राहुल और सीमा रात के 10 बजे नींद से उठे। कमरे में हल्की गोल्डन लाइट जल रही थी। दोनों अभी भी नंगे थे। सीमा राहुल की छाती पर सिर रखे लेटी हुई थी। उनकी भारी छातियाँ राहुल की छाती से हल्के से दब रही थीं। राहुल ने उन्हें कसकर गले लगाया और धीरे से पूछा,
“भूख लगी है?”
सीमा ने हल्के से सिर हिलाया। “हाँ… थोड़ी-थोड़ी।”
दोनों उठे। राहुल ने हल्की शर्ट और ट्राउज़र पहन ली। सीमा ने एक हल्की साड़ी ओढ़ ली, लेकिन ब्लाउज़ का हुक नहीं लगाया, बस पल्लू से छातियाँ ढक लीं। दोनों डाइनिंग एरिया में गए। रीना ने पहले से ही डिनर लगा रखा था — गर्म तंदूरी चिकन, मटर पनीर, नान, सलाद और थोड़ी वाइन।
दोनों ने आराम से डिनर किया। खाते-खाते हल्की-फुल्की बातें हुईं — फार्महाउस की खूबसूरती, कल का प्लान, और राहुल की थकान। सीमा ने राहुल की जाँघ पर हाथ रखकर हल्के से सहलाया और बोलीं,
“आज तुम बहुत जोर से गए थे… लेकिन मुझे भी अच्छा लगा…”
राहुल मुस्कुराया। डिनर खत्म होने के बाद दोनों थोड़ी देर सोफे पर बैठे रहे। राहुल ने सीमा को अपनी गोद में बिठा लिया। उनकी नंगी कमर राहुल की जाँघ पर थी। दोनों ने कुछ देर चुपचाप एक-दूसरे को छुआ।
फिर राहुल ने कहा,
“चलो… बेडरूम में चलते हैं।”
दोनों बड़े बेडरूम में गए। राहुल ने सीमा को बेड पर लिटा दिया। उसने उनकी साड़ी का पल्लू सरकाया और ब्लाउज़ के हुक खोल दिए। सीमा की भारी छातियाँ बाहर आ गईं। राहुल ने झुककर उन्हें चूसना शुरू किया। एक निप्पल को मुँह में लेकर जोर-जोर से चूसा, जीभ से घुमाया। दूसरी छाती को हाथ से मसलता रहा। सीमा की आहें निकलने लगीं — “आह्ह… राहुल… धीरे… लेकिन अच्छा लग रहा है…”
राहुल ने 10 मिनट तक उनकी छातियों को चूसा। फिर नीचे सरका और चूत को चाटने लगा। सीमा की कमर ऊपर उठ रही थी।
थोड़ी देर बाद सीमा ने राहुल को ऊपर खींच लिया। उन्होंने राहुल को लिटाया और खुद उनके लंड पर झुक गईं। उन्होंने लंड को हाथ में पकड़ा और मुँह में ले लिया। धीरे-धीरे चूसने लगीं। 3-4 इंच तक मुँह में लेकर जीभ से सहलाती रहीं। राहुल की साँसें तेज़ हो गईं।
कुछ देर चूसने के बाद सीमा ने कहा,
“अब… अंदर डालो… लेकिन सिर्फ 5 इंच…”
राहुल ने Trojan Magnum XL कंडोम पहना। फिर सीमा को पीठ के बल लिटाया और धीरे-धीरे 5 इंच अंदर डाल दिया। सीमा ने हल्की चीख मारी — “आह्ह… 5 इंच… अभी भी सूजन है… धीरे…”
राहुल ने धीमी गति से चोदना शुरू किया। हर धक्का आहिस्ता था। सीमा की आहें निकल रही थीं। 25 मिनट बाद सीमा झड़ गईं। उनका शरीर सिहर उठा। राहुल ने भी कुछ देर बाद पानी निकाल दिया — सीमा की छातियों पर।
दोनों थके हुए एक-दूसरे से चिपककर लेट गए। राहुल ने सीमा को कसकर गले लगा लिया और दोनों सो गए।
सुबह के 8:15 बजे राहुल की आँख खुली। कमरे में हल्की सुनहरी रोशनी आ रही थी। AC की ठंडी हवा धीरे-धीरे चल रही थी। राहुल ने करवट ली तो देखा कि सीमा अभी भी उसके बगल में लेटी हुई सो रही थीं। उनकी नंगी देह बेड पर फैली हुई थी — भारी 36D छातियाँ धीरे-धीरे ऊपर-नीचे हो रही थीं, निप्पल्स हल्के से सख्त थे, गोरी कमर और मोटी जाँघें पूरी तरह नंगी थीं।
राहुल ने उन्हें कुछ पल देखा। फिर धीरे से उनके ऊपर झुका और कान में फुसफुसाया,
“सीमा जी… एक राउंड हो जाए?”
सीमा ने आँखें खोलीं। उनकी आँखों में थकान और थोड़ा गुस्सा दोनों थे। उन्होंने राहुल की छाती पर हाथ रखकर धीरे लेकिन दृढ़ स्वर में कहा,
“नहीं राहुल… आज नहीं।
कल रात और सुबह तुमने काफी किया है। मेरी चूत अभी भी सूजी हुई है। दर्द हो रहा है। आज आराम करो।”
राहुल ने थोड़ा हठ किया, लेकिन सीमा ने साफ़ मना कर दिया। उन्होंने राहुल को चूमकर मनाया और बोलीं,
“चलो… पहले नहाते हैं।”
दोनों नंगे ही उठे और बाथरूम में चले गए। जकूजी में गर्म पानी भरकर दोनों साथ नहाए। राहुल ने सीमा की छातियों और कमर पर साबुन लगाया। सीमा ने भी राहुल को प्यार से नहलाया। कोई sex नहीं हुआ — सिर्फ़ हल्की छुआछूई और गर्म पानी की धार।
नहाकर दोनों कपड़े पहनकर बाहर आए। रीना ने बालकनी में नाश्ता लगा रखा था — कॉफी, ऑमलेट, टोस्ट, फ्रूट सलाद और जूस। दोनों आराम से नाश्ता करने लगे। हल्की हवा चल रही थी। सीमा ने राहुल की जाँघ पर हाथ रखकर हल्के से सहलाया।
नाश्ता खत्म होने के बाद दोनों तैयार हो गए। राहुल ने अपनी नई शर्ट-पैंट पहनी। सीमा ने हल्की साड़ी ओढ़ी। दोनों बाहर निकले। काली Mercedes पहले से तैयार खड़ी थी।
कार हाईवे पर चल पड़ी। रास्ते में सीमा ने राहुल का हाथ पकड़ लिया और धीरे से बताया,
“राहुल… अगली बार हम दूसरे देश में मिलेंगे।
वो देश जहाँ अमीर लोग छुट्टियाँ मनाने जाते हैं — पेरिस।
वहाँ मेरे पास एक बहुत शानदार पेंटहाउस है। तुम्हारे लिए वहाँ बहुत सारे surprise होंगे।
हम वहाँ 10-12 दिन रहेंगे। वहाँ कोई रुकावट नहीं होगी। हम पूरी तरह अकेले होंगे।”
राहुल ने खुशी से सिर हिलाया। सीमा ने आगे कहा,
“वहाँ मैं तुम्हें बहुत सारी चीजें दिखाऊँगी — Eiffel Tower, Seine River, लग्जरी शॉपिंग, और रात को… हम दोनों की अपनी दुनिया होगी।”
कार Phoenix Mall पहुँच गई। सीमा ने राहुल को अंदर ले जाकर लग्जरी ब्रांड्स की शॉपिंग करवाई। उन्होंने राहुल के लिए 3-4 नई शर्ट्स, ट्राउज़र, जूते और एक बहुत महँगी Rolex घड़ी दिलाई — कीमत 2 लाख रुपये। सीमा ने खुद पैसे दिए और घड़ी राहुल के हाथ में पहना दी।
घड़ी पहनाते हुए सीमा ने मुस्कुराकर कहा,
“ये घड़ी देखकर तुम्हें हर बार याद आएगा कि तुम मेरे हो।”
शॉपिंग के दौरान दोनों ने बहुत सारी बातें कीं — पेरिस में क्या-क्या करेंगे, वहाँ की रातें, होटल, और राहुल की इच्छाएँ। सीमा बार-बार राहुल की जाँघ पर हाथ फेरतीं और हल्के से मुस्कुरातीं।
शॉपिंग खत्म होने के बाद कार राहुल के घर की तरफ चल पड़ी। रास्ते में सीमा ने राहुल को कसकर गले लगाया और कान में फुसफुसाई,
“1.5 महीने बाद पेरिस में मिलते हैं। तब तक ख्याल रखना।”
कार घर के गेट पर रुकी। सीमा ने राहुल के गाल पर एक लंबा किस किया। राहुल कार से उतरा। Mercedes धीरे-धीरे आगे बढ़ गई।
राहुल हाथ में नई घड़ी और शॉपिंग बैग्स लेकर घर के अंदर चला गया।
करीब 15 दिन बीत गए थे। राहुल इन दिनों घर पर रहा, जिम गया, दोस्तों से मिला, लेकिन उसके मन में हमेशा सीमा और फार्महाउस की यादें घूमती रहीं। चुदाई की भूख दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही थी।
एक शाम राहुल ने सीमा को मैसेज किया:
“सीमा जी… बहुत दिन हो गए… मेरा मन बहुत हो रहा है… कब मिल रहे हैं?”
कुछ देर बाद सीमा का रिप्लाई आया:
“राहुल… मेरा भी मन बहुत हो रहा था… लेकिन कल रात मेरे पति आए हुए थे। उन्होंने मुझसे sex किया। वो बहुत दिनों बाद आए थे, इसलिए मैं मना नहीं कर सकी। वो सिर्फ 4 इंच का छोटा-सा लंड लेकर आए थे… सिर्फ 4-5 मिनट में ही खत्म हो गया। मुझे कुछ भी महसूस नहीं हुआ… सिर्फ़ खालीपन लगा। मैं सोच रही थी कि तुम्हारे साथ कितना मजा आता है… लेकिन कल रात तो बस औपचारिकता निभानी पड़ी।”
राहुल ने तुरंत रिप्लाई किया:
“तुम्हारा हो गया… मेरा क्या होगा? 15 दिन से मैं तरस रहा हूँ… प्लीज… मिलो ना…”
सीमा ने थोड़ी देर बाद लिखा:
“राहुल… याद है ना… मैंने तुम्हें permission दी थी कि तुम किसी और लड़की से sex नहीं करोगे। वो शर्त अभी भी लागू है। मैं business में बहुत व्यस्त हूँ… 15 दिन बाद हम मिलेंगे। फिर हम पेरिस भी जाएँगे। बस 15 दिन की बात है…”
राहुल ने तुरंत लिखा:
“15 दिन… मैं नहीं रह पाऊँगा… प्लीज… मेरी इच्छा बहुत तेज़ हो रही है… मैं रात को सो भी नहीं पा रहा… तुम्हारी याद आती है… तुम्हारी छातियाँ… तुम्हारी चूत… प्लीज… कुछ करो…”
सीमा ने थोड़ा सोचकर रिप्लाई किया:
“ठीक है… मैं उसी लड़की से बात करती हूँ जिसे पहले फार्महाउस पर 5 घंटे के लिए बुलाया था। वो बहुत महंगी और प्रोफेशनल है। वो पहले मना कर रही थी… लेकिन मैंने उसे मनाया कि सिर्फ 24 घंटे के लिए आना है। मैंने उसे बताया कि तुम मेरे गेस्ट हो और बिजनेस के लिए आए हो।
वो Taj Hotel में आएगी। मैंने वहाँ एक लग्जरी सुइट बुक कर दिया है।
आराम से करना… और हाँ… condom ज़रूर यूज़ करना। मैं नहीं देखूँगी।”
राहुल ने खुशी से लिखा, “ठीक है… thank you।”
सीमा ने आखिरी मैसेज किया:
“कल दोपहर 11:30 बजे Taj Hotel की गाड़ी तुम्हारे घर आएगी। तैयार रहना।”
—
अगले दिन
राहुल सुबह जल्दी उठ गया। उसने अच्छे से नहाया, नई शर्ट-पैंट पहनी।
राहुल अभी भी घर पर तैयार हो रहा था कि सीमा का नया मैसेज आया।
“Rahul… उस लड़की को बहुत आराम से करना। उसने मुझे कहा है कि वो बहुत डरी हुई है। प्यार से रखना उसे… ज़बरदस्ती मत करना। वो पहले ही बहुत रो चुकी है। मैं नहीं चाहती कि वो और दर्द झेले।”
राहुल ने तुरंत रिप्लाई किया,
“ठीक है सीमा जी… मैं ध्यान रखूँगा।”
सीमा ने फिर लिखा,
“वो बहुत महंगी है… लेकिन तुम्हारे लिए मैंने उसे मनाया है। अगर वो खुश रहेगी तो अगली बार भी आसानी से आ जाएगी। प्यार से बात करना… और condom ज़रूर यूज़ करना।”
राहुल ने “समझ गया” लिखकर मैसेज बंद कर दिया। उसके मन में थोड़ी उत्तेजना के साथ-साथ जिम्मेदारी का एहसास भी हो रहा था।
ठीक 11:30 बजे Taj Hotel की लग्जरी Mercedes घर के गेट पर आ गई। राहुल बैग लेकर बैठ गया। कार सीधे Taj Hotel की तरफ चल पड़ी। रास्ते में राहुल ने खिड़की से बाहर देखा, लेकिन मन पूरी तरह उस लड़की और आने वाले 24 घंटों पर था।
करीब 40 मिनट बाद कार Taj Hotel के मुख्य द्वार पर रुकी। एक होटल स्टाफ सदस्य ने राहुल को सुइट तक ले जाने के लिए स्वागत किया। सुइट बहुत लग्जरी था — बड़ा बेड, जकूजी, लिविंग एरिया, और खूबसूरत बालकनी। राहुल ने बैग रखा और सोफे पर बैठ गया।
करीब 15 मिनट बाद दरवाज़े पर हल्की नॉक हुई। राहुल ने दरवाज़ा खोला। वही लड़की थी — जो पहले फार्महाउस पर 5 घंटे के लिए आई थी। आज वो एक साधारण लेकिन आकर्षक सलवार-कमीज़ में थी। चेहरा थोड़ा थका हुआ और डरा हुआ लग रहा था।
लड़की अंदर आई और दरवाज़ा बंद कर दिया। उसने राहुल को देखा और धीरे से बोली,
“पहले लंच कर लेते हैं… उसके बाद ही सब कुछ होगा।”
राहुल ने सिर हिलाया। उसने रूम सर्विस को कॉल करके लंच मँगवाया — तंदूरी चिकन, नान, सलाद, दाल और दो कॉफी।
लंच आया तो दोनों टेबल पर बैठ गए। खाते-खाते राहुल ने धीरे से पूछा,
“तुम मना कर रही थीं… फिर क्यों आई?”
लड़की ने काँटे से चिकन का टुकड़ा काटते हुए शर्माते हुए जवाब दिया,
“मैडम ने बहुत मनाया… उन्होंने कहा कि तुम उनके स्पेशल गेस्ट हो… और सिर्फ 24 घंटे हैं। मैंने सोचा… अगर मैं नहीं आई तो शायद मैडम नाराज़ हो जाएँगी। वो मेरी बहुत मदद करती हैं… इसलिए आ गई। लेकिन सच कहूँ… मुझे अभी भी डर लग रहा है।”
राहुल ने हल्के से मुस्कुराकर कहा,
“डरो मत… मैं आराम से करूँगा।”
लड़की ने सिर झुकाकर खाना जारी रखा। खाते-खाते दोनों के बीच हल्की-फुल्की बातें हुईं
लड़की ने राहुल की बात सुनी और हल्के से सिर हिलाया। राहुल मुस्कुराते हुए बेड पर लेट गया। उसने दोनों हाथ सिर के पीछे रख लिए और आराम से लड़की को देखने लगा। उसका लंड अंडरवियर के अंदर पहले से ही आधा सख्त हो चुका था।
लड़की ने पहले खुद को नंगी किया। उसने सलवार-कमीज़ का दुपट्टा उतारा, फिर कमीज़ के बटन एक-एक करके खोले। जैसे-जैसे बटन खुलते गए, उसकी गोरी, गोल 34D छातियाँ ब्रा में से झाँकने लगीं। आखिरी बटन खुलते ही कमीज़ फिसलकर गिर गई। ब्रा का हुक खोलते ही दोनों भारी छातियाँ बाहर आ गईं — निप्पल्स हल्के गुलाबी और पहले से ही थोड़े सख्त थे। फिर उसने सलवार का नाड़ा खोला। सलवार नीचे सरक गई। आखिर में पैंटी भी उतार दी। अब लड़की पूरी तरह नंगी खड़ी थी। उसकी चूत पर हल्के-हल्के बाल थे, शरीर चिकना और चमकदार था।
राहुल उसे देखता रहा। लड़की अब राहुल के पास आई। उसने राहुल की शर्ट के बटन खोलने शुरू किए। एक-एक बटन खुलता गया। शर्ट पूरी तरह खुलते ही उसने राहुल की छाती पर हाथ रख दिया और धीरे-धीरे सहलाने लगी। फिर ट्राउज़र की बेल्ट खोली, जिप नीचे की और पैंट को जाँघों तक सरका दिया। राहुल अब सिर्फ अंडरवियर में था।
लड़की ने राहुल के अंडरवियर को भी नीचे खींच दिया, लेकिन पूरी तरह नहीं उतारा — बस इतना कि लंड बाहर आ जाए। राहुल का 11 इंच लंबा और 4 इंच मोटा लंड अब आधा सख्त होकर ऊपर की तरफ तना हुआ था।
लड़की झुककर राहुल के होंठों पर हल्का किस किया। किस धीरे-धीरे गहरा होता गया। उनकी जीभें एक-दूसरे को छू रही थीं। किस के दौरान लड़की का एक हाथ राहुल की छाती पर घूम रहा था, दूसरा हाथ धीरे-धीरे लंड की तरफ सरक रहा था। उसने लंड को हल्के से पकड़कर सहलाना शुरू किया।
राहुल ने लड़की की कमर पर हाथ रखा और उसे और करीब खींच लिया। किस खत्म होने पर लड़की ने राहुल की गर्दन, फिर छाती, फिर निप्पल्स को चूमना शुरू किया। वो धीरे-धीरे नीचे सरकती गई। राहुल की साँसें तेज़ हो गईं।
लड़की ने राहुल की तरफ देखा और शरमाते हुए बोली,
“अब आप करो…”
राहुल जैसे भूखे शेर की तरह टूट पड़ा। उसने लड़की को बेड पर लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया। सबसे पहले उसने लड़की की दोनों छातियों को दोनों हाथों से थाम लिया। नरम, भारी, गर्म मांस हाथों में दब गया। उसने एक निप्पल को मुँह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। जीभ से निप्पल को चारों तरफ घुमाया, हल्के से काटा, फिर पूरा निप्पल मुँह में लेकर चूसा। दूसरी छाती को हाथ से मसलता रहा, निप्पल को उँगलियों से नोचता रहा।
लड़की की आहें निकलने लगीं — “आह्ह… साहब… जोर से… उफ्फ… अच्छा लग रहा है…”
राहुल ने लगातार 12-15 मिनट तक दोनों छातियों को चूसा, चाटा और दबाया। छातियाँ लाल हो गई थीं, निप्पल्स सूज गए थे। फिर वो नीचे सरका। लड़की की जाँघें अपने आप फैल गईं। राहुल ने चूत पर मुंह रख दिया और जीभ से पूरी फाँक चाटने लगा। क्लिटोरिस को जीभ से घुमाया, अंदर जीभ डालकर चूसने लगा। लड़की की कमर बार-बार ऊपर उठ रही थी। उसकी आहें तेज़ हो गईं — “आह्ह्ह… साहब… जीभ… बहुत अच्छी… हाँ… चूसो… मेरी चूत चूसो… उफ्फ…”
राहुल ने लगातार 10 मिनट तक चूत को चाटा और चूसा। लड़की की जाँघें काँप रही थीं, हाथ राहुल के बालों में थे और वो उसके सिर को अपनी चूत पर दबा रही थी। उसकी साँसें फूल रही थीं और मुँह से लगातार कामुक आहें निकल रही थीं।
राहुल की भूख अब और बढ़ गई थी। वो ऊपर आया और लड़की की आँखों में देखते हुए बोला,
“अब असली खेल शुरू होता है…”
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राहुल ने अपना अंडरवियर भी उतार दिया। अब वो पूरी तरह नंगा था। उसका 11 इंच लंबा और 4 इंच मोटा लंड पूरी तरह सख्त होकर खड़ा था। नसें उभरी हुई थीं, नोक से पहले ही पारदर्शी पानी टपक रहा था।
राहुल ने लड़की की तरफ देखा और गहरी, भारी आवाज़ में बोला,
“अब चूसो… मेरा लंड चूसो।”
लड़की ने डरते हुए सिर हिलाया। वो घुटनों के बल बैठ गई और राहुल के लंड को दोनों हाथों में पकड़ लिया। लंड इतना मोटा था कि उसकी उँगलियाँ पूरी तरह नहीं घिर रही थीं। उसने पहले लंड की नोक को जीभ से हल्के से चाटा। फिर धीरे-धीरे मुँह खोलकर सिर्फ 2 इंच तक लंड को अंदर लिया। बहुत आराम से, धीरे-धीरे चूसने लगी। उसकी गर्म, नरम जीभ लंड के नीचे वाले हिस्से पर घूम रही थी।
राहुल को ये बहुत कम लगा। उसने लड़की के बालों को मुट्ठी में पकड़ लिया और धीरे से दबाव डाला। लड़की की आँखें फैल गईं। राहुल ने एक झटके में लंड को जबरदस्ती 7 इंच तक उसके गले में घुसा दिया।
लड़की का गला पूरी तरह भर गया। उसकी आँखों से तुरंत आँसू निकल आए। वो “ग्लक… ग्लक… ग्लक…” की आवाज़ करती हुई छटपटाने लगी। सलाइवा उसके मुँह के कोनों से टपक रहा था। राहुल ने उसके सिर को पकड़कर 30 मिनट तक लगातार जबरदस्ती चुसवाया। कभी लंड को गहरी तक घुसाता, कभी तेज़ी से मुँह में अंदर-बाहर करता। लड़की के मुँह से सलाइवा की धार बह रही थी, उसकी आँखें लाल हो गई थीं, गला भर गया था। वो बार-बार गैग हो रही थी, लेकिन राहुल नहीं रुक रहा था।
30 मिनट बाद राहुल की साँसें बहुत तेज़ हो गईं। उसने लड़की के सिर को कसकर पकड़ा और लंड को गले तक घुसाकर रख लिया। फिर उसका गाढ़ा, गर्म वीर्य लड़की के गले में फूट पड़ा। बहुत सारा, मोटा और गर्म वीर्य सीधे गले में गया। लड़की की आँखें बाहर निकल आईं। वो गैग होकर खाँसने लगी। कुछ वीर्य उसके मुँह से बाहर निकलकर ठोड़ी और छातियों पर गिर गया।
राहुल ने लंड को थोड़ा बाहर निकाला और बचा हुआ वीर्य लड़की के चेहरे, होंठों और छातियों पर गिरा दिया। लड़की खाँसते-खाँसते रोने लगी। उसका चेहरा, ठोड़ी, गर्दन और छातियाँ वीर्य से सनी हुई थीं। वो हाँफ रही थी और आँसू बहा रही थी।
राहुल ने लड़की के बालों को पकड़कर उसका चेहरा ऊपर किया और बोला,
“सब पी लो… जो गिरा है वो भी।”
लड़की रोते हुए जीभ निकालकर अपने होंठों और छातियों पर गिरे वीर्य को चाटने लगी। वो बार-बार खाँस रही थी, लेकिन राहुल की नज़र से बच नहीं पा रही थी।
राहुल ने उसे कुछ पल आराम करने दिया। लड़की अभी भी हाँफ रही थी, आँसू बहा रही थी और वीर्य चाट रही थी
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