सपनों की जॉब 6

दूसरे राउंड के बाद राहुल का लंड अभी भी कंडोम में आधा सख्त था। लड़की सोफे पर पड़ी-पड़ी ज़ोर-ज़ोर से रो रही थी। उसके गालों पर आँसुओं की धार बह रही थी, साँसें फूल रही थीं, चूत बुरी तरह सूजी हुई, लाल और खून से सनी थी। वो हाँफते हुए बार-बार गिड़गिड़ा रही थी — “साहब… बहुत दर्द… मैं मर रही हूँ… रो रही हूँ… प्लीज…”

राहुल ने कंडोम उतारा, टिश्यू में लपेटकर साइड टेबल पर फेंक दिया। फिर उसने बेडसाइड टेबल पर रखे ड्राई फ्रूट्स के बॉक्स को खोला। उसमें काजू और बादाम थे। उसने एक मुट्ठी काजू निकाला और आराम से चबाने लगा। लड़की अभी भी रो रही थी। राहुल ने बिना किसी भाव के कहा,

“अब तीसरा राउंड शुरू करते हैं।”

लड़की ने डर के मारे सिर हिलाया। आँसू की धार और तेज़ हो गई। वो रोते-रोते गिड़गिड़ाने लगी, 
“साहब… प्लीज… सर… मुझे जाने दो… मैं नहीं कर सकती… बहुत दर्द हो रहा है… मेरी चूत फट गई है… खून निकल रहा है… रो रही हूँ… सर प्लीज… जाने दो…”

राहुल ने एक बादाम मुँह में डाला, चबाया और ठंडे स्वर में बोला, 
“जब तुम बोलोगी ‘नहीं’… तो तुम्हारे 5 घंटे भी खत्म हो जाएँगे। मैंने पैसे दिए हैं। 5 घंटे के लिए तुम मेरी हो। जो करना है, वो करूँगा।”

लड़की जोर-जोर से रोने लगी। उसके आँसू गालों से टपक रहे थे। वो हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाई, 
“सर… प्लीज… सर… जाने दो… मैं बहुत रो रही हूँ… दर्द से मर रही हूँ… आह्ह… सर प्लीज…”

राहुल ने कोई जवाब नहीं दिया। उसने फिर से काजू और बादाम खाने शुरू कर दिए। करीब 30 मिनट तक वो आराम से ड्राई फ्रूट्स खाता रहा। लड़की पूरे 30 मिनट तक पड़ी-पड़ी रोती रही। उसके आँसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। साँसें फूल रही थीं, चेहरा सूजा हुआ था, चूत से अभी भी हल्का खून और रस रिस रहा था। वो बार-बार फुसफुसाती — “सर… प्लीज… रो रही हूँ… दर्द… बहुत दर्द…”

30 मिनट बाद राहुल ने बॉक्स रख दिया। उसने लड़की को देखा और बोला, 
“कोई बात नहीं… तुम पानी पी लो… फिर अपनी चूत साफ़ कर लो… कपड़े पहन लो।”

लड़की रोते-रोते उठी। राहुल ने उसका हाथ पकड़ लिया और उसे बाथरूम में ले गया। बाथरूम में बड़ा जकूजी टब था। राहुल ने टब में गर्म पानी भर दिया। लड़की ने रोते हुए अपनी चूत को पानी से साफ़ किया। पानी में खून की हल्की लाली घुल गई।

जकूजी भर जाने के बाद राहुल ने Trojan Magnum XL कंडोम पहन लिया। लड़की ने देखा तो फिर से रोने लगी, 
“साहब… प्लीज… मत करो… मैं नहीं कर सकती… रो रही हूँ… दर्द… बहुत दर्द…”

राहुल ने कोई जवाब नहीं दिया। उसने जकूजी में लेट गया। पानी उसके नंगे शरीर को घेर रहा था। फिर उसने लड़की का हाथ पकड़ा और उसे जबरदस्ती अपने ऊपर बिठा लिया। लड़की अब राहुल के ऊपर थी। राहुल ने उसकी कमर पकड़ी और उसे नीचे खींचा।

एक ही झटके में पूरा 11 इंच लंड अंदर घुसा दिया।

लड़की की चीख फट पड़ी — “आआआआह्ह्ह्ह्ह… साहब… पूरा… पूरा डाल दिया… आह्ह्ह… फाड़ दिया… चूत फट गई… आह्ह्ह… दर्द… बहुत दर्द… रो रही हूँ… प्लीज…”

उसकी चूत बुरी तरह फट गई। खून की धार फिर से बहने लगी। लड़की जोर-जोर से चीखती, रोती, हाथ-पैर पटकती रही — “आह्ह्ह… साहब… बहुत बड़ा… पूरा घुस गया… आह्ह्ह… दर्द… बहुत दर्द… मैं मर रही हूँ… रो रही हूँ… आह्ह्ह… प्लीज…”

राहुल ने लड़की की कमर पकड़कर ऊपर-नीचे करने लगा। पानी छप-छप की आवाज़ से भर गया। लड़की की चीखें पूरे बाथरूम में गूँज रही थीं — “आआह्ह्ह… साहब… बहुत तेज़… मत… मत… रो रही हूँ… आह्ह्ह… दर्द… बहुत दर्द… प्लीज…”

“आह्ह्ह… साहब… पूरा… पूरा अंदर… आह्ह्ह… फाड़ दिया… रो रही हूँ… आँसू निकल रहे हैं… बहुत दर्द… आह्ह्ह…”

“आआह्ह्ह… साहब… रुक जाओ… मैं मर जाऊँगी… रो रही हूँ… आह्ह्ह… प्लीज…”

राहुल ने 1 घंटे तक लगातार उसे उसी पोजीशन में चोदा। पानी छप-छप करता रहा। लड़की की चीखें, रोने की आवाज़ें, गिड़गिड़ाहट पूरे बाथरूम में गूँजती रही। उसकी आवाज़ अब टूट चुकी थी, लेकिन वो फिर भी चीखती और रोती रही — “आह्ह्ह… साहब… प्लीज… मैं मर रही हूँ… रो रही हूँ… बहुत दर्द… आह्ह्ह…”

1 घंटे बाद राहुल का शरीर तन गया। उसने आखिरी जोरदार धक्के मारे और कंडोम के अंदर गाढ़ा, गर्म वीर्य की मोटी धार फूट पड़ी। बहुत सारा वीर्य कंडोम में भर गया।

लड़की पड़ी-पड़ी ज़ोर-ज़ोर से रो रही थी। आँसू उसके गालों पर बह रहे थे। साँसें फूल रही थीं। उसकी चीखें अभी भी कमरे में गूँज रही थीं — “आह्ह्ह… साहब… बहुत दर्द… मैं मर गई… रो रही हूँ… प्लीज…”

राहुल ने आखिरी जोरदार धक्के मारे और कंडोम के अंदर अपना गाढ़ा, गर्म वीर्य छोड़ दिया। जैसे ही उसने लंड बाहर निकाला, लड़की की गांड से कंडोम का पानी और खून की हल्की धार बहने लगी। गांड का छेद बुरी तरह फटा हुआ था — लाल, सूजा हुआ, और तेज़ जलन से फड़क रहा था।

लड़की पेट के बल पड़ी-पड़ी ज़ोर-ज़ोर से रो रही थी। उसकी चीखें अब धीमी हो चुकी थीं, लेकिन रोना नहीं रुक रहा था। आँसू उसके गालों पर लगातार बह रहे थे। साँसें छोटी-छोटी और फूली हुई थीं। उसकी गांड इतनी सूज गई थी कि वो हिल भी नहीं पा रही थी। हर साँस के साथ गांड के छेद में तेज़ जलन और दर्द की लहर दौड़ रही थी।

“आह्ह्ह… साहब… गांड… फट गई… आह्ह्ह… बहुत दर्द… जलन… रो रही हूँ… प्लीज… मत छुओ…”

वो बार-बार फुसफुसा रही थी। उसकी आवाज़ अब टूट चुकी थी, गला रूँधा हुआ था। गांड के अंदर की दीवारें इतनी फैल गई थीं कि हर हल्की हवा या हलचल में भी दर्द की तीव्र लहर उठ रही थी। खून की पतली धार अभी भी रिस रही थी, जो बेडशीट पर छोटे-छोटे धब्बे बना रही थी।

लड़की ने दोनों हाथों से अपनी गांड को हल्के से छुआ भी तो तुरंत चीख उठी — “आह्ह्ह… मत… मत छुओ… जल रही है… आह्ह्ह… रो रही हूँ… बहुत जलन…”

उसकी जाँघें काँप रही थीं। वो पेट के बल लेटी हुई थी, लेकिन गांड में इतना दर्द था कि वो करवट भी नहीं बदल पा रही थी। हर साँस लेते समय गांड का छेद सिकुड़ता और दर्द की लहर पूरे शरीर में फैल जाती। पसीना उसके माथे, गर्दन और पीठ पर बह रहा था। आँखें सूज गई थीं, होंठ काँप रहे थे।

वो रोते-रोते बार-बार गिड़गिड़ा रही थी — “साहब… गांड… बहुत दर्द… फट गई… आह्ह्ह… मैं सह नहीं पा रही… रो रही हूँ… प्लीज… कुछ करो… जलन… बहुत जलन…”

राहुल ने उसे देखा। लड़की की हालत देखकर भी उसके चेहरे पर कोई पछतावा नहीं था। वो सिर्फ शांत स्वर में बोला,
“अभी 2 घंटे और बाकी हैं।”

लड़की ने ये सुनकर और जोर से रोना शुरू कर दिया। उसके आँसू अब और तेज़ी से बह रहे थे। वो बिस्तर को नोचते हुए, हाथ-पैर पटकते हुए रो रही थी — “आह्ह्ह… नहीं… 2 घंटे… मैं मर जाऊँगी… गांड फट गई… दर्द… बहुत दर्द… रो रही हूँ… साहब… प्लीज… जाने दो… आह्ह्ह…”

उसकी गांड अब इतनी सूज गई थी कि वो बैठ भी नहीं पा रही थी। हर हल्की हवा या हलचल में दर्द की तीव्र लहर पूरे निचले शरीर में फैल जाती। खून की धार अभी भी रिस रही थी। वो रोते-रोते बार-बार फुसफुसाती — “आह्ह्ह… गांड… जल रही है… बहुत जलन… रो रही हूँ… प्लीज… कुछ करो…”

राहुल ने उसे कुछ पल और ऐसे ही पड़ी रहने दिया। लड़की पेट के बल लेटी हुई, आँसू बहाते हुए, साँसें फूलते हुए, गांड में तेज़ दर्द और जलन महसूस करती हुई रोती रही।

राहुल ने लड़की की हालत देखी। उसकी गांड बुरी तरह फटी हुई थी, खून की पतली धार अभी भी बह रही थी, चेहरा आँसुओं से भीगा हुआ था, साँसें फूल रही थीं और शरीर हल्का-हल्का काँप रहा था।

राहुल को अचानक डर लग गया। उसने सोचा — “ये क्या कर दिया मैंने? लड़की की हालत बहुत खराब है। अगर कुछ हो गया तो…”

फिर लड़की के पास गया। लड़की पेट के बल पड़ी-पड़ी रो रही थी। राहुल ने उसे धीरे से उठाया। लड़की की टाँगें काँप रही थीं, वो खड़ी भी नहीं हो पा रही थी। राहुल ने उसे बाथरूम में ले जाकर गर्म पानी से उसकी गांड और चूत को बहुत सावधानी से साफ किया। लड़की हर स्पर्श पर चीख उठती थी — “आह्ह्ह… साहब… मत छुओ… बहुत दर्द… रो रही हूँ…”

राहुल ने उसे साफ किया, तौलिए से पोंछा और उसके कपड़े पहना दिए। लड़की रोते-रोते काँप रही थी, चलने की हालत बिल्कुल नहीं थी। राहुल ने मैड (रीना) को आवाज़ लगाई।

रीना तुरंत आई। उसने लड़की को देखा और बिना कुछ बोले उसे सहारा दिया। लड़की चल नहीं पा रही थी, इसलिए रीना ने उसे कंधे पर टेक लगाकर धीरे-धीरे बाहर ले जाया। राहुल ने रीना को कहा,
“इसे गाड़ी तक पहुँचा दो… और ध्यान रखना, कोई बात बाहर नहीं जानी चाहिए।”

रीना ने सिर्फ सिर हिलाया और लड़की को पकड़कर गाड़ी तक ले गई। लड़की हर कदम पर चीख रही थी और रो रही थी। रीना ने उसे गाड़ी में बिठाया, दरवाजा बंद किया और वापस आकर राहुल से बोली,
“मैडम… अगर फिर बुलाना हो तो बताना।”

रीना चली गई।

कुछ देर बाद सीमा कमरे में आई। उनका चेहरा गुस्से से लाल था। उन्होंने राहुल की तरफ देखा और तीखी आवाज़ में बोलीं,

“राहुल… तुमने पूरे पैसे वसूल कर लिए… मुझे इतना दर्द क्यों दिया था? मैंने कहा था ना… धीरे… लेकिन तुमने तो लड़की को बेरहमी से चोद दिया…”

राहुल ने शांत स्वर में जवाब दिया,
“सीमा जी… पैसे दिए थे तो वसूल तो करने पड़ेंगे ना? वो 5 घंटे के लिए आई थी। मैंने जो किया, वो उसी के हिसाब से किया।”

सीमा ने गुस्से में पूछा,
“कैसे पैसे वसूल किए? बताओ मुझे…”

राहुल ने थोड़ा रुककर कहा,
“मैंने उसे पहले boobs चूसे… फिर जबरदस्ती मुँह में लंड डाला… फिर 8 इंच एक झटके में चूत में… फिर गांड मारी… पूरा 11 इंच… वो रो रही थी, चीख रही थी… लेकिन मैंने रुकने से मना कर दिया… पैसे दिए थे तो पूरा वसूल किया…”

सीमा ने राहुल को घूरा, लेकिन कुछ नहीं बोली। फिर उसने थोड़ा नरम स्वर में कहा,
“चलो… अब आराम करते हैं।”

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