पापा की सुहागरात 2

पापा ने रिया की जांघें और फैलाईं। रिया की चूत अब पूरी तरह गीली हो चुकी थी – गुलाबी फांके चमक रही थीं और बीच में छोटी-सी क्लिटोरिस सूजकर बाहर निकल आई थी। पापा ने दोनों हाथों से रिया की जांघें पकड़ीं, सिर नीचे किया और अपनी गर्म जीभ सीधी रिया की चूत पर लगा दी।

“आआह्ह्ह…” रिया की पूरी कमर उठ गई। पापा ने पहले तो चूत की दोनों फांकों को जीभ से अलग-अलग चाटा, फिर पूरी चूत पर लंबी-लंबी लिक्कड़ें मारीं। उनकी जीभ रिया की क्लिटोरिस पर रुककर जोर-जोर से घुमने लगी। रिया दोनों हाथों से चादर पकड़कर कराह रही थी – “पापा… उफ्फ… क्या कर रहे हो… आह्ह्ह… बहुत अच्छा लग रहा है…”

पापा ने अपनी जीभ को रिया की चूत के अंदर भी थोड़ा डाला और अंदर-बाहर करने लगे। रिया की चूत से अब चिकनाहट निकलकर पापा की ठुड्डी तक बह रही थी। पापा लगातार चूस रहे थे, चाट रहे थे, हल्के से काट भी रहे थे। रिया की सांसें इतनी तेज हो गई थीं कि वो लगातार कराह रही थी।

कुछ देर बाद पापा ने सिर उठाया। उनके होंठ और ठुड्डी रिया की चूत के रस से चमक रहे थे। उन्होंने रिया की तरफ देखा और गहरी आवाज में बोले,

“अब तुम मेरे लंड को चूसो रिया…”

रिया शर्मा गई। उसने आँखें नीची कर लीं और धीमी आवाज में बोली, “पापा… मुझे नहीं आता… मैंने कभी नहीं किया…”

पापा मुस्कुराए। मम्मी ने आगे बढ़कर रिया के बालों को प्यार से सहलाया और बोलीं, “कोई बात नहीं बेटा… मैं सिखाती हूँ।”

मम्मी ने पापा के सामने घुटनों के बल बैठ गईं। पापा का लंड अभी भी पूरी तरह तना हुआ, मोटा और लाल सिरा चमक रहा था। मम्मी ने पहले तो लंड को हाथ में पकड़ा, ऊपर-नीचे हिलाया, फिर जीभ निकालकर लंड के सिरे पर घुमाई। पापा से हल्की सी कराह निकली।

मम्मी ने रिया की तरफ देखा और कहा, “देखो… पहले लंड को हाथ में पकड़ो… फिर जीभ से चाटो… और फिर मुंह में ले लो… धीरे-धीरे… जैसे लॉलीपॉप चूसती हो।”

मम्मी ने पापा का पूरा लंड मुंह में ले लिया। उन्होंने गहरी चूसाई शुरू कर दी – ऊपर-नीचे सिर हिलाते हुए, कभी-कभी लंड को गले तक ले जातीं। उनके मुंह से “ग्लक-ग्लक” की आवाजें आने लगीं। पापा की उंगलियां मम्मी के बालों में फंस गईं।

कुछ देर बाद मम्मी ने लंड मुंह से निकाला। लंड अब और भी ज्यादा चमकदार और लार से तर था। मम्मी ने रिया को इशारा किया, “अब तुम ट्राई करो।”

रिया झिझकते हुए घुटनों के बल बैठ गई। उसने कांपते हाथों से पापा का लंड पकड़ा। पहले तो सिर्फ जीभ से सिरा चाटा। फिर धीरे-धीरे मुंह खोलकर लंड के आधे हिस्से को मुंह में ले लिया। मम्मी ने उसके सिर को हल्के से आगे-पीछे किया और सिखाया, “हां… ऐसे… जीभ अंदर भी घुमाओ… चूसो…”

रिया अब धीरे-धीरे सीख रही थी। वो पापा का लंड चूसने लगी – कभी-कभी गहरी चूसाई, कभी सिर्फ सिरा चूसती। पापा आंखें बंद करके कराह रहे थे – “हां रिया… बहुत अच्छा… आह्ह्ह…”

मम्मी ने रिया की चूचियां सहलाते हुए कहा, “अब हम दोनों मिलकर करते हैं।”

दोनों औरतें – मम्मी और रिया – पापा के लंड के दोनों तरफ बैठ गईं। उन्होंने अपनी-अपनी बड़ी-बड़ी चूचियां पापा के लंड के इर्द-गिर्द लगा दीं। मम्मी ने अपनी चूचियों को दबाकर लंड को बीच में फंसा लिया। रिया ने भी अपनी चूचियां जोड़ लीं। अब पापा का मोटा, गर्म लंड दोनों की चूचियों के बीच पूरी तरह दबा हुआ था।

पापा ने कमर हिलानी शुरू कर दी। लंड दोनों की चूचियों के बीच ऊपर-नीचे घिसने लगा। चूचियों की नरम, गर्मी और लार की चिकनाहट से लंड फिसल रहा था। कभी मम्मी चूचियां दबाकर और जोर से रगड़तीं, कभी रिया अपनी चूचियों को ऊपर-नीचे करके लंड को मसलती। पापा के लंड का सिरा दोनों की चूचियों के बीच से बाहर निकल-निकलकर चमक रहा था।

तीनों के मुंह से सिर्फ सिसकारियां और हल्की-हल्की कराहें निकल रही थीं। कमरे में गर्मी बढ़ गई थी।

पापा ने दोनों की चूचियों के बीच से लंड निकाला। लंड अब पूरी तरह लार और चूत के रस से चमक रहा था, बहुत सख्त और मोटा। उन्होंने रिया को बेड पर लिटा दिया। रिया की जांघें खुद-ब-खुद फैल गईं। उसकी चूत पूरी तरह गीली, सूजी हुई और चमक रही थी।

पापा ने रिया की जांघों को कंधों पर रख लिया और लंड का मोटा सिरा रिया की चूत के मुंह पर रख दिया। रिया ने घबराकर आँखें बंद कर लीं। पापा ने धीरे से कमर आगे की और लंड का सिरा रिया की चूत में घुसने लगा।

“आआह्ह्ह्ह… पापा… धीरे… बहुत मोटा है…” रिया जोर से कराह उठी।

पापा ने एक जोरदार झटका दिया। आधा लंड एक ही बार में रिया की चूत में घुस गया। रिया की आँखें खुल गईं, मुंह से चीख निकल गई – “उफ्फ्फ्फ… आह्ह्ह… फट जाएगी…”

पापा रुके नहीं। उन्होंने दूसरा जोरदार झटका मारा और पूरा मोटा लंड रिया की चूत के अंदर तक धंस गया। रिया की चूत पूरी तरह फैल गई थी। पापा ने धीरे-धीरे चुदाई शुरू की – लंबे-लंबे स्ट्रोक। हर झटके में लंड पूरी तरह बाहर निकलता और फिर जोर से अंदर चला जाता।

रिया लगातार चीख रही थी – “पापा… आह्ह्ह… बहुत गहरा… उफ्फ… और जोर से… हां… हां…”

पहला राउंड काफी तेज था। पापा ने रिया को मिशनरी पोजिशन में 10-12 मिनट तक चोदा। रिया की चूचियां हर झटके के साथ उछल रही थीं। आखिर में पापा ने तेज-तेज झटके मारे और रिया की चूत के अंदर ही जोर से झड़ गए। गर्म वीर्य रिया की चूत में भर गया। रिया भी पहली बार में ही झड़ गई – उसकी चूत सिकुड़-सिकुड़कर पापा का लंड दबा रही थी।

थोड़ी देर आराम के बाद पापा ने रिया को घुटनों के बल करवाया – डॉगी स्टाइल। दूसरा राउंड शुरू हुआ। इस बार पापा ने रिया की कमर पकड़कर बहुत जोर-जोर से चोदा। हर झटका इतना तेज था कि रिया का पूरा शरीर आगे की तरफ धकेला जा रहा था। रिया की चूत से “पच-पच-पच” की आवाजें आने लगीं।

“हां पापा… फाड़ दो… आह्ह्ह… मेरी चूत फाड़ दो…” रिया अब पूरी तरह भड़क चुकी थी।

पापा ने रिया की गांड पर थप्पड़ मारे और बाल पकड़कर सिर पीछे खींचा। दूसरे राउंड में भी पापा ने रिया की चूत में ही झड़ दिया। रिया दो बार झड़ चुकी थी। उसकी जांघें कांप रही थीं।

तीसरा राउंड सबसे लंबा था। पापा ने रिया को अपनी गोद में उठा लिया – स्टैंडिंग पोजिशन। रिया की टांगें पापा की कमर के चारों तरफ लिपटी हुई थीं। पापा खड़े-खड़े ही रिया को ऊपर-नीचे करके चोद रहे थे। रिया की चूचियां पापा के मुंह के सामने उछल रही थीं। पापा उन्हें चूस रहे थे। इस राउंड में रिया लगातार चीख रही थी और तीन बार झड़ गई। आखिर में पापा ने भी बहुत जोर से झड़कर रिया की चूत को वीर्य से भर दिया।

अब रिया पूरी तरह थक चुकी थी। वो बेड पर लेटी हुई हांफ रही थी। उसकी चूत से पापा का सफेद वीर्य बाहर निकल-निकलकर चादर पर गिर रहा था।

पापा ने मम्मी की तरफ देखा। मम्मी अभी भी नंगी बैठी सब देख रही थीं और उनकी चूत भी गीली हो चुकी थी। पापा ने मम्मी को बेड पर लिटाया और तुरंत उन पर चढ़ गए।

मम्मी की चुदाई सिर्फ एक राउंड हुई, लेकिन वो बहुत प्यार भरा और गहरा था। पापा ने मम्मी को मिशनरी में चोदा – धीरे-धीरे लेकिन गहरे स्ट्रोक। मम्मी पापा की पीठ पर नाखून गाड़ रही थीं और बार-बार किस ले रही थीं।

“मेरे प्यारे… आज भी तुम्हारा लंड मुझे बहुत अच्छा लगता है…” मम्मी कराह रही थीं।

पापा ने मम्मी की चूत में भी झड़ दिया। मम्मी भी झड़ गईं। दोनों एक-दूसरे को कसकर चिपके रहे।

तीन राउंड रिया की और एक राउंड मम्मी की चुदाई के बाद रात के करीब 3 बजे थे। तीनों पूरी तरह थक चुके थे। पापा बीच में लेट गए। रिया उनकी दाईं तरफ और मम्मी बाईं तरफ। दोनों औरतें पापा की छाती पर सिर रखकर लेट गईं। पापा ने दोनों को अपनी बाहों में कस लिया।

रिया और मम्मी दोनों की चूतें अब सूजी हुई और वीर्य से भरी हुई थीं। कमरे में सेक्स की तेज महक फैली हुई थी।

धीरे-धीरे तीनों की आंखें बंद हो गईं और वो गहरी नींद में सो गए।

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