सुहागरात की चीखें 3

रिया मायके से चार दिन बाद वापस आई। उसका चेहरा थोड़ा सख्त था, लेकिन आँखों में अब पहले जितना डर नहीं था। अर्जुन एयरपोर्ट पर उसे लेने गया था। घर आते समय कार में दोनों के बीच सन्नाटा था। 

घर पहुँचकर रिया ने सीधे कहा, 
“अर्जुन जी… मैंने आपको पहले ही बता दिया था। अगर आपने फिर से जबरदस्ती की, खासकर गांड में, तो मैं चिल्ला दूंगी।” 

अर्जुन ने सिर हिलाया और नरम स्वर में बोला, 
“मैं समझ गया हूँ रिया। अब मैं जबरदस्ती नहीं करूंगा। हम दस दिन बाद बाली हनीमून पर जा रहे हैं। तब तक मैं धीरे-धीरे ही करूंगा।” 

रिया ने बस सिर हिला दिया। 

दस दिन की नरम सुहागरात

अगले दस दिन अर्जुन ने सच में अपनी जिद पर काबू रखा। वह रिया को जबरदस्ती नहीं छू रहा था। 

पहली रात (वापसी की रात)
अर्जुन ने रिया को बहुत धीरे से चूमा। उसके गाल, गर्दन, होंठ, फिर स्तनों को चूसा। रिया अभी भी थोड़ी紧张 थी। जब अर्जुन ने लंड पर कंडोम चढ़ाकर रिया की चूत पर रखा तो रिया ने कांपते हुए कहा, 
“धीरे… बहुत धीरे… अभी भी दर्द है…” 

अर्जुन ने सिर्फ 3 इंच घुसाया। धीरे-धीरे हिलाया। रिया आँखें बंद करके सिसक रही थी, 
“आह्ह… धीरे… आह्ह… बहुत मोटा है… जलन हो रही है… बस इतना ही…” 

तीसरी रात
अर्जुन ने 4 इंच तक घुसाया। रिया अब थोड़ी शांत थी, लेकिन फिर भी नखरे कर रही थी, 
“आह्ह… और मत घुसाइए… बस… आह्ह… धीरे हिलाइए… मैं सह नहीं पाती तेज…” 

सातवीं रात
अर्जुन ने 5 इंच तक घुसाया। इस बार रिया ने खुद थोड़ा कमर हिलाया। लेकिन गांड की बात छेड़ते ही रिया सख्त हो गई, 
“गांड मत छूना भी… वरना मैं फिर धमकी दूंगी।” 

अर्जुन ने मजबूरन चुप रहकर चुत में ही 5 इंच तक धीरे-धीरे चोदा। 

दसवें दिन – शॉपिंग

हनीमून से एक दिन पहले अर्जुन रिया को शॉपिंग ले गया। 

पहले कंडोम शॉप गए। अर्जुन ने 200 पीस एक्स्ट्रा लार्ज, अल्ट्रा थिन, रिब्ड और फ्लेवर्ड कंडोम खरीदे। रिया शरमा रही थी। 

फिर बिकिनी शॉप गए। रिया ने कई बिकिनी ट्राई कीं — लाल, ब्लैक, व्हाइट। अर्जुन ने तीन बहुत sexy बिकिनी खरीदीं, जिनमें से दो तो सिर्फ धागे वाली थीं। रिया ने शरमाते हुए कहा, 
“ये तो बहुत छोटी हैं… बाली में पहनूंगी तो सब देख लेंगे…” 

अर्जुन मुस्कुराया, “हनीमून है… पहनना।” 

बाली पहुंचना

दस दिन पूरे होने के बाद दोनों प्राइवेट जेट से बाली के लिए रवाना हुए। 

जब वे बाली के लग्जरी विला में पहुंचे, तो शाम हो चुकी थी। सामने नीला समुद्र, प्राइवेट पूल, और चारों तरफ palm trees। विला बहुत खूबसूरत था। 

रिया ने बालकनी में खड़े होकर समुद्र देखा। अर्जुन उसके पीछे आकर खड़ा हो गया।

अर्जुन रिया के ठीक पीछे आकर खड़ा हो गया। बालकनी में समुद्र की लहरों की आवाज आ रही थी। हल्की ठंडी हवा चल रही थी। रिया दोनों हाथ बालकनी की रेलिंग पर रखे खड़ी थी। अर्जुन ने धीरे से उसके कमर पर हाथ रखा और उसे अपनी तरफ खींच लिया। 

रिया का शरीर थोड़ा कांप गया। 

अर्जुन ने उसके कान में फुसफुसाते हुए कहा, 
“रिया… हम यहाँ बाली में 15 दिन के लिए हैं। यहाँ कोई घर नहीं, कोई रिश्तेदार नहीं, कोई पड़ोसी नहीं। तू जितना चाहे चिल्ला ले… कोई नहीं सुनने वाला। तू भाग भी नहीं सकती। यहाँ से कहीं भागने का रास्ता भी नहीं है। 

तो अब फैसला तेरा है — या तो इन 15 दिनों को मजे से बिताएगी… या फिर रो-रोकर, दुखी होकर बिताएगी। लेकिन इन 15 दिनों में तुझे मेरी हर इच्छा पूरी करनी पड़ेगी। समझ गई?” 

रिया ने कुछ पल चुप रहकर गहरी सांस ली। फिर धीरे से बोली, 
“ठीक है… लेकिन मेरी शर्त पर। गांड कभी नहीं। उसकी बात मत छेड़ना भी। बाकी… मैं कोशिश करूंगी।” 

अर्जुन ने मुस्कुराते हुए उसके गाल चूमे, 
“बहुत अच्छा। आज पहला दिन है… हम धीरे-धीरे शुरू करेंगे।” 

पहली रात – बाली का पहला राउंड

अर्जुन ने रिया को अंदर बेडरूम में ले जाकर धीरे-धीरे उसके कपड़े उतारे। रिया ने भी उसका शर्ट और शॉर्ट्स उतारा। दोनों पूरी तरह नंगे हो गए। 

अर्जुन ने रिया को बेड पर लिटाया। बहुत देर तक उसे किस किया — होंठ, गर्दन, स्तन, पेट, जांघें। रिया की सांसें तेज हो रही थीं। 

जब अर्जुन ने लंड पर कंडोम चढ़ाया और लुब्रिकेंट लगाया, रिया ने कांपते हुए कहा, 
“आज धीरे-धीरे… प्लीज… मैं पूरी कोशिश करूंगी।” 

अर्जुन ने लंड का सिर रिया की चूत पर रखा और बहुत धीरे से दबाया। 

1 इंच…
रिया ने आँखें बंद कर लीं, “आह्ह… धीरे… अभी भी थोड़ा दर्द है…” 

3 इंच…
“आह्ह… मोटा है… जलन हो रही है… रुकिए एक सेकंड…” 

5 इंच…
रिया ने दांत भींच लिए, “आह्ह… आधा हो गया… गहरा लग रहा है… धीरे हिलाइए…” 

अर्जुन ने धीरे-धीरे पूरा 10 इंच अंदर कर दिया। रिया का पेट हल्का-हल्का उभर रहा था। वह सिसक रही थी, लेकिन चीख नहीं रही थी। 

“आह्ह… पूरा घुस गया… बहुत भरा हुआ लग रहा है… धीरे… आह्ह… हाँ… ऐसे ही…” 

पहला राउंड 25 मिनट चला। 

दूसरा राउंड में रिया ने खुद थोड़ी कमर हिलाई। 
“आह्ह… अब थोड़ा तेज… लेकिन बहुत तेज मत…” 

तीसरा राउंड में रिया ने पहली बार पूरा 10 इंच सह लिया। वह थोड़ी-थोड़ी चीख रही थी, लेकिन दर्द के साथ मजे की आवाज भी आने लगी थी। 

“आह्ह… पूरा… आ गया… आह्ह… अर्जुन जी… धीरे… हाँ… ऐसे ही…” 

अगले 4 दिन

अगले चार दिन अर्जुन और रिया के बीच काफी ज्यादा सेक्स हुआ — कुल 32 बार। 

– सुबह पूल के किनारे 
– दोपहर बेडरूम में 
– शाम बालकनी में 
– रात को लाइट ऑफ करके 

रिया अब धीरे-धीरे सहने लगी थी। वह नखरे तो करती थी, लेकिन चीखना-रोना कम हो गया था। हर बार 3-4 राउंड होते। कभी-कभी रिया खुद ऊपर चढ़कर बैठ जाती। 

लेकिन हर बार जब अर्जुन गांड की बात छेड़ता, रिया तुरंत सख्त हो जाती, 
“गांड नहीं। भूल भी जाओ उसकी। मैंने कहा था ना।” 

अर्जुन भी 4 दिन तक गांड का नाम नहीं लेता था। वह सिर्फ रिया की चुत पर फोकस रखता था। 

रिया धीरे-धीरे आदत डाल रही थी। चौथे दिन शाम को उसने खुद अर्जुन से कहा, 
“आज 4 राउंड… लेकिन धीरे-धीरे…” 

अर्जुन मुस्कुराया।

चार दिन बीत चुके थे। रिया अब काफी हद तक खुल चुकी थी। वह खुद कंडोम पहनाने लगी थी और सेक्स में सक्रिय भाग ले रही थी। लेकिन गांड की बात आते ही वह अभी भी सख्त हो जाती थी।

पांचवां दिन – शॉपिंग

अर्जुन रिया को शॉपिंग ले गया। रिया ने बहुत महंगे 300 कंडोम, लुब्रिकेंट और 7 लग्जरी बिकिनी खरीदीं। जब वे वापस विला पहुंचे तो रिया ने अर्जुन से कहा, 
“जो तुम्हें चाहिए वो खरीद लो।”

अर्जुन ने उसकी कमर पकड़कर कान में फुसफुसाया, 
“मुझे तुम्हारी गांड चाहिए।”

रिया एक पल चुप रही, फिर बोली, 
“ठीक है… लेकिन एक शर्त पर। मुझे देखना है कि कोई ऐसी लड़की जिसकी कभी गांड नहीं मारी गई हो, उसे कैसे मारा जाता है। मैं सामने बैठकर देखूंगी। अगर मुझे लगा कि मैं सह सकती हूँ, तो मैं मान जाऊंगी।”

अर्जुन की आँखें चमक उठीं।

उसी शाम – लिया का आगमन

अर्जुन ने एक लोकल कॉल गर्ल बुलाई — लिया, 24 साल की, बहुत खूबसूरत, गोरी, slim body, छोटे-छोटे स्तन और टाइट गांड। लिया पहली बार गांड मरवा रही थी।

लिया विला में आई। रिया बेड के पास एक आरामदायक कुर्सी पर बैठ गई। अर्जुन ने लिया को नंगा किया। लिया घुटनों के बल बेड पर थी।

अर्जुन ने लंड पर कंडोम चढ़ाया और खूब सारा लुब्रिकेंट लगाया। फिर लिया की गांड के छेद पर लंड का मोटा सिर रख दिया।

लिया का सेक्स सीन (विस्तृत)

अर्जुन ने धीरे से दबाया।

1 इंच अंदर गया। 
लिया तुरंत कांप उठी, “आआह्ह… नहीं… बहुत मोटा… जलन हो रही है… आह्ह… निकालिए… दर्द…” 

अर्जुन रुका नहीं। उसने और दबाया।

3 इंच अंदर। 
लिया जोर से चीख पड़ी, “आआआह्ह्ह… 3 इंच… मेरी गांड फट रही है… बहुत दर्द… आह्ह… रुक जाइए… मैं पहली बार… आंसू आ रहे हैं…” 

लिया के आंसू बहने लगे। उसकी गांड का छेद बुरी तरह फैल गया था। अर्जुन ने लुब्रिकेंट और लगाया और धीरे-धीरे आगे बढ़ा।

4.5 इंच… 5.5 इंच…
लिया अब सिसक-सिसककर चीख रही थी, “आह्ह… आधा भी नहीं… पेट फाड़ रहा है… बहुत गहरा… आआह्ह… दर्द… मैं सह नहीं पा रही… आह्ह… और मत घुसाइए…” 

अर्जुन ने पूरा 10 इंच अंदर करने की कोशिश की, लेकिन लिया की गांड इतनी टाइट थी कि सिर्फ 6.5 इंच तक ही गया। फिर उसने धीरे-धीरे हिलाना शुरू किया। हर धक्के पर लिया की चीखें कमरे में गूंज रही थीं।

“आह्ह… नहीं… जोर से मत… आआह्ह… मेरी गांड चीर दी… आह्ह… दर्द… लेकिन… आह्ह… थोड़ा मज़ा भी आ रहा है… नहीं… मत रुकना… आआह्ह…” 

अर्जुन ने लिया को 5 राउंड लगातार गांड मारा। हर राउंड में वह 6-7 इंच तक घुसा रहा। लिया रोती रही, चीखती रही, लेकिन आखिरी राउंड में वह खुद कमर हिलाने लगी।

फिर अर्जुन ने लिया की चूत में 3 राउंड मारे। लिया पूरी तरह थककर बेड पर गिर पड़ी। उसकी गांड और चूत दोनों सूजी हुई, लाल और खून-रस से सनी हुई थीं।

रिया का रिएक्शन

रिया पूरे समय चुपचाप बैठी देखती रही। उसकी सांसें तेज हो रही थीं। उसकी चूत गीली हो चुकी थी। लिया की चीखें, दर्द और आखिर में मजे की आवाजें सुनकर रिया का चेहरा लाल हो गया था।

अर्जुन ने लिया को पैसे देकर विदा किया। फिर रिया की तरफ मुड़ा।

रिया ने धीरे से कहा, 
“मैं… मैंने देख लिया… अब… अब मैं सोचूंगी…”

रिया लिया को देखकर चुपचाप बैठी रही। उसने कुछ नहीं कहा। जब लिया चली गई तो रिया ने नखरे दिखाते हुए कहा, 
“मैंने देख लिया… लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि मैं मान गई हूँ।” 

अर्जुन ने मुस्कुराते हुए रिया को बेड पर खींच लिया। उस रात उसने सिर्फ रिया की चुत में ही सेक्स किया। तीन राउंड। रिया नखरे करती रही — “आह्ह… धीरे… बहुत तेज मत… आह्ह… बस… आज काफी…” लेकिन गांड की बात छेड़ते ही चुप हो जाती। 

अर्जुन ने भी कुछ नहीं कहा। तीन राउंड के बाद वह रिया को चूमकर सो गया।

अगले दिन – सेक्स टॉय शॉपिंग

सुबह अर्जुन रिया को लेकर एक लग्जरी एडल्ट शॉप गया। रिया शरमा रही थी। अर्जुन ने बहुत महंगे सेक्स टॉय खरीदे — 
– एक 9 इंच लंबा, 3 इंच मोटा रियलिस्टिक डिल्डो 
– वाइब्रेटिंग बट प्लग 
– एनाल बीड्स 
– और बहुत सारा लुब्रिकेंट 

रिया ने कुछ नहीं कहा, बस शरमाकर सिर झुका लिया।

उसी रात

अर्जुन ने पहले रिया को नॉर्मल तरीके से चोदा। दो राउंड पूरे 10 इंच तक। रिया अब काफी सहने लगी थी। 

“आह्ह… हाँ… पूरा… आह्ह… अच्छा लग रहा है…” 

तीसरे राउंड के बाद अर्जुन ने रिया को घुटनों के बल मोड़ा। रिया समझ गई। 

“नहीं… अर्जुन जी… गांड में मत… प्लीज… मैं नहीं चाहती…” रिया ने नखरे दिखाए। 

अर्जुन ने लुब्रिकेंट लगाया और पहले अपनी उंगली डाली। फिर दूसरी। रिया सिसक रही थी, “आह्ह… नहीं… जलन हो रही है… मत करो…” 

फिर अर्जुन ने डिल्डो लिया और धीरे-धीरे रिया की गांड में डालना शुरू किया। 

1 इंच…
रिया कांप उठी, “आह्ह… बहुत मोटा… निकालिए…” 

3 इंच…
“आआह्ह… दर्द… फट रही है… प्लीज… मत…” 

अर्जुन रुका नहीं। धीरे-धीरे पूरा 9 इंच डाल दिया। रिया रो पड़ी, लेकिन अर्जुन ने धीरे-धीरे हिलाना शुरू कर दिया। 

पहला राउंड डिल्डो से पूरा हो गया। 

दूसरे राउंड में अर्जुन ने अपना लंड रिया की गांड में डाला। रिया मना कर रही थी, “नहीं… असली मत… आआह्ह… बहुत मोटा… फट जाएगी…” 

लेकिन अर्जुन ने धीरे-धीरे पूरा 10 इंच डाल दिया। रिया चीख रही थी, लेकिन अर्जुन ने 2 राउंड पूरा गांड मारा। 

फिर उसने रिया की चुत और मुंह में भी 2-2 राउंड किए। कुल 5-6 राउंड हो गए। रिया थककर बेड पर पड़ी थी, रो रही थी, लेकिन चुप थी। 

अगले दिन – रिया का गुस्सा

सुबह रिया बहुत गुस्से में थी। वह अर्जुन से बात नहीं कर रही थी। नाश्ते के समय भी चुप रही। 

अर्जुन ने पूछा, “क्या हुआ?” 

रिया ने गुस्से से कहा, 
“तुमने कल मेरी गांड जबरदस्ती मारी… मैंने मना किया था… फिर भी किया… मैं तुमसे नाराज हूँ।” 

अर्जुन ने उसे मनाने की कोशिश की, लेकिन रिया पूरे दिन नाराज रही। 

शाम को अर्जुन ने उसे बहुत प्यार से चूमकर मनाया। रिया थोड़ी नरम पड़ी। 

दस दिन बाद – घर वापसी

15 दिन पूरे होने के बाद दोनों घर वापस आ गए। रिया अब थोड़ी बदल चुकी थी, लेकिन गांड वाली बात पर अभी भी सख्त थी। 

अर्जुन जानता था कि अब असली खेल घर आकर शुरू होगा।

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