सुहागरात की चीखें 2

रिया अभी भी तकिए में मुंह छुपाए जोर-जोर से रो रही थी। उसकी चूत बुरी तरह सूजी हुई थी, लाल हो चुकी थी। अर्जुन बेड पर बैठा था, उसका 10 इंच का मोटा लंड अभी भी कंडोम लगाए खड़ा था, नसें फड़ी हुईं। 

अर्जुन का गुस्सा अब चरम पर था। उसने अचानक रिया के बाल पकड़ लिए और उसे जबरदस्ती घुटनों के बल मोड़ दिया। रिया चीख पड़ी। 

“नहीं! छोड़ो मुझे! मैं गांड नहीं दूंगी! अर्जुन जी… प्लीज… जबरदस्ती मत करो… मैं चिल्ला दूंगी… पूरा घर जाग जाएगा…” रिया ने हाथ-पैर मारते हुए विरोध किया। 

अर्जुन ने रिया की कमर को मजबूती से पकड़ लिया और बोला, 
“आज मेरी सुहागरात है रिया। तू मेरी बीवी है। गांड भी मेरी है। परंपरा पूरी होगी।” 

रिया ने जोर से सिर हिलाया, आंसू बहाते हुए चीखी, 
“मैं परंपरा नहीं मानती! मेरी गांड टाइट है… आपका लंड 4 इंच मोटा है… वो घुसेगा तो मैं फट जाऊंगी… खून निकलेगा… मैं मर जाऊंगी… मम्मी… बचाओ मुझे… प्लीज…” 

सुधा माँ ने तुरंत आगे बढ़कर अर्जुन का हाथ पकड़ लिया। 
“दामाद जी… प्लीज… बेटी की हालत देखिए… उसकी चुत अभी भी सूजी हुई है… गांड में बिल्कुल नहीं सह पाएगी… आज छोड़ दीजिए… मैं… मैं तैयार हूँ… मेरी गांड ले लीजिए… जितना मन हो…” 

अर्जुन ने सुधा माँ को घूरा और बोला, 
“सास जी, आप बार-बार बीच में क्यों पड़ रही हैं? ये मेरी पत्नी है। मैं आज उसकी गांड लूंगा।” 

रिया रोते हुए बोली, 
“मम्मी… आप मत बोलो… ये आदमी मुझे मार डालेगा… मैं गांड नहीं दूंगी… कभी नहीं… अर्जुन जी… मेरी माँ के साथ कर लो… उनकी गांड ले लो… लेकिन मेरी मत छुओ…” 

अर्जुन ने रिया की कमर को और कसकर पकड़ा। उसने लंड पर नया कंडोम चढ़ाया, खूब सारा लुब्रिकेंट लगाया। फिर रिया की गांड के छेद पर लंड का मोटा सिर रख दिया। 

रिया जोर से चीख पड़ी, 
“नहीं! छोड़ो! आआह्ह… मत दबाओ… बहुत डर लग रहा है… मम्मी… प्लीज… रोकिए…” 

अर्जुन ने धीरे से दबाया। 

सिर्फ 1 इंच अंदर गया। 

रिया का पूरा शरीर कांप उठा। 
“आआह्ह… दर्द… गांड फट रही है… निकालिए… प्लीज… सिर्फ सिर ही बहुत मोटा है… आह्ह… जलन हो रही है… मैं सह नहीं पा रही…” रिया रो पड़ी, हाथ-पैर मारने लगी। 

अर्जुन ने और दबाया। अब 3 इंच अंदर चला गया। 

रिया जोर-जोर से चीखने लगी, 
“आआआह्ह्ह… नहीं… 3 इंच… बहुत दर्द… मेरी गांड चीर दी… अर्जुन जी… प्लीज रुक जाइए… मैं मर रही हूँ… आह्ह… और मत घुसाइए… बहुत मोटा… फट जाएगी…” 

रिया के आंसू बह रहे थे। वह बार-बार कमर हिला रही थी, नखरे कर रही थी, “मम्मी… बचाओ… मैं रो रही हूँ… बहुत जलन… प्लीज…” 

सुधा माँ ने अर्जुन के हाथ पकड़कर रोते हुए कहा, 
“दामाद जी… बस करिए… बेटी की हालत देखिए… वो सह नहीं पा रही… मेरी गांड ले लीजिए… प्लीज… बेटी को छोड़ दीजिए…” 

अर्जुन ने सुधा माँ को धक्का देकर अलग किया और बोला, 
“आप चुप रहिए सास जी। आज मैं रिया की गांड लूंगा।” 

उसने और दबाया। अब 4.5 इंच अंदर चला गया। 

रिया सिसक-सिसककर चीख रही थी, 
“आह्ह… आधा भी नहीं… पेट फाड़ रहा है… बहुत गहरा… आआह्ह… निकालिए… मैं सह नहीं पा रही… मम्मी… रो रही हूँ… बहुत दर्द… प्लीज… बस कर दीजिए…” 

रिया की गांड का छेद बुरी तरह फैल गया था। हल्का खून भी रिसने लगा था। वह लगातार रो रही थी और नखरे कर रही थी। 

“मैंने कहा ना… मेरी गांड मत… मैं मना करती हूँ… आप जबरदस्ती कर रहे हो… मैं आपको कभी माफ नहीं करूंगी…” 

अर्जुन ने रिया की कमर को और मजबूती से पकड़ लिया और धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगा। 

5 इंच… 5.5 इंच…

रिया अब लगभग चीखते-चीखते बेहोश होने लगी थी। 
“आआह्ह… बस… काफी… आधा भी नहीं… मेरी गांड फट गई… आह्ह… दर्द… बहुत जलन… प्लीज… निकालिए…” 

सुधा माँ रोते हुए अर्जुन के पैरों में गिर पड़ीं, 
“दामाद जी… प्लीज… मेरी बेटी को मत तोड़िए… मैं… मैं अपनी गांड देती हूँ… आप मुझे जितना चाहे चोदिए… लेकिन बेटी को छोड़ दीजिए…” 

अर्जुन ने रिया की गांड में लंड को आधा ही रखकर रुक गया। रिया सिसक रही थी। उसकी हालत बेहद खराब थी। 

अर्जुन ने गहरी सांस ली और बोला, 
“ठीक है… आज रिया की गांड आधी ही लेता हूँ… लेकिन कल पूरी लूंगा।” 

रिया ने कमजोर आवाज में रोते हुए कहा, 
“कल भी नहीं… कभी नहीं… मैं गांड नहीं दूंगी…” 

सुधा माँ ने बेटी को गले लगा लिया। अर्जुन लंड आधा ही गांड में रखे हुए बैठा रहा। कमरे में सिर्फ रिया की सिसकियाँ और सुधा माँ की दबी हुई रोने की आवाज गूंज रही थी।

अर्जुन ने रिया की गांड में अपना लंड आधा ही रखा हुआ था। रिया सिसक-सिसककर रो रही थी, उसका पूरा शरीर कांप रहा था। उसकी गांड का छेद बुरी तरह फैला हुआ था, हल्का खून भी रिस रहा था। 

“आह्ह… बस… काफी… निकालिए… मेरी गांड फट गई… आआह्ह… दर्द… बहुत जलन… प्लीज… अर्जुन जी…” रिया ने कमजोर आवाज में रोते हुए कहा। 

अर्जुन ने एक गहरी सांस ली। उसने धीरे से लंड बाहर निकाला। रिया ने राहत की सांस ली, लेकिन उसकी आँखों में अभी भी डर था। 

अर्जुन ने सुधा माँ की तरफ देखा। सुधा माँ बेटी के सिरहाने बैठी थीं, उनके हाथ कांप रहे थे। अर्जुन ने ठंडे स्वर में कहा, 
“ठीक है… आज रिया की गांड आधी ही लेता हूँ। लेकिन अब तुम्हारी बारी है सास जी। मेरी सुहागरात पूरी होनी चाहिए।” 

सुधा माँ ने सिर झुका लिया। उनकी आवाज कांप रही थी, 
“दामाद जी… प्लीज… बेटी की हालत देखिए… उसकी चूत और गांड दोनों सूज गई हैं… आज छोड़ दीजिए… मैं… मैं तैयार हूँ… मेरी चूत और गांड… जितना मन हो ले लीजिए… लेकिन बेटी को मत छुईए…” 

रिया ने माँ को पकड़कर रोते हुए कहा, 
“मम्मी… आप मत… मैं नहीं सह पाऊंगी अगर आपकी हालत खराब हुई तो… प्लीज… अर्जुन जी… मेरी माँ को मत छुओ…” 

अर्जुन ने सुधा माँ का हाथ पकड़कर उन्हें बेड पर घुटनों के बल मोड़ दिया। सुधा माँ की साड़ी, पेटीकोट और पैंटी पहले ही खुली हुई थी। उनकी मोटी, गोरी गांड और सूजी हुई चूत पूरी तरह नंगी थी। 

अर्जुन ने नया कंडोम खोला, लंड पर चढ़ाया, खूब सारा लुब्रिकेंट लगाया। फिर सुधा माँ की चूत पर लंड का सिर रख दिया। 

“आह्ह… दामाद जी… धीरे… मेरी उम्र 46 है… बहुत दिन बाद… आआह्ह… सिर्फ सिर ही… बहुत मोटा है… जलन हो रही है…” सुधा माँ सिसक पड़ीं। 

अर्जुन ने धीरे से दबाया — 1 इंच अंदर गया। 

सुधा माँ कांप उठीं, “आह्ह… दर्द… बहुत जलन… धीरे… आह्ह… 3 इंच… आआह्ह… बहुत मोटा… मेरी चूत फट रही है… प्लीज… रुक जाइए…” 

अर्जुन ने और दबाया — 4 इंच… 5 इंच…

सुधा माँ जोर से सिसकने लगीं, “आह्ह… आधा भी नहीं… पेट फाड़ रहा है… दामाद जी… बहुत गहरा… आआह्ह… और मत घुसाइए… मैं तेरी सास हूँ… आह्ह…” 

पहला राउंड चूत में सिर्फ 5.5 इंच तक ही गया। अर्जुन ने धीरे-धीरे हिलाना शुरू किया। हर छोटे धक्के पर सुधा माँ सिसक रही थीं। रिया बगल में लेटी रो रही थी, “मम्मी… आपकी हालत खराब हो रही है… प्लीज… रुक जाइए…” 

पहला राउंड 40 मिनट चला। सुधा माँ की चूत लाल और सूजी हो गई। 

दूसरा राउंड शुरू हुआ। अर्जुन ने सुधा माँ को मिशनरी पोजीशन में लिटाया, उनके होंठ चूसते हुए लंड फिर से चूत में डाला। 

“आह्ह… नहीं… फिर से… आआह्ह… 1 इंच… दर्द… 3 इंच… आह्ह… बहुत मोटा… मैं सह नहीं पा रही… दामाद जी… प्लीज धीरे…” सुधा माँ रो रही थीं। 

अर्जुन ने 5.5 इंच तक ही घुसाया। सुधा माँ बार-बार सिसक रही थीं। 

तीसरा राउंड चूत में भी आधा ही। 

फिर अर्जुन ने सुधा माँ को घुटनों के बल मोड़ दिया। अब गांड की बारी। 

“आह्ह… गांड में मत… आआह्ह… 1 इंच… फट रही है… दामाद जी… बहुत मोटा… आह्ह… 3 इंच… जलन… मैं रो रही हूँ… प्लीज…” 

अर्जुन ने सुधा माँ की गांड में भी 5 इंच तक ही घुसाया। तीन-तीन राउंड — चूत और गांड — पूरे होने में रात के 3:30 बज गए। सुधा माँ की हालत बेहद खराब थी। उनकी चूत और गांड दोनों सूजी हुई, लाल, खून रिस रहा था। वह थककर बेड पर गिर पड़ी थीं। 

अर्जुन ने अब रिया की तरफ देखा। रिया अभी भी रो रही थी। 

“अब फिर तेरी गांड की बारी है रिया।” 

रिया ने जोर से सिर हिलाया, 
“नहीं! मैंने कहा ना… कभी नहीं! मेरी गांड मत छुओ… मम्मी की हालत देखिए… आपने उन्हें फाड़ दिया… मुझे भी मत फाड़िए… प्लीज… मैं मना करती हूँ…” 

अर्जुन ने रिया को फिर घुटनों के बल मोड़ने की कोशिश की। रिया हाथ-पैर मारने लगी, 
“छोड़ो मुझे! मैं चिल्ला दूंगी… मैं गांड नहीं दूंगी… मम्मी… बचाओ…” 

सुधा माँ ने कमजोर आवाज में कहा, 
“दामाद जी… बेटी को मत… मैं फिर तैयार हूँ… मेरी गांड फिर ले लीजिए… लेकिन बेटी को छोड़ दीजिए…” 

रिया रोते हुए बोली, 
“मम्मी… आप चुप रहिए… ये आदमी मुझे मार डालेगा… मैं गांड नहीं दूंगी… कभी नहीं…” 

अर्जुन ने रिया की कमर पकड़ ली। लंड फिर से रिया की गांड पर रख दिया। 

“आआह्ह… नहीं… 1 इंच… दर्द… आआह्ह… 3 इंच… फट रही है… अर्जुन जी… प्लीज… मैं रो रही हूँ… मम्मी… देखिए… मैं सह नहीं पा रही…”

रिया अभी भी बेड पर करवट लेकर लेटी हुई थी। उसकी चूत और गांड दोनों बुरी तरह सूजी हुई थीं। वह हल्के-हल्के सिसक रही थी। अर्जुन बेड के किनारे बैठा था, उसका लंड अभी भी कंडोम में था और आधा खड़ा था। 

रिया ने आंसू पोछते हुए फिर से सख्त स्वर में कहा, 
“सुन लो अर्जुन जी… अगर आपने फिर से जबरदस्ती की… चाहे चुत हो या गांड… तो मैं चिल्ला दूंगी। पूरा घर, पूरा मोहल्ला, सारे रिश्तेदार जाग जाएंगे। मैं सबको बता दूंगी कि मेरी सुहागरात में मेरे पति मुझे मार रहे थे। आपकी इज्जत, आपका नाम, सब बर्बाद हो जाएगा।” 

अर्जुन का चेहरा तन गया। वह समझ गया कि रिया अब गंभीर है। अगर उसने चिल्लाया तो वाकई बड़ी बदनामी हो जाएगी। 

अर्जुन ने गहरी सांस ली और बोला, 
“ठीक है रिया… मैं जबरदस्ती नहीं करूंगा। लेकिन तू मेरी बीवी है… सुहागरात है… कम से कम चुत तो दे दे।” 

रिया ने सिर हिलाया, 
“धीरे-धीरे… और सिर्फ चुत… गांड की बात मत छेड़ना। वरना मैं अभी चिल्ला दूंगी।” 

अगले 3-4 दिन की मजबूरी

अगले तीन दिन अर्जुन को पूरी तरह काबू में रहना पड़ा। रिया मायके जाने वाली थी, इसलिए उसने धमकी दे रखी थी। 

दूसरी रात
अर्जुन ने रिया को बहुत धीरे-धीरे चूमा। उसके स्तनों को सहलाया, चूत पर उंगली फेरी। जब लंड डाला तो सिर्फ 3 इंच ही घुसाया। 

रिया ने आँखें बंद करके कहा, 
“आह्ह… धीरे… अभी भी दर्द है… और मत घुसाइए… बस इतना ही… आह्ह…” 

अर्जुन को मजबूरी में रुकना पड़ा। 

तीसरी रात
इस बार अर्जुन ने 4 इंच तक घुसाया। रिया फिर भी नखरे कर रही थी, 
“बहुत मोटा है… जलन हो रही है… प्लीज… और मत… मैं मायके जा रही हूँ… वहाँ भी दर्द रहेगा तो लोग पूछेंगे…” 

अर्जुन गुस्से में था, लेकिन चुप रहा। 

चौथी रात
रिया कल मायके जाने वाली थी। अर्जुन ने आखिरी मौका समझकर रिया को चोदा। इस बार उसने 5 इंच तक घुसाया, लेकिन बहुत धीरे-धीरे। रिया बार-बार मना कर रही थी, 
“आह्ह… काफी है… और मत… मैं सह नहीं पा रही… गांड की बात मत सोचिए भी…” 

अर्जुन ने मजबूरन रुक जाना पड़ा। 

रिया का मायके जाना

पांचवें दिन सुबह रिया मायके चली गई। जाते समय उसने अर्जुन से साफ-साफ कहा, 
“4 दिन बाद आऊंगी। तब तक सोच लीजिए। अगर आपने फिर से जबरदस्ती की… खासकर गांड में… तो मैं सबको बता दूंगी।” 

अर्जुन ने सिर्फ सिर हिला दिया, लेकिन अंदर से उसका गुस्सा और भूख दोनों बढ़ रहे थे। 

अब घर में सिर्फ अर्जुन अकेला था। वह सोच रहा था — रिया जब वापस आएगी तो वह कैसे अपनी जिद पूरी करेगा।

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