70 मिनट की बेरहम चुदाई खत्म होते ही राहुल ने लंड बाहर निकाला। सीमा की चूत से गाढ़ा, गर्म वीर्य की मोटी धार बहने गी। उनकी चूत बुरी तरह सूजी हुई, लाल और फड़क रही थी। सीमा पड़ी-पड़ी ज़ोर-ज़ोर से रो रही थीं। उनके गालों पर आँसू की धार बह रही थी, साँसें फूल रही थीं और शरीर अभी भी हल्का-हल्का काँप रहा था।
उन्होंने आँखें खोलीं। आँखों में गुस्सा, दर्द और निराशा तीनों थे। उन्होंने राहुल की तरफ देखा और काँपती, टूटी हुई आवाज़ में चीखकर कहा,
“राहुल… तूने… मेरे मना करने पर… ऐसा क्यों किया?
मैंने कितनी बार कहा… 4-5 इंच से ज़्यादा मत डालना… मैं रो रही थी… चीख रही थी… फिर भी तू नहीं रुका… 70 मिनट तक… जानवर की तरह… पाँच बार झड़वाया… मेरी चूत फाड़ दी… तुझे शर्म नहीं आई?”
सीमा की आवाज़ में गुस्सा था, लेकिन आँसू रुक नहीं रहे थे। वो रोते-रोते गिड़गिड़ा रही थीं।
राहुल ने तुरंत सीमा को दोनों हाथों से कसकर गले लगा लिया। उनकी नंगी देह अभी भी काँप रही थी। राहुल ने उनके बालों में हाथ फेरते हुए, बहुत नरम और प्यार भरी आवाज़ में माफी माँगनी शुरू की,
“सीमा जी… गलती हो गई… बहुत बड़ी गलती… मैं जानता हूँ… तुम रो रही थीं, मना कर रही थीं, फिर भी मैं नहीं रुका… मुझे खुद पर कंट्रोल नहीं रहा… 15 दिन से तुम्हारी याद में मेरा पानी नहीं निकला था… जब तुम आईं… तुम्हारी नंगी देह देखी… तुम्हारी चूत छुई… तो मेरी सारी कंट्रोल चली गई… मैं जानवर बन गया… मुझे माफ़ कर दो… अब कभी नहीं होगा… वादा है…”
राहुल ने बार-बार उनके माथे, गालों और होंठों पर किस करते हुए कहा,
“तुम भी तो मुझे रोक नहीं पाईं… जब मैंने 5 इंच किया… तुम भी तो चीख रही थीं… लेकिन तुम्हारी चूत भी तो मुझे अंदर खींच रही थी… हम दोनों की भूख 15 दिन से दबी हुई थी… मैं भी नहीं रुक पाया… तुम भी नहीं रुक पाईं… प्लीज… गुस्सा मत करो…”
सीमा रोते-रोते राहुल की छाती में चेहरा छुपाए रही। राहुल ने उन्हें और कसकर गले लगाया। धीरे-धीरे उनका रोना कम हुआ।
राहुल ने उन्हें गोद में उठा लिया। सीमा की नंगी देह उसके सीने से सटी हुई थी। उसने उन्हें जकूजी वाले बाथरूम में ले जाकर जकूजी टब में उतार दिया। गर्म पानी तेज़ी से भर रहा था। राहुल भी नंगा ही टब में उतर गया। उसने सीमा को अपनी गोद में बिठा लिया।
राहुल ने गर्म पानी में हाथ डुबोकर सीमा की सूजी हुई चूत पर बहुत नरम हाथ से मसाज करना शुरू किया। उँगलियाँ हल्के-हल्के घुमा रहा था, गर्म पानी की धार चूत की फाँक पर गिरा रहा था। सीमा की आँखें बंद थीं। धीरे-धीरे उनकी जलन और दर्द कम होने लगा। वो हल्की-हल्की आहें भर रही थीं — “आह्ह… राहुल… ठंडा… गर्म… दोनों… बहुत अच्छा लग रहा है…”
राहुल ने 15-20 मिनट तक लगातार उनकी चूत को गर्म पानी से मसाज किया। फिर दोनों टब से बाहर निकले। राहुल ने खुद सीमा को तौलिए से पोंछा। उनकी छातियाँ, कमर, जाँघें, चूत — हर जगह बहुत प्यार से पोंछी। फिर उन्होंने सीमा को कपड़े पहनाए — हल्की साड़ी, ब्लाउज़। खुद भी कपड़े पहन लिए।
जब दोनों तैयार हुए तो ठीक उसी समय मैड (रीना) कमरे में आई। उसके हाथ में ट्रे था — गर्म स्नैक्स, कॉफी और कुछ हल्के स्वीट्स। रीना ने ट्रे रखी और बिना कुछ बोले वापस चली गई।
दोनों ने स्नैक्स और कॉफी ली। गर्म कॉफी पीते हुए सीमा का मूड थोड़ा ठीक होने लगा। उन्होंने राहुल की तरफ देखकर हल्के से मुस्कुराया।
सीमा ने राहुल का हाथ पकड़ लिया और बोलीं,
“चलो… अब पूरा फार्महाउस दिखाती हूँ…”
नया फार्महाउस का पूरा टूर (बहुत विस्तार से)
सीमा ने राहुल को पहले मेन लिविंग हॉल में ले जाया। हॉल बहुत बड़ा था — 50 फीट लंबा, हाई सीलिंग, क्रिस्टल चैंडेलियर, सफेद संगमरमर का फर्श, चारों तरफ लग्जरी सोफे और दीवार पर बड़ी-बड़ी पेंटिंग्स। बीच में एक बड़ा फायरप्लेस था। सीमा ने बताया, “रात को यहाँ आग जलाकर हम बैठेंगे।”
फिर मास्टर बेडरूम — जहाँ वे अभी थे। किंग साइज़ बेड, जकूजी अटैच्ड बाथरूम, वॉक-इन क्लोसेट, बालकनी से पूरा फार्म देखने का नज़ारा।
दूसरा बेडरूम — गेस्ट रूम, लेकिन बहुत लग्जरी। सिल्क के बेडशीट्स, प्राइवेट जकूजी।
होम थिएटर रूम — 12 सीट वाला, रिक्लाइनर चेयर, 120 इंच का स्क्रीन, साउंड सिस्टम। सीमा ने हँसते हुए कहा, “यहाँ हम नंगे फिल्म देखेंगे।”
जिम रूम — पूरा मिरर वाला, ट्रेडमिल, वेट्स, योगा मैट। सीमा ने राहुल की बाँह पकड़कर कहा, “सुबह यहाँ हम साथ में एक्सरसाइज करेंगे।”
इनडोर स्विमिंग पूल — 40 फीट लंबा, नीला पानी, चारों तरफ ग्लास वॉल, अंदर से बाहर का नज़ारा। पूल के किनारे बार और लाउंजर।
किचन — बहुत बड़ा, मॉडर्न, सब कुछ स्टेनलेस स्टील। एक अलग डाइनिंग एरिया।
लाइब्रेरी और ऑफिस — किताबों से भरी अलमारी, बड़ा डेस्क, जहां राहुल को काम करना था।
रूफटॉप टैरेस — ऊपर जाने वाली सीढ़ियाँ चढ़कर वे छत पर पहुँचे। वहाँ बड़ा जकूजी टब, बार, आउटडोर लाउंजर और चारों तरफ 25 एकड़ फार्म का नज़ारा। रात के समय लाइट्स जल रही थीं।
गार्डन — बाहर बहुत बड़ा लॉन, फूलों के गमले, छोटा फाउंटेन, घुड़सवारी का एरिया और दूर तक हरे-भरे खेत।
सीमा ने पूरे फार्महाउस को घुमाते हुए हर जगह राहुल को छूती रही — कभी हाथ पकड़ती, कभी कमर पर हाथ रखती, कभी उसके कान में फुसफुसाती।
टूर खत्म होने पर दोनों वापस लिविंग रूम में आ गए।
टूर खत्म होने पर दोनों वापस लिविंग रूम में आ गए। शाम के 8:15 बज चुके थे। पूरा फार्महाउस बाहर से तो बहुत शानदार और रोशनी से जगमगा रहा था, लेकिन अंदर सिर्फ हल्की गोल्डन लाइट जल रही थी। सीमा ने राहुल का हाथ पकड़ रखा था। उनकी साड़ी थोड़ी अस्त-व्यस्त थी, बाल खुले हुए थे और चेहरा अभी भी थोड़ा लाल था।
सीमा ने राहुल को सोफे के पास खड़ा किया और धीरे से बोलीं,
“राहुल… ध्यान से सुनो।
यहाँ बाहर बहुत सारे नौकर हैं — गार्ड, गार्डनर, कुक, क्लीनर। वे सब बाहर वाले एरिया में रहते हैं। लेकिन अंदर वाले बंगले में सिर्फ हम दोनों और मैड रीना होगी।
कल सुबह मैं तुम्हें पूरा फार्महाउस फिर से दिखाऊँगी, लेकिन याद रखना — बाकी किसी को भी पता नहीं चलना चाहिए कि हम दोनों क्या कर रहे हैं।
सिर्फ रीना को पता है। वो हमारी भरोसेमंद है। बाकी सबको सिर्फ ये दिखना चाहिए कि तुम मेरे बिजनेस पार्टनर हो। समझ गए?”
राहुल ने सिर हिलाया। “जी मैडम… कोई चिंता नहीं।”
सीमा ने राहुल की छाती पर हाथ रखकर हल्के से मुस्कुराईं और बोलीं, “अब आराम करो। डिनर लगने वाला है।”
ठीक उसी वक्त रीना (मैड) ट्रे लेकर आई। ट्रे पर डिनर सजा हुआ था — गर्मागर्म तंदूरी चिकन, मटर पनीर, नान, सलाद, दाल और वाइन की बोतल। रीना ने सब कुछ टेबल पर सजाया और बिना कुछ बोले वापस चली गई।
सीमा ने राहुल की तरफ देखा। उनकी आँखों में शरारत और भूख दोनों थी। उन्होंने धीरे से कहा,
“राहुल… आज हम नंगे होकर खाना खाएंगे।”
राहुल थोड़ा हैरान हुआ। “क्यों सीमा जी?”
सीमा ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया,
“क्योंकि जब तक हम साथ रहेंगे, तब तक हम ज्यादातर समय नंगे ही घूमेंगे।
कपड़े सिर्फ तब पहनेंगे जब बाहर कोई आएगा या हमें कहीं जाना होगा।
अंदर, इस बंगले में… हम दोनों की देह हमेशा खुली रहेगी।
मुझे तुम्हारा नंगा शरीर देखना अच्छा लगता है… और मुझे अपना नंगा शरीर तुम्हारे सामने दिखाना अच्छा लगता है।”
सीमा ने बिना इंतज़ार किए अपनी साड़ी का पल्लू गिरा दिया। फिर ब्लाउज़ के हुक खोले। ब्रा उतारी। उनकी भारी, दूधिया छातियाँ बाहर आ गईं। साड़ी और पेटीकोट फिसलकर गिर गए। आखिर में पैंटी भी उतार दी। अब सीमा पूरी तरह नंगी खड़ी थीं।
राहुल ने भी अपनी शर्ट, ट्राउज़र और अंडरवियर उतार दिए। दोनों अब पूरी तरह नंगे थे। राहुल का लंड फिर से आधा सख्त हो चुका था।
दोनों नंगे ही डाइनिंग टेबल पर बैठ गए। सीमा राहुल के बगल में बैठीं। उनकी नंगी जाँघ राहुल की जाँघ से सट रही थी। दोनों ने खाना शुरू किया।
खाते-खाते सीमा ने राहुल की तरफ देखा और धीरे से पूछा,
“राहुल… बताओ… जब तुम मुझ पर 5 इंच तक घुसाते हो… तब तुम्हें कैसा लगता है?”
राहुल ने एक टुकड़ा चिकन काटते हुए कहा,
“सीमा जी… तुम सिर्फ 5 इंच ही ले पाती हो… लेकिन मेरा लंड 11 इंच लंबा और 4 इंच मोटा है। जब मैं 5 इंच डालता हूँ तब भी तुम्हारी चूत इतनी टाइट हो जाती है कि मुझे लगता है जैसे वो फट जाएगी। मैं सोचता हूँ… जब कभी पूरा डालूँगा तो क्या होगा? तुम कितना सह पाओगी?”
सीमा ने शरमा कर हल्के से राहुल की जाँघ पर हाथ मारा और बोलीं,
“तुम्हारा 5 इंच तो मैं ले लूँगी… लेकिन तुम्हारा 4 इंच मोटा भी तो है ना। मेरे पति का सिर्फ 4 इंच लंबा और 1 इंच मोटा था। उसमें भी मुझे बहुत दर्द होता था। मैं सोच रही थी… जब तुम पूरा 11 इंच डालोगे… तो मेरी चूत क्या हो जाएगी? फट जाएगी? या मैं उसे ले पाऊँगी?
पर सच कहूँ… मुझे डर भी लगता है… और बहुत ज्यादा इच्छा भी होती है।”
राहुल ने मुस्कुराते हुए कहा,
“डर मत… हम धीरे-धीरे बढ़ाएंगे। लेकिन जब पूरा डालूँगा… तब तुम्हें बहुत मजा आएगा। तुम चीखोगी… रोओगी… लेकिन अंत में मुझसे चिपककर रह जाओगी।”
सीमा ने राहुल की जाँघ पर हाथ फेरते हुए कहा,
“हाँ… लेकिन आज रात नहीं। आज सिर्फ बातें। कल से हम फिर से शुरू करेंगे।”
दोनों ने खाना खत्म किया। खाते-खाते उन्होंने और भी बातें कीं — सेक्स की पोजीशन, कितनी देर तक चोदना अच्छा लगता है, कौन-सी जगह सबसे ज्यादा संवेदनशील है, और भविष्य में पेरिस में क्या-क्या करेंगे।
खाना खत्म होने के बाद दोनों नंगे ही लिविंग रूम के बड़े सोफे पर आ गए। राहुल सोफे पर बैठ गया। सीमा उसके बगल में सटकर बैठ गई। उनकी नंगी छाती राहुल की बाँह से सट रही थी। राहुल ने सीमा को कसकर गले लगा लिया। दोनों एक-दूसरे की गर्माहट में लिपट गए।
खाना खत्म होने के बाद दोनों नंगे ही लिविंग रूम के बड़े सोफे पर आ गए। राहुल सोफे पर आराम से बैठ गया। सीमा उसके बगल में सटकर बैठ गई। उनकी नंगी छातियाँ राहुल की बाँह से हल्के-हल्के दब रही थीं। राहुल ने सीमा को कसकर गले लगा लिया। दोनों एक-दूसरे की गर्माहट में लिपटे हुए थे।
राहुल ने सीमा के कान में फुसफुसाते हुए कहा,
“सीमा जी… बताओ ना… जब मैं तुम्हें चोदता हूँ… तब तुम्हें सबसे ज्यादा कहाँ मजा आता है? चूत के अंदर… या जब मैं तुम्हारी छातियों को जोर-जोर से चूसता हूँ?”
सीमा ने शरमा कर राहुल की छाती पर हाथ फेरा और धीरे से बोलीं,
“दोनों… लेकिन जब तुम मेरी चूत में गहराई तक घुसते हो… तब सबसे ज्यादा… दर्द के साथ-साथ मजा भी आता है।”
राहुल ने मुस्कुराते हुए पूछा,
“और अगर मैं कभी पूरा 11 इंच डाल दूँ… तब क्या होगा? तुम सोचती हो कि तुम सह पाओगी?”
सीमा ने हल्के से राहुल की जाँघ दबाई और बोलीं,
“मुझे डर लगता है… लेकिन सोचती भी हूँ… कि अगर कभी पूरा डालोगे… तो शायद मैं चीख-चीखकर बेहोश हो जाऊँगी… लेकिन मजा भी बहुत आएगा।”
बातें धीरे-धीरे गंदी होने लगीं। राहुल ने पूछा,
“सीमा जी… तुमने कभी porn stars देखे हैं? वो लोग कैसे इतनी देर तक चुदाई करते हैं? कितना मोटा-लंबा लंड ले लेती हैं?”
सीमा ने शरमा कर हँसते हुए कहा,
“हाँ… कभी-कभी देखती हूँ… वो लोग तो बहुत प्रोफेशनल होते हैं… लेकिन असल ज़िंदगी में… मेरी तरह टाइट चूत वाली औरत के लिए तो मुश्किल है…”
राहुल की बात सुनकर सीमा की आँखों में चमक आ गई। उन्होंने राहुल से कहा,
“राहुल… TV ऑन करो… कोई अच्छा porn चला दो… देखते हैं…”
राहुल ने रिमोट उठाया और एक हाई-क्वालिटी porn चैनल ऑन कर दिया। स्क्रीन पर एक गोरी porn star एक बहुत मोटे लंड को चूत में ले रही थी और जोर-जोर से चीख रही थी।
देखते ही राहुल का लंड फिर से पूरा खड़ा हो गया। वो सख्त और तना हुआ था। राहुल ने सीमा की तरफ मुड़कर उनकी दोनों छातियों को जोर से दबा दिया। उँगलियाँ नरम मांस में धंस गईं। सीमा ने आह भरी — “आह्ह… राहुल…”
सीमा ने राहुल को एक गहरा किस किया। किस के दौरान उनकी जीभ राहुल की जीभ से लड़ रही थी। किस खत्म होते ही उन्होंने मैड को आवाज़ लगाई,
“रीना… आ जाओ।”
सीमा ने राहुल को गहरे किस के बाद थोड़ा अलग किया। उनकी साँसें अभी भी तेज़ थीं। उन्होंने राहुल की छाती पर हाथ रखा, उसकी आँखों में देखा और धीरे से मैड को आवाज़ लगाई,
“रीना… आ जाओ।”
रीना तुरंत कमरे में आई। उसकी चाल शांत लेकिन आज्ञाकारी थी। सीमा ने रीना को अपने पास बुलाया और उसके कान में कुछ धीरे-धीरे फुसफुसाया। रीना ने सिर्फ सिर हिलाया, कोई सवाल नहीं किया, कोई भाव नहीं दिखाया। फिर वो बेडसाइड ड्रॉअर की तरफ गई, Trojan Magnum XL का पैकेट निकाला, पैकेट फाड़ा और राहुल के सामने घुटनों के बल बैठ गई।
रीना ने दोनों हाथों से राहुल का 11 इंच लंबा और 4 इंच मोटा लंड पकड़ा। लंड पहले से ही पूरा सख्त और तना हुआ था। रीना ने कंडोम की रिंग को लंड की नोक पर रखा और धीरे-धीरे नीचे खींचने लगी। कंडोम लंड की मोटाई पर पूरी तरह तन गया। लंड अब कंडोम में चमक रहा था, नसें उभरी हुई थीं, नोक थोड़ी लाल और सूजी हुई दिख रही थी।
रीना ने कंडोम ठीक से चेक किया, फिर खड़ी हो गई। उसने अपनी सलवार का नाड़ा खोल दिया। सलवार नीचे सरक गई। उसने सिर्फ लेंगा (अंदर की पैंटी) उतार दिया। अब रीना की निचली देह पूरी तरह नंगी थी। उसकी गोल, मोटी गांड और हल्के बालों वाली चूत खुली हुई थी।
रीना बिना एक शब्द बोले सामने वाले बड़े टीबल की तरफ गई। उसने दोनों हाथों से टीबल का किनारा पकड़ लिया और pichvada jukake doggy-style पोजीशन ले ली। उसकी कमर नीचे झुकी हुई थी, गोल-मोटी गांड ऊपर उठी हुई थी। जाँघें थोड़ी फैली हुई थीं। उसकी चूत पीछे से पूरी तरह खुली हुई दिख रही थी — गुलाबी, थोड़ी गीली और छोटे-छोटे बालों वाली।
सीमा ने राहुल की तरफ देखा। उनकी आवाज़ अभी भी थोड़ी काँप रही थी, लेकिन निर्देश साफ था,
“राहुल… आराम से करना… सिर्फ 4-5 इंच… अगली बार भी सूज जाएगी… बहुत धीरे… प्लीज…”
राहुल ने रीना की कमर को दोनों हाथों से मजबूती से पकड़ लिया। उसका कंडोम वाला मोटा लंड रीना की चूत की फाँक पर टिका हुआ था। उसने बहुत धीरे-धीरे पहले 4 इंच अंदर डाल दिया।
रीना की आँखें फट गईं। उसकी कमर काँप गई और मुँह से एक लंबी, दबी हुई आह निकली — “आह्ह… साहब… बहुत मोटा… दर्द हो रहा है…”
राहुल ने कुछ सेकंड रुककर फिर धीरे-धीरे गति बढ़ाई। अब लंड 5 इंच तक अंदर-बाहर होने लगा। रीना की गोल गांड हर धक्के पर हल्के से लहरा रही थी। उसकी छातियाँ लटककर टीबल पर हिल रही थीं।
रीना दर्द और मजा के मिश्रण में चीख रही थी — “साहब… आह्ह… धीरे… बहुत गहरा जा रहा है… उफ्फ…”
राहुल की रफ्तार धीरे-धीरे बढ़ती गई। वो लगभग 50 मिनट तक लगातार रीना को उसी doggy-style पोजीशन में चोदता रहा। हर धक्का गहरा और नियंत्रित था, लेकिन तेज़ भी। रीना की चूत से सफ़ेद झाग बनने लगा। उसकी चीखें अब लगातार निकल रही थीं।
रीना 3 बार झड़ गई:
– पहली बार — 14 मिनट में — उसका पूरा शरीर सिहर उठा, चूत लंड को कसकर दबाने लगी। वो चीखी — “साहब… पहली बार… आ गया… आह्ह्ह…”
– दूसरी बार — 29 मिनट में — उसकी जाँघें काँपने लगीं, आँखें पलट गईं — “दूसरी बार… बहुत तेज़… आह्ह…”
– तीसरी बार — 43 मिनट में — रीना रोने लगी — “तीसरी बार… साहब… मैं सह नहीं पा रही… आह्ह्ह…”
50 मिनट पूरे होते ही राहुल ने आखिरी जोरदार धक्के मारे। उसका शरीर तन गया और कंडोम के अंदर गर्म, गाढ़ा वीर्य की मोटी धार फूट पड़ी। बहुत सारा वीर्य कंडोम में भर गया।
रीना टीबल पर पड़ी-पड़ी हाँफ रही थी। उसकी चूत बुरी तरह सूजी हुई थी और कंडोम का पानी बाहर बह रहा था। वो थकी हुई, पसीने से तर और काँपती हुई थी।
सीमा पूरे समय बेड पर बैठी सब देख रही थीं। उनकी आँखों में तड़प थी।
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