो घुसेगा तो मैं फट जाऊंगी… खून निकलेगा… मैं सह नहीं पाऊंगी… प्लीज… आज छोड़ दीजिए… कल देख लेंगे…”

    सुधा माँ ने फिर बीच में आने की कोशिश की,
    “दामाद जी… बेटी रो रही है… उसकी इज्जत रखिए… आज चुत में ही काफी हो गया… गांड की बात कल करें…”

    अर्जुन गुस्से में बोला,
    “सास जी, आप बेटी को बिगाड़ रही हैं। आज सुहागरात है… मैं सो नहीं जाऊंगा। रिया, अब काफी नाटक कर चुकी है। पलट!”

    रिया ने जोर से रोते हुए कहा,
    “मैं पलटूंगी नहीं! आप मेरी माँ के साथ कर लीजिए… उनकी गांड लीजिए… जितना मन हो… लेकिन मेरी गांड मत छुईए… मैं बिल्कुल नहीं दूंगी… मैं मना करती हूँ… मैं रो रही हूँ… देखिए मेरी हालत…”

    रिया ने अपनी सूजी हुई चूत अर्जुन को दिखाते हुए कहा,
    “देखिए… कितनी लाल और सूजी हुई है… आधा लंड भी सह नहीं पाई… गांड में डालोगे तो मैं अस्पताल पहुंच जाऊंगी… प्लीज… मम्मी… आप समझाइए ना…”

    सुधा माँ ने अर्जुन से हाथ जोड़ते हुए कहा,
    “दामाद जी… मेरी बेटी अभी बच्ची है… आज रात उसे छोड़ दीजिए… मैं… मैं तैयार हूँ… मेरी गांड ले लीजिए… लेकिन बेटी को मत छुईए…”

    अर्जुन ने सुधा माँ को घूरते हुए कहा,
    “सास जी, आपकी बेटी मेरी बीवी है। उसकी गांड भी मेरी है। आज मैं उसे गांड मारकर ही सोऊंगा।”

    रिया फिर चीख पड़ी,
    “नहीं! मैं कभी नहीं दूंगी! आप जबरदस्ती करेंगे तो मैं आपको कभी माफ नहीं करूंगी… मैं चिल्ला-चिल्लाकर पूरा घर जगा दूंगी… मेरी गांड मत छुओ… प्लीज… मम्मी… रो रही हूँ… देखिए…”

    रिया ने तकिए में मुंह छुपा लिया और जोर-जोर से रोने लगी।

    अर्जुन बेड पर बैठ गया, लंड अभी भी खड़ा था। उसने गुस्से से कहा,
    “ठीक है… आज नहीं मारूंगा… लेकिन कल जरूर मारूंगा। और परसों भी। और जब तक तू मेरी गांड नहीं देगी, मैं तुझे चुत भी नहीं दूंगा।”

    रिया ने सिसकते हुए सिर हिलाया,
    “जो करना है कर लो… लेकिन गांड नहीं… कभी नहीं…”

    सुधा माँ ने बेटी को गले लगाकर चुप कराया।

    कमरे में भारी सन्नाटा छा गया। अर्जुन का लंड अभी भी खड़ा था, लेकिन वह बेड पर बैठकर गुस्से से तीनों को देख रहा था।

    रिया अभी भी रो रही थी और बार-बार दोहरा रही थी,
    “मेरी गांड नहीं… कभी नहीं… मैं मना करती हूँ…”