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सपनो की जॉब 5

रीना ने कंडोम उतारकर टिश्यू में लपेटा, ट्रे पर रखा और बिना एक शब्द बोले, बिना किसी भाव दिखाए चुपचाप कमरे से बाहर चली गई।

दोनों कुछ देर चुपचाप एक-दूसरे से चिपके बैठे रहे। राहुल सीमा के बालों में उँगलियाँ फिराता रहा। फिर धीरे से बोला,

“चलो… अब बड़े बेडरूम में चलते हैं।”

सीमा ने सिर हिलाया। दोनों नंगे ही उठे और अंदर वाले बड़े मास्टर बेडरूम में चले गए। कमरा बहुत बड़ा और लग्जरी था — किंग साइज़ बेड, सिल्क के बेडशीट्स, चारों तरफ मिरर, जकूजी अटैच्ड बाथरूम और बालकनी से पूरा फार्महाउस दिखता था।

दोनों बेड पर लेट गए। राहुल ने सीमा को अपनी बाँहों में भर लिया। उनकी नंगी देह एक-दूसरे से पूरी तरह चिपक गई।

राहुल ने सीमा को और कसकर गले लगा लिया। दोनों ने एक-दूसरे के होंठों पर गहरा, लंबा किस किया। किस के दौरान उनकी जीभें एक-दूसरे में घुल गईं। किस खत्म होने पर दोनों एक-दूसरे की आँखों में देखते रहे।

राहुल ने सीमा के कान में फुसफुसाया,
“अब सो जाओ… मैं तुम्हारे पास हूँ…”

सीमा ने राहुल की छाती पर सिर रख दिया। दोनों नंगे ही, एक-दूसरे की गर्माहट में लिपटकर नींद में सो गए।

यहाँ सुबह वाला पूरा सीन पिछली कहानी से 5 गुना ज्यादा विस्तृत करके लिखा है। हर छोटी-छोटी सनसनी, स्पर्श, साँस, आह, भावना और शरीर की हर हलचल को बारीकी से वर्णन किया गया है:

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सुबह के 7:40 बजे राहुल की नींद खुली। कमरे में हल्की सुनहरी रोशनी आ रही थी। AC की ठंडी हवा धीरे-धीरे चल रही थी। राहुल ने आँखें खोलीं तो सबसे पहले जो नज़र आया, वो था सीमा का नंगा शरीर। सीमा उसके बगल में करवट लेकर सो रही थीं। उनकी भारी 36D छातियाँ धीरे-धीरे ऊपर-नीचे हो रही थीं। निप्पल्स हल्के से सख्त थे। उनकी गोरी कमर, गोल नाभि और मोटी जाँघें पूरी तरह नंगी थीं। चूत पर हल्के बाल थे, लेकिन कल रात की चुदाई की वजह से अभी भी थोड़ी सूजी हुई और लाल दिख रही थी।

राहुल कुछ पल चुपचाप उन्हें देखता रहा। फिर धीरे से उनके ऊपर चढ़ गया। उसने अपनी जाँघों के बीच सीमा की कमर को जकड़ लिया। अब वो सीमा के ऊपर बैठा हुआ था। उसने दोनों हाथों से उनकी भारी छातियों को सहलाना शुरू किया। उँगलियाँ नरम, गर्म मांस पर घूम रही थीं। निप्पल्स को हल्के-हल्के दबा रहा था, घुमा रहा था। सीमा की नींद में भी हल्की आह निकली। उनकी छातियाँ राहुल के हाथों में दब रही थीं।

राहुल ने झुककर एक निप्पल को मुँह में ले लिया। बहुत धीरे-धीरे चूसने लगा। जीभ से निप्पल को चारों तरफ घुमाया, हल्के से काटा। दूसरी छाती को हाथ से मसलता रहा। सीमा की साँसें नींद में भी तेज़ होने लगीं। उनकी कमर हल्की-हल्की हिल रही थी।

कुछ देर बाद सीमा की आँखें धीरे-धीरे खुलीं। उन्होंने राहुल को अपने ऊपर बैठा देखा और मुस्कुराई। बिना कुछ कहे उन्होंने हाथ बढ़ाया और राहुल के लंड को पकड़ लिया। लंड पहले से ही सख्त हो चुका था। सीमा ने उसे धीरे-धीरे सहलाया, फिर मुँह के पास ले जाकर मुँह में ले लिया।

उन्होंने बहुत प्यार से लंड चूसना शुरू किया। पहले सिर्फ नोक को चूस रही थीं, फिर धीरे-धीरे 3-4 इंच तक मुँह में लेने लगीं। उनकी गर्म, गीली जीभ लंड के नीचे वाले हिस्से पर घूम रही थी। “मम्म… मम्म…” की हल्की आवाज़ कमरे में गूँज रही थी। राहुल की साँसें तेज़ हो गईं। उसने सीमा के बालों में हाथ फेरा और हल्का दबाव दिया।

सीमा ने लंड को मुँह से निकालकर ऊपर देखा और शरमाते हुए मुस्कुराई। फिर उन्होंने राहुल को और ऊपर खींच लिया। राहुल अब सीमा के चेहरे के ऊपर बैठ गया था। सीमा ने फिर से लंड मुँह में ले लिया और चूसने लगीं।

राहुल ने पीछे हाथ बढ़ाकर सीमा की जाँघें चौड़ी कीं। अपनी उँगलियाँ उनकी चूत में डाल दीं। उँगलियाँ धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा। क्लिटोरिस को घुमाया। सीमा की चूत फिर से गीली होने लगी। उनकी आहें बढ़ने लगीं। राहुल ने उँगलियों से चूत को अच्छे से गर्म किया।

थोड़ा तड़पाने के बाद राहुल ने  फिर बहुत धीरे-धीरे सिर्फ 4 इंच अंदर डाल दिया।

सीमा ने आह भरी — “आह्ह… 4 इंच… राहुल… धीरे… अभी भी सूजन है…”

राहुल ने आराम से, बहुत धीमी गति से 45 मिनट तक चोदा। हर धक्का आहिस्ता था। सीमा की आहें निकल रही थीं। इस दौरान सीमा 3 बार झड़ गई।

– पहली बार — 14 मिनट में — उनका शरीर सिहर उठा, चूत लंड को कसकर दबाने लगी। वो हल्के से चीखीं।
– दूसरी बार — 27 मिनट में — उनकी जाँघें काँपने लगीं।
– तीसरी बार — 39 मिनट में — सीमा ने राहुल की पीठ पर नाखून गड़ा दिए।

45 मिनट पूरे होने पर राहुल का शरीर तन गया। उसने लंड बाहर निकाला और अपना गाढ़ा, गर्म वीर्य सीमा की छातियों पर गिरा दिया। बहुत सारा, मोटा और सफेद वीर्य उनकी दोनों छातियों, गर्दन और निप्पल्स पर फैल गया।

सीमा हाँफ रही थीं। उनकी छातियाँ वीर्य से चमक रही थीं। वो थकी हुई लेकिन संतुष्ट लग रही थीं।

सुबह की चुदाई के बाद दोनों थोड़ी देर बेड पर लेटे रहे। राहुल सीमा को अपनी बाँहों में भरकर उनके बालों में उँगलियाँ फिरा रहा था। सीमा की साँसें अभी भी थोड़ी तेज़ थीं। कुछ देर बाद सीमा ने धीरे से कहा,

“चलो… नहाते हैं।”

दोनों नंगे ही उठे और अटैच्ड बाथरूम में चले गए। बाथरूम बहुत बड़ा और लग्जरी था। बीच में बड़ा जकूजी टब था, चारों तरफ शीशे लगे हुए थे, हल्की नीली LED लाइट्स जल रही थीं। राहुल ने टब का नल खोला। गर्म पानी तेज़ी से भरने लगा।

दोनों टब में उतर गए। गर्म पानी उनके नंगे बदन को छूते ही दोनों सिहर गए। सीमा राहुल की गोद में बैठ गई। उनकी पीठ राहुल की छाती से सटी हुई थी। राहुल ने उन्हें पीछे से गले लगा लिया। उनकी भारी छातियाँ पानी के ऊपर तैर रही थीं। राहुल ने धीरे-धीरे उनकी छातियों को सहलाना शुरू किया। उँगलियाँ निप्पल्स पर घूम रही थीं। सीमा की साँसें फिर से भारी होने लगीं।

राहुल ने उन्हें टब के किनारे की तरफ मोड़ा। सीमा दोनों हाथों से किनारा पकड़कर झुक गईं। राहुल ने उनके पीछे बैठकर उनकी चूत को दोनों हाथों से फैलाया और जीभ से चाटना शुरू कर दिया। गर्म पानी की धार उनके शरीर पर गिर रही थी। राहुल की जीभ सीमा की चूत की फाँक पर घूम रही थी। क्लिटोरिस को चूस रहा था, अंदर जीभ डालकर चूस रहा था। सीमा की आहें निकलने लगीं — “आह्ह… राहुल… पानी में… बहुत मजा आ रहा है… हाँ… चूसो…”

राहुल ने लगातार 15-20 मिनट तक उनकी चूत को चाटा। गर्म पानी और जीभ का मिश्रण सीमा को पागल कर रहा था। आखिर में सीमा का शरीर सख्त हो गया। उन्होंने जोर से चीख मारी — “आह्ह्ह… राहुल… फिर से… आ गया… आह्ह्ह…”
उनकी चूत से गर्म पानी की धार निकली और टब में मिल गई।

दोनों ने कुछ देर और जकूजी में आराम किया। फिर बाहर निकलकर एक-दूसरे को तौलिए से पोंछा। राहुल ने सीमा की छातियाँ, कमर, जाँघें और चूत बहुत प्यार से पोंछी। सीमा ने भी राहुल को पोंछा। फिर दोनों ने कपड़े पहन लिए — राहुल ने नई शर्ट और ट्राउज़र, सीमा ने हल्की साड़ी।

जब वे तैयार हुए तो ठीक उसी समय मैड (रीना) बालकनी में नाश्ता लेकर आ गई। ट्रे पर कॉफी, ऑमलेट, टोस्ट, फ्रूट सलाद और जूस था। दोनों बालकनी में बैठकर नाश्ता करने लगे। हल्की ठंडी हवा चल रही थी। सीमा ने राहुल की जाँघ पर हाथ रखकर हल्के से सहलाया।

नाश्ता खत्म होने के बाद सीमा ने कहा,
“चलो… अब पूरा फार्महाउस घुमा देती हूँ।”

सीमा ने राहुल को हाथ पकड़कर पहले मुख्य लिविंग हॉल में ले जाया। हॉल बहुत बड़ा था — ऊँची सीलिंग, क्रिस्टल चैंडेलियर, सफेद संगमरमर का फर्श, लग्जरी सोफे और दीवारों पर महँगी पेंटिंग्स। बीच में बड़ा फायरप्लेस था।

फिर मास्टर बेडरूम (जहाँ वे रात भर थे), गेस्ट बेडरूम, होम थिएटर रूम, जिम रूम, इनडोर स्विमिंग पूल, किचन, लाइब्रेरी और ऑफिस — हर जगह घुमाया। आखिर में रूफटॉप टैरेस पर ले गईं। वहाँ बड़ा जकूजी टब, बार और आउटडोर लाउंजर था। चारों तरफ 25 एकड़ फार्म का नज़ारा दिख रहा था।

टूर खत्म होने तक 1 बज चुका था।

दोनों लंच करने के लिए फार्महाउस के अंदर वाले डाइनिंग एरिया में गए। लंच टेबल पर सजा हुआ था — तंदूरी चिकन, पनीर, नान, सलाद और वाइन। दोनों बैठ गए।

खाते-खाते राहुल ने कहा,
“लंच के बाद एक और राउंड हो जाए?”

सीमा ने तुरंत मना कर दिया।
“नहीं राहुल… अभी नहीं। मेरी चूत अभी भी बहुत सूजी हुई है।”

राहुल ने हठ किया,
“मेरी इच्छा है… प्लीज…”

सीमा ने राहुल की आँखों में देखा और धीरे से बोलीं,
“ठीक है… लेकिन Med (रीना) के साथ नहीं। मैं तुम्हारे लिए एक call girl बुलाती हूँ। बहुत महंगी और प्रोफेशनल है। तुम पूरे वसूल कर लेना।”

राहुल ने पूछा,
“आपको कोई प्रॉब्लम तो नहीं होगी?”

सीमा ने मुस्कुराते हुए कहा,
“नहीं… लेकिन उसको ऐसा बताना कि तुम मेरे गेस्ट हो और बिजनेस के लिए आए हो।
मैं नहीं देखूँगी। तुम condom पहनकर करना। वो लड़की सिर्फ 5 घंटे के लिए आएगी।”

खाना खत्म होने के बाद सीमा ने राहुल को ऊपर वाला स्पेशल कमरा दिखाया। कमरा बहुत बड़ा था — जकूजी टब, sex positions के लिए खास डिज़ाइन किया गया sofa, बड़ा बेड और मिरर वाली दीवारें।

सीमा ने राहुल को कमरे में छोड़ दिया और बोलीं,
“मैं अपने बेडरूम में जाती हूँ।”

10 मिनट बाद मैड (रीना) एक बहुत खूबसूरत लड़की को लेकर आई। लड़की लगभग 24-25 साल की थी — गोरी, लंबे बाल, आकर्षक शरीर। रीना ने लड़की को कमरे में छोड़ दिया, बाहर निकलकर दरवाजा बंद कर दिया।

रीना लड़की को कमरे में छोड़कर बाहर निकल गई और दरवाज़ा धीरे से बंद कर दिया। अब कमरे में सिर्फ राहुल और वो लड़की थी। लड़की करीब 24-25 साल की थी — गोरी, लंबे काले बाल कंधों तक लहराते हुए, आकर्षक चेहरा, बड़ी-बड़ी आँखें, 34D की भारी और गोल छातियाँ, पतली कमर, चौड़ी कमर और गोल-मोटी, नरम गांड। उसने हल्का मेकअप किया था और एक टाइट ब्लैक ड्रेस पहनी हुई थी जो उसके शरीर की हर कर्व को उभार रही थी।

लड़की ने राहुल को देखा और पेशेवर मुस्कान के साथ धीरे से बोली, 
“साहब… मैं 5 घंटे के लिए तुम्हारी हूँ। जो करना है, वो करो। कोई रोक-टोक नहीं। जो चाहो, जो जितना चाहो… मैं तैयार हूँ।”

राहुल ने उसे ऊपर से नीचे तक देखा। उसकी आँखों में भूख साफ़ दिख रही थी। उसने गहरी, भारी आवाज़ में आदेश दिया, 
“पहले कपड़े उतारो… पूरी तरह नंगी हो जाओ।”

लड़की ने बिना हिचकिचाए ड्रेस का ज़िप पीछे से खोला। ड्रेस धीरे-धीरे उसके गोरे शरीर से फिसलकर पैरों के पास गिर गई। उसने ब्रा का हुक खोला — 34D की भारी, गोल, दूधिया छातियाँ बाहर आ गईं। निप्पल्स हल्के गुलाबी थे और पहले से ही थोड़े सख्त हो चुके थे। फिर उसने पैंटी भी उतार दी। अब वो पूरी तरह नंगी खड़ी थी। उसकी चूत पर हल्के-हल्के बाल थे, शरीर चिकना, चमकदार और बिना किसी दाग-धब्बे के था।

राहुल ने उसे देखते ही जैसे भूखा शेर बन गया। उसने लड़की को कसकर पकड़ लिया और सीधे उसके boobs पर टूट पड़ा। दोनों हाथों से छातियों को जोर-जोर से दबाया। उँगलियाँ नरम, गर्म मांस में गहरे तक धंस गईं। फिर एक निप्पल को मुँह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगा। जीभ से निप्पल को चारों तरफ घुमाया, हल्के से काटा, पूरा निप्पल मुँह में लेकर चूसा। दूसरी छाती को हाथ से मसलता रहा, निप्पल को उँगलियों से नोचता रहा।

लड़की की आहें निकलने लगीं — “आह्ह… साहब… जोर से… उफ्फ… दर्द हो रहा है… लेकिन अच्छा भी लग रहा है…”

राहुल ने 15 मिनट तक लगातार दोनों छातियों को चूसा, चाटा, नोचा और दबाया। छातियाँ लाल हो गई थीं, निप्पल्स सूज गए थे और चमक रहे थे। लड़की की साँसें तेज़ हो गई थीं, उसकी कमर हल्की-हल्की हिल रही थी।

फिर राहुल ने लड़की को नीचे धकेला और बोला, 
“अब अंडरवियर उतारो… पूरी तरह नंगी हो जाओ।”

लड़की ने अंडरवियर उतार दिया। अब वो बिल्कुल नंगी थी। राहुल ने अपना ट्राउज़र उतारा। उसका 11 इंच लंबा और 4 इंच मोटा लंड बाहर आ गया — पूरा सख्त, नसों से भरा, नोक से पहले ही पारदर्शी पानी टपक रहा था।

लड़की ने उसे देखा और चौंक गई। उसकी आँखें फैल गईं, मुँह खुला रह गया। 
“ये… ये कितना बड़ा… और मोटा है… साहब… इतना बड़ा तो मैंने कभी नहीं देखा…”

राहुल ने उसके बाल पकड़े और लंड उसके मुँह के पास ले गया। 
“चूसो… पूरी तरह… जितना हो सके गहरी तक…”

लड़की ने डरते हुए मुँह खोला। राहुल ने लंड जबरदस्ती मुँह में घुसा दिया। लड़की का गला भर गया। राहुल ने उसके सिर को पकड़कर 30 मिनट तक जबरदस्ती चुसवाया। कभी 6-7 इंच तक गला देता, कभी तेज़ी से मुँह में अंदर-बाहर करता। लड़की के मुँह से सलाइवा टपक रहा था। उसकी आँखों से आँसू बहने लगे। वो ग्लक-ग्लक की आवाज़ करती हुई रोने लगी — “मम्म… साहब… बहुत बड़ा… गला भर रहा है… आह्ह… दम घुट रहा है… प्लीज… धीरे…”

30 मिनट बाद राहुल ने उसे उठाया और सोफे पर लिटा दिया। उसने Trojan Magnum XL कंडोम पहन लिया। फिर लड़की की जाँघें चौड़ी कीं और एक ही झटके में 8 इंच लंड अंदर घुसा दिया।

लड़की की चीख फट पड़ी — “आआआह्ह्ह्ह… साहब… 8 इंच… बहुत बड़ा… फाड़ दिया… आह्ह्ह… दर्द… बहार निकालो… मैं मर रही हूँ…”

उसकी चूत बुरी तरह फट गई थी। खून की हल्की धार निकलने लगी। लड़की जोर-जोर से रोने और चीखने लगी — “आह्ह्ह… साहब… बहुत दर्द… रुक जाओ… प्लीज… मैं सह नहीं पा रही… आह्ह्ह… रो रही हूँ… दर्द… बहुत दर्द…”

लेकिन राहुल नहीं रुका। वो जोर-जोर से चोदने लगा। हर धक्का गहरा और बेरहम था। लड़की की चीखें पूरे कमरे में गूँज रही थीं — “आआह्ह्ह… साहब… फाड़ दिया… आह्ह्ह… बहुत तेज़… मत… मत… रो रही हूँ… आह्ह्ह… दर्द… बहुत दर्द… प्लीज…”

राहुल ने लगातार चोदा। लड़की बार-बार चीखती, रोती, हाथ-पैर पटकती। उसकी चीखें अब टूट रही थीं — “साहब… प्लीज… दर्द… बहुत दर्द… आह्ह्ह… मैं मर रही हूँ… रुक जाओ… आह्ह्ह…”

35 मिनट बाद राहुल का शरीर तन गया। उसने आखिरी जोरदार धक्के मारे और कंडोम के अंदर गाढ़ा, गर्म वीर्य की मोटी धार फूट पड़ी। बहुत सारा वीर्य कंडोम में भर गया।

जैसे ही राहुल ने लंड बाहर निकाला, लड़की की चूत से खून और रस की धार बहने लगी। वो पड़ी-पड़ी ज़ोर-ज़ोर से रो रही थी। आँसू उसके गालों पर बह रहे थे। साँसें फूल रही थीं। उसकी चीखें अभी भी कमरे में गूँज रही थीं — “आह्ह्ह… साहब… बहुत दर्द… मैं मर गई… रो रही हूँ… प्लीज…”

लड़की सोफे पर पड़ी-पड़ी काँप रही थी। उसकी चूत बुरी तरह फटी हुई और खून से सनी थी। वो हाँफते हुए रो रही थी।

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One response to “सपनो की जॉब 5”

  1. […] सपनो की जॉब 5 Chudai ki kahaniya – Hindi Sex Story ←सपनो की जॉब 3 सपनो की जॉब 5→ […]

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