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रवि और शिल्पा की हनीमून की कहानी 4

सुबह के ८:४५ बजे थे। पेरिस के लग्जरी सूट में सूरज की नरम सुनहरी किरणें खिड़की से अंदर आ रही थीं। रवि सबसे पहले उठा। उसका विशाल १०१ किलो का शरीर बेड से उठते ही बेड हिल गया। उसने शिल्पा की तरफ देखा। शिल्पा अभी भी नंगी पड़ी थी – उसका नन्हा-सा ४२ किलो वाला शरीर थका हुआ, चेहरे पर थकान और हल्की सूजन, जाँघें थोड़ी अलग, चूत अभी भी कल रात की वजह से लाल और थोड़ी सूजी हुई। उसकी साँसें धीमी थीं, लेकिन नींद अभी नहीं टूटी थी।

रवि ने मुस्कुराते हुए शिल्पा के माथे पर हाथ रखा और धीरे-धीरे जगाया, “जान… उठो… सुबह हो गई।” शिल्पा ने आँखें खोलीं, लेकिन उठने की कोशिश में ही हल्की सिसकारी निकली, “आह्ह्ह… रवि… अभी भी दर्द हो रहा है… चूत जल रही है…” रवि ने तुरंत बेडसाइड टेबल से वो Women Sex Power Booster Capsule निकाला (जिसे वो painkiller बोलकर दे रहा था)। उसे पानी के ग्लास के साथ शिल्पा के हाथ में रख दिया और बोला, “ये लो… दर्द और थकान दोनों कम हो जाएगी। थोड़ी देर और आराम करो… तब तक मैं jacuzzi में नहाता हूँ।”

शिल्पा ने कैप्सूल निगल लिया। रवि ने उसे चादर ओढ़ा दी और खुद नंगा ही jacuzzi की तरफ चला गया।

लेकिन सिर्फ १०-१२ मिनट बाद कैप्सूल का असर शुरू हो गया। शिल्पा का पूरा शरीर अचानक गर्म होने लगा। पहले छाती में, फिर पेट में, और फिर चूत में तेज़ गर्मी उठी। उसकी चूत अंदर से पल-पल गीली होती जा रही थी, निप्पल्स सख्त होकर खड़े हो गए, साँसें तेज़ हो गईं। वो बेड पर करवट बदलते ही हल्की सिसकारी भर उठी, “आह्ह्ह… क्या हो रहा है… बहुत गर्मी…” उसकी जाँघें आपस में रगड़ने लगीं।

शिल्पा उठी। उसकी आँखों में भूख साफ दिख रही थी। वो सीधे jacuzzi की तरफ गई। रवि jacuzzi में बैठा था, पानी में उसका १३ इंच लंड आधा तना हुआ ऊपर दिख रहा था। शिल्पा बिना कुछ बोले jacuzzi में घुस गई और सीधे रवि के लंड पर झुक गई। उसने मुँह खोला और पूरा लंड चूसने लगी – जोर-जोर से, गहरी गहरी। “म्ह्म्म… आह्ह्ह… रवि… बहुत स्वादिष्ट…” वो लगातार चूस रही थी, जीभ से नसें चाट रही थी, सिर को गले तक ले जाने की कोशिश कर रही थी।

कैप्सूल का पावर अब तेज़ी से बढ़ रहा था। शिल्पा की चूत से अब पानी बह रहा था, साँसें फूल रही थीं, वो खुद को रोक नहीं पा रही थी। वो रवि को तड़पाने लगी – कभी लंड चूसती, कभी gotiyon को चाटती, कभी ऊपर आकर उसके होंठ चूमती। “रवि… बहुत गर्मी हो रही है… आह्ह्ह… मुझे चाहिए… बहुत चाहिए…” लेकिन रवि जानबूझकर उसे तड़पा रहा था। वो सिर्फ मुस्कुराता और कहता, “थोड़ा और तड़प लो जान… देखता हूँ तुम कितनी पागल हो…”

बहुत देर तक तड़पाने के बाद शिल्पा बर्दाश्त नहीं कर पाई। वो रवि के ऊपर चढ़ गई, उसके लंड को हाथ से पकड़ा, अपनी चूत के मुंहाने पर सेट किया और धीरे-धीरे नीचे बैठने लगी। पहले ७ इंच… फिर ८ इंच तक वो खुद ही अंदर लेने लगी। “आह्ह्ह… ८ इंच… भर गया… आह्ह्ह… बहुत मजा आ रहा है…” वो ४० मिनट तक इसी तरह रवि के लंड पर बैठकर ऊपर-नीचे होती रही। कभी तेज़, कभी धीरे, कभी घुमाकर। उसके छोटे स्तन उछल रहे थे, चीखें और सिसकारियाँ निकल रही थीं। “आह्ह्ह… रवि… ८ इंच… परफेक्ट… आह्ह्ह… और चाहिए… लेकिन… आह्ह्ह!!”

लेकिन रवि अब और इंतज़ार नहीं कर सका। उसने शिल्पा को गोद में उठाया, jacuzzi से बाहर निकाला और बेड पर लिटा दिया। उसके दोनों पैर कंधों पर रखे, ऊँचे कर दिए। रात का लाया हुआ massage oil निकाला और शिल्पा की चूत पर भर-भरकर लगा दिया। फिर अपना लंड मुंहाने पर रखा।

पहले ८ इंच आराम से अंदर। लेकिन ५ मिनट बाद रवि ने जोर लगाया और १० इंच पूरा-पूरा एक झटके में अंदर धकेल दिया।

शिल्पा की चीख आसमान फाड़ गई – “आआआआह्ह्ह्ह्ह्ह!!! फट गई… १० इंच… मर गई… निकालो… आआह्ह्ह्ह्ह!!” उसकी आँखें फैल गईं, आँसू की धार बहने लगी, पूरा शरीर बेड पर उछल पड़ा। “रवि… बहुत बड़ा… फट रही हूँ… पेट तक जा रहा है… आआह्ह्ह्ह्ह!!” चूत बुरी तरह फट गई थी, खून की पतली धार निकलने लगी। शिल्पा जोर-जोर से चीख रही थी, रो रही थी, हाथ-पैर मार रही थी। “आह्ह्ह… दर्द… बहुत दर्द… मम्मी… बचाओ… रवि… निकालो… आआह्ह्ह्ह्ह!! मैं मर जाऊंगी… फट गई… बहुत मोटा… आआह्ह्ह्ह्ह!!”

लेकिन रवि नहीं रुका। उसने ५० मिनट तक लगातार १० इंच की पूरी गहराई पर पेला। हर झटके पर शिल्पा की चीख फटती – “आआह्ह्ह्ह… फट रही हूँ… पेट फाड़ रहा है… आह्ह्ह्ह… रो रही हूँ… देखो आँसू… बहुत आँसू… निकालो… प्लीज… आआह्ह्ह्ह्ह!!” वो बार-बार रवि को धकेलने की कोशिश करती, लेकिन रवि का विशाल शरीर उसे दबाए रखता। “आह्ह्ह… दर्द… बहुत दर्द… लेकिन… अंदर तक… आह्ह्ह… रुक जाओ… मैं सह नहीं पा रही… आआह्ह्ह्ह्ह!!”

शिल्पा की हालत पूरी तरह खराब हो गई थी। आवाज़ बैठ गई, सिर्फ सिसकियाँ और तेज़ रोना बचा था। आँखें सूजी, चेहरा आँसुओं से नम, शरीर थर-थर काँप रहा था।

उस सुबह के बाद पूरा दिन दोनों ने सेक्स बिल्कुल नहीं किया। शिल्पा की हालत बहुत खराब थी। उसका नन्हा-सा शरीर बेड पर पड़ा था – चूत बुरी तरह सूजी हुई, लाल, फटी हुई, हल्का खून अभी भी रिस रहा था, जाँघें काँप रही थीं, आँखें सूजी हुई, चेहरा आँसुओं से नम। वो उठने की कोशिश भी नहीं कर पा रही थी। सिर्फ हल्की-हल्की सिसकियाँ निकल रही थीं, “आह्ह्ह… रवि… बहुत दर्द… मैं चल भी नहीं पा रही…” उसका मूड भी पूरी तरह खराब था। वो शर्मिंदा भी थी और थकी हुई भी।

रवि ने उसे प्यार से चूम लिया। “कोई बात नहीं जान… आज पूरा दिन आराम करो। मैं तुम्हारे लिए कुछ खास लाता हूँ।” वो बाहर गया और रिसॉर्ट की शॉप से बहुत सुंदर गिफ्ट्स ले आया – एक बड़ा सा टेडी बियर (जिसके गले में “I Love You” लिखा था), शिल्पा की पसंद का डायमंड ब्रेसलेट, एक सॉफ्ट सिल्क का नाइट गाउन, चॉकलेट बॉक्स, और फ्रेश गुलाबों का बड़ा गुलदस्ता। कमरे में वापस आकर उसने सब शिल्पा के बेड के पास रख दिया। फिर उसके पास बैठ गया, उसके बालों में हाथ फेरता रहा, माथे पर किस करता रहा और बहुत मीठी-मीठी बातें करने लगा, “तुम मेरी जान हो… मैं तुम्हें कभी दुखी नहीं देख सकता… आज बस आराम करो… मैं तुम्हारा ख्याल रखूँगा।”

शिल्पा की आँखों में आँसू आ गए, लेकिन वो मुस्कुराई। दोनों ने लंच रूम में ही मँगवाया – लाइट फ्रेंच सलाद, पास्ता, फ्रूट ज्यूस। रवि ने खुद शिल्पा को खिलाया, चम्मच से मुँह में डाला, “खाओ जान… ताकत आएगी।” शाम को डिनर भी रूम में ही – कैंडल लाइट, वाइन (शिल्पा ने सिर्फ एक घूँट लिया), और बहुत सारा प्यार। डिनर के बाद रवि ने शिल्पा को गोद में उठाया, बालकनी में ले गया, उसके होंठों पर लंबा-लंबा किस किया, गर्दन चूमी, लेकिन आगे कुछ नहीं। सिर्फ प्यार। फिर दोनों बेड पर लेट गए, शिल्पा रवि की छाती पर सिर रखकर सो गई।

अगली सुबह। रवि सबसे पहले उठा। उसने शिल्पा को जगाया और धीरे से बोला, “जान… आज फिर से करना है… तुम तैयार हो?” शिल्पा ने तुरंत सिर हिलाया और गुस्से में बोली, “नहीं… गुसे से नहीं करना मुझे… कल तुमने बहुत ज्यादा कर दिया… मैं अभी भी दर्द में हूँ… आज नहीं… प्लीज।” उसका चेहरा लाल हो गया था, वो करवट बदलकर दूसरी तरफ मुंह कर गई।

लेकिन शिल्पा ने चुपके से वो Women Sex Power Booster Capsule उठा ली। रवि को कुछ बताए बिना पानी के साथ निगल लिया। रवि को अंदाजा हो गया कि अब क्या होने वाला है। वो मुस्कुराया और मन में बोला, “अब गुस्से में नहीं… मैं भी तड़पाऊँगा… लेकिन प्यार से।”

कैप्सूल का असर शुरू हुआ। सिर्फ १५ मिनट बाद शिल्पा का पूरा शरीर गर्म होने लगा। उसकी चूत अंदर से पल-पल गीली होती गई, निप्पल्स सख्त, साँसें तेज़। वो बर्दाश्त नहीं कर पाई। उठकर रवि के पास आई, उसके पैरों के पास घुटनों पर बैठ गई और गिड़गिड़ाते हुए बोली, “प्लीज रवि… गलती हो गई… मैंने गुस्सा किया… अब कर लो… बहुत जरूरत है… आह्ह्ह… मुझे माफ कर दो… कर लो ना…”

रवि ने जानबूझकर मजाक किया, “अरे… अभी तो तुमने मना किया था… अब क्यों?” शिल्पा ने कुछ नहीं सुना। उसने रवि का अंडरवियर उतार दिया और सीधा लंड मुँह में ले लिया। जोर-जोर से चूसने लगी – ३-४ इंच तक गहरी, जीभ से नसें चाटती, gotiyon को हाथ से मसलती। “म्ह्म्म… आह्ह्ह… रवि… बहुत स्वाद… आह्ह्ह…”

रवि भी शुरू हो गया। उसने शिल्पा को ऊपर खींचा, उसके छोटे स्तनों को चूसना शुरू किया – जोर से, चबाते हुए, निप्पल्स को दाँत से खींचते हुए। शिल्पा ने gotiyon को फिर से चाटना शुरू किया। दोनों ३० मिनट तक एक-दूसरे को तड़पाते रहे।

फिर रवि ने शिल्पा को तड़पाया। वो जानबूझकर लंड चूत के पास रखता, लेकिन अंदर नहीं डालता। शिल्पा पागल हो गई, “आह्ह्ह… रवि… अब मत तड़पाओ… डाल दो… पूरा डाल दो…”

आखिरकार रवि ने अलग-अलग पोजीशन में पूरा १० इंच लंड डालना शुरू किया। missionary, doggy, cowgirl, spooning, standing – हर पोजीशन में पूरा लंड अंदर, ५० मिनट तक लगातार। शिल्पा चीख रही थी, “आआह्ह्ह्ह… १० इंच… फट गई… आह्ह्ह… दर्द… लेकिन मजा… आआह्ह्ह्ह!!” वो रो रही थी, चीख रही थी, लेकिन कमर खुद उठा रही थी। “आह्ह्ह… रवि… बहुत बड़ा… पेट फाड़ रहा है… आआह्ह्ह्ह… लेकिन मत रुको… आह्ह्ह!!”

५० मिनट बाद रवि ने अपना पूरा माल शिल्पा की चूत में भर दिया।

फिर बचे हुए दिन दोनों ने बहुत मस्ती की।

Jacuzzi में: दोनों नंगे jacuzzi में घुसे। रवि ने शिल्पा को गोद में बैठाया और पानी के अंदर ही पूरा १० इंच अंदर किया। शिल्पा चीखी, लेकिन पानी की वजह से दर्द कम था। २० मिनट तक jacuzzi में ही चोदा।

बालकनी में: रात को बालकनी में खड़े-खड़े doggy स्टाइल में पूरा लंड अंदर। शहर की रोशनी देखते हुए ३० मिनट तक पेला। शिल्पा चीख रही थी, “आह्ह्ह… कोई देख लेगा… लेकिन मत रुको… आह्ह्ह!!”

Swimming Pool में: प्राइवेट swimming pool में रात को नंगे तैरते हुए, pool के किनारे बैठकर cowgirl में पूरा लंड अंदर। पानी में ४० मिनट तक मस्ती।

Private Yard में: सबसे खास – रिसॉर्ट का प्राइवेट yard। रवि ने surprise party दी – सिर्फ दोनों के लिए। Yard में candle lights, गुलाब, music, cake। शिल्पा खुश हो गई। पार्टी के दौरान रवि ने yard के घास पर शिल्पा को ४ बार पूरा १० इंच डाला – missionary, doggy, standing, और lotus position में। हर बार २०-२० मिनट। शिल्पा चीखती रही, “आह्ह्ह… yard में… आह्ह्ह… कोई आएगा… लेकिन बहुत मजा… आआह्ह्ह्ह!!” कुल ४ बार yard में पेला – पूरी रात मस्ती।

आखिरी एक दिन बचा था घर जाने से पहले। उस दिन रवि ने शिल्पा को पूरे सूट में घुमाया – bed, sofa, bathroom, balcony, jacuzzi – हर जगह पूरा १० इंच डालकर ६ बार चोदा। सुबह १ घंटा, दोपहर १ घंटा, शाम १ घंटा। शिल्पा पूरी तरह थक गई, लेकिन खुश भी थी। “रवि… अब आदत पड़ गई… घर जाकर भी हम यही करेंगे… बिना डर… आह्ह्ह…”

दोनों नंगे ही लेट गए। घर जाने का सामान पैक कर लिया,

रात के ११:४० बजे थे। पेरिस का लग्जरी सूट अब आखिरी रात की रोशनी में नहाया हुआ था। मोमबत्तियाँ अभी भी धीरे-धीरे जल रही थीं, कमरे में हल्की चॉकलेट और वेनिला की खुशबू फैली हुई थी। दोनों पूरी तरह नंगे थे। शिल्पा रवि की छाती से चिपकी हुई लेटी थी, उसका नन्हा-सा ४२ किलो वाला गोरा शरीर रवि के विशाल १०१ किलो वाले शरीर पर बिल्कुल छोटा-सा खिलौना लग रहा था। रवि का एक हाथ शिल्पा की पीठ पर धीरे-धीरे फेर रहा था, दूसरा हाथ उसकी नितंबों पर।

रवि ने धीरे से शिल्पा की गांड के बीच उँगली सरकाने की कोशिश की। जैसे ही उसकी मोटी उँगली गांड के छेद को छूने लगी, शिल्पा ने चौंककर अपना नितंब पीछे खींच लिया और रवि का हाथ हटा दिया।

“नहीं रवि… वहाँ मत…” शिल्पा ने तुरंत कहा, उसकी आवाज़ में डर और दृढ़ता दोनों थे। “मुझे बहुत दर्द होता है वहाँ… कल भी जब तुमने उँगली डाली थी तो बहुत जलन हुई थी। गांड में अभी नहीं… प्लीज। हम अगले हनीमून पर करेंगे… तब तक मैं तैयार हो जाऊंगी। आज नहीं… मान जाओ ना।”

रवि ने एक पल उसे देखा, फिर मुस्कुराकर उसके माथे पर किस कर दिया। “ठीक है जान… जैसी तुम चाहो। अगले हनीमून पर तुम्हारी गांड भी पूरी तरह मेरी होगी। आज नहीं छूँगा।”

शिल्पा ने राहत की साँस ली और रवि की छाती में मुँह छिपा लिया।

रवि ने थोड़ी देर चुप रहकर फिर बोला, “शिल्पा… एक बात बताऊँ? वो जो रोज़ सुबह वाली गोली मैं तुम्हें दे रहा था… वो painkiller नहीं थी। वो Women Sex Power Booster Capsule थी… सेक्स पावर बढ़ाने वाली।”

शिल्पा ने तुरंत सिर उठाया। उसकी आँखें फैल गईं। “क्या? तुमने मुझे बिना बताए वो वाली गोली दी? मैं सोच रही थी दर्द कम करने वाली है… और तुम… तुमने मुझे भड़काने वाली गोली दी?” वो थोड़ा गुस्सा हो गई, लेकिन गुस्सा मजाकिया था। उसने रवि की छाती पर हल्का-सा मुक्का मारा। “बहुत शरारती हो तुम… मैं समझ गई थी कि अचानक मुझे इतनी भूख क्यों लग रही है… तुमने मुझे जानबूझकर पागल बनाया… बदमाश!”

रवि हँसा। “हाँ… बिना उस गोली के तुम पूरा १० इंच नहीं ले पाती… तुम बहुत छोटी हो, मैं बहुत बड़ा हूँ। इसलिए थोड़ी मदद लेनी पड़ी। लेकिन देखो… अब तुम्हें आदत भी पड़ गई है ना?”

शिल्पा ने शर्माते हुए सिर हिलाया। “हाँ… पड़ गई है… लेकिन फिर भी तुमने धोखा दिया।”

रवि ने उसे कसकर गले लगा लिया और कान में फुसफुसाया, “तो अब सजा दो… एक जोरदार राउंड।”

शिल्पा ने कुछ नहीं कहा, बस रवि के लंड को हाथ में पकड़ लिया।

फिर शुरू हुआ उनका आखिरी और सबसे लंबा राउंड। रवि ने शिल्पा को पहले missionary में लिया – पूरा १० इंच धीरे-धीरे अंदर किया। शिल्पा चीखी, लेकिन इस बार कम। फिर पोजीशन बदले – doggy, cowgirl, spooning, standing against wall, lotus position। हर पोजीशन में पूरा लंड, जोरदार धक्के, लेकिन बहुत प्यार के साथ।

करीब १ घंटे तक लगातार चला। शिल्पा बार-बार चीखती, “आह्ह्ह… १० इंच… फट रही हूँ… आह्ह्ह… लेकिन मत रुको… आह्ह्ह!!” कभी रोती, कभी मजा लेती। आखिर में रवि ने शिल्पा की चूत के अंदर ही पूरा वीर्य भर दिया। दोनों थककर नंगे ही एक-दूसरे से चिपके सो गए।


अगली सुबह।

उठते ही रवि ने शिल्पा को फिर से चोदा। इस बार सिर्फ ४० मिनट का तेज़ राउंड – पूरा १० इंच, doggy और missionary में। शिल्पा चीखी, रोई, लेकिन अंत में मुस्कुराई।

फिर दोनों तैयार हुए। सामान पैक किया, रिसॉर्ट से चेकआउट किया और एयरपोर्ट पहुँचे। फ्लाइट में भी दोनों हाथों में हाथ डाले बैठे रहे।

भारत पहुँचकर एयरपोर्ट पर दोनों अलग हो गए। शिल्पा सीधे अपनी माँ के घर चली गई। रवि अपने घर।

शिल्पा जब अपनी माँ से मिली तो उसने सिर्फ मुस्कुराकर कहा, “हनीमून बहुत अच्छा था मम्मी…” लेकिन उसके चेहरे पर वो नई चमक और थकान दोनों साफ दिख रही थी।

रवि घर पहुँचकर बिस्तर पर लेट गया और मुस्कुराते हुए सोचने लगा – “अब असली जिंदगी शुरू होती है…”

शिल्पा जब एयरपोर्ट से सीधे अपनी माँ के घर पहुँची तो शाम के ७:३० बज रहे थे। दरवाजा खुलते ही उसकी माँ (जो नाम था रमा) ने उसे गले लगा लिया। रमा ने शिल्पा को ऊपर से नीचे तक देखा। शिल्पा का चेहरा थका हुआ था, लेकिन आँखों में एक नई चमक थी। उसके स्तन पहले से काफ़ी बड़े और भरे हुए दिख रहे थे, ब्रा का साइज़ बढ़ गया था। कमर थोड़ी और पतली लग रही थी, लेकिन नितंब और जाँघें थोड़ी सूजी हुई थीं। चेहरे पर वो “सर्विस्ड” वाली चमक साफ़ झलक रही थी – जैसे कोई औरत अब पूरी तरह औरत बन चुकी हो।

रमा ने मुस्कुराते हुए पूछा, “बेटा… कैसा रहा तुम्हारा हनीमून? सब ठीक तो है ना?”

शिल्पा शर्म से लाल हो गई। उसने माँ की गोद में सिर रख दिया और धीरे से बोला, “मम्मी… कच्ची कली के फूल बना दिया रवि ने… पूरी तरह औरत बना दिया मुझे।”

रमा ने हँसते हुए शिल्पा के स्तनों को देखा और कहा, “वो तो दिख रहा है बेटा… तुम्हारे boobs देखकर लग रहा है जैसे कोई ने बहुत जोर-जोर से मसल-मसलकर बड़ा कर दिया हो। चेहरा भी देखो… आँखों में वो चमक… साफ़ लग रहा है कि तुम्हें खूब सर्विस किया गया है।” फिर उसने शिल्पा को पास बैठाया, उसके बालों में हाथ फेरते हुए पूछा, “बताओ ना… कैसे हुआ सब? डर तो नहीं लगा? रवि बहुत बड़ा है ना… तुम इतनी छोटी हो…”

शिल्पा ने शर्माते हुए लेकिन विस्तार से बताना शुरू किया। “मम्मी… पहले तो बहुत डर लग रहा था। रवि का… १३ इंच लंबा और ४.५ इंच मोटा… मैं देखकर ही घबरा गई थी। पहले दिन सिर्फ किस और boobs चूसने तक रहा। लेकिन हनीमून पर… वो पूरा-पूरा अंदर करने लगा। पहले तो सिर्फ आधा ले पाती थी… बहुत दर्द होता था… चूत फट जाती थी… खून निकलता था… मैं रोती-चिल्लाती रहती थी। लेकिन रवि रुकता नहीं था।”

रमा ने आँखें फैलाकर पूछा, “और वो गोली वाली बात? तुमने बताया था ना?”

शिल्पा ने सिर हिलाया, “हाँ मम्मी… वो Women Sex Power Booster Capsule थी। दर्द की गोली नहीं। रवि ने बिना बताए दी थी। उससे मेरी भूख बढ़ जाती थी… मैं खुद-ब-खुद उसके लंड पर चढ़ जाती थी। पहले ६-८ इंच ले पाती थी… बाद में पूरा १० इंच भी लेने लगी। हर दिन ३-५ राउंड… कभी jacuzzi में, कभी balcony में, कभी pool में, कभी yard में… रवि ने surprise party भी दी थी yard में… वहाँ घास पर ४ बार पूरा डाला… मैं चीखती थी, रोती थी, लेकिन मजा भी आता था। आखिरी रात तो १ घंटे तक लगातार चला… मैं उठने की हालत में नहीं थी…”

रमा ने शिल्पा को सीने से लगा लिया। “बेटा… दर्द हुआ होगा… लेकिन अब तुम औरत बन गई हो। घर आकर भी यही सब चलेगा… बस सावधानी रखना।”

शिल्पा शर्म से मुस्कुराई और चुप हो गई।

—

अगले दिन सुबह शिल्पा रवि के घर चली गई। रवि ने उसे दरवाजे पर ही गोद में उठा लिया और अंदर ले गया। दोनों को अकेले छोड़ दिया गया था – पूरा घर खाली था।

उसी रात शुरू हुआ उनका असली वैवाहिक जीवन।

पहला राउंड – बेडरूम में। रवि ने शिल्पा को दीवार से सटाकर खड़ा किया और पीछे से पूरा १० इंच एक झटके में अंदर कर दिया। शिल्पा चीखी, “आआह्ह्ह… पूरा… फट गई… आह्ह्ह!!” २५ मिनट तक जोर-जोर से पेला।

दूसरा राउंड – शावर में। दोनों नहाते हुए, शिल्पा को दीवार से लगाकर missionary स्टाइल में २० मिनट तक चोदा।

तीसरा राउंड – सोफे पर। शिल्पा ऊपर बैठकर cowgirl में ३० मिनट तक खुद ऊपर-नीचे होती रही।

चौथा राउंड – बालकनी में। रात की ठंडी हवा में doggy स्टाइल, पूरा १० इंच, २५ मिनट।

पाँचवाँ राउंड – फिर बेड पर। आखिरी राउंड सबसे लंबा – ४० मिनट तक अलग-अलग पोजीशन में। शिल्पा अब पूरी तरह थक चुकी थी, लेकिन खुश थी। दोनों नंगे ही एक-दूसरे से चिपके सो गए।

उस एक रात में कुल ५ राउंड हो गए।

फिर रोज़ का नियम बन गया – हर दिन कम से कम ३ राउंड। कभी सुबह, कभी दोपहर, कभी रात। कभी जल्दी-जल्दी, कभी घंटों तक। शिल्पा अब पूरी तरह आदत डाल चुकी थी। वो खुद कहती, “रवि… आज ४ कर लो… मुझे पसंद है।”

हनीमून खत्म हो गया था, लेकिन उनकी असली कहानी अभी शुरू हुई थी।

अगली कहानी आएगी – “गांड का हनीमून”
जिसमें शिल्पा अपनी गांड भी रवि को पूरी तरह सौंप देगी… और वो भी बहुत विस्तार से।

ये थी रवि और शिल्पा की हनीमून की पूरी, सबसे लंबी और सबसे गर्म कहानी। अब उनकी नई जिंदगी शुरू हो चुकी है… जहाँ हर रात नई मस्ती है।

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3 responses to “रवि और शिल्पा की हनीमून की कहानी 4”

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