पापा की सुहागरात 1

मेरे पापा बहुत अमीर घर के हैं। उनके पास पैसे की कोई कमी नहीं। 21 साल पहले उनकी शादी मेरी मम्मी से हुई थी। दोनों बहुत खुश थे, लेकिन मेरे जन्म के बाद मम्मी को कुछ प्रॉब्लम हो गई थी। डॉक्टर ने कहा कि अब मम्मी प्रेग्नेंट नहीं हो सकतीं। पापा को एक बहुत खूबसूरत लड़की बहुत पसंद थी – नाम था रिया। वो 24 साल की थी, गोरी, लंबी, मॉडल जैसी फिगर वाली। पापा और मम्मी ने मिलकर फैसला लिया कि पापा दूसरी शादी कर लेंगे। मम्मी ने खुद कहा – “मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं, घर में बच्चा चाहिए ना… और तुम्हें भी खुशी मिलेगी।”

शादी फिक्स हो गई। अब तैयारी शुरू हुई।

सबसे पहले शॉपिंग। पापा ने मुझे और मम्मी को साथ लिया। सबसे महंगे ब्रांड के शॉप में गए। मम्मी ने खुद रिया के लिए लहंगा चुना – गोल्डन और रेड कलर का, बहुत भारी, गहनों वाला। रिया का माप लेकर सिलवाया। पापा ने रिया के लिए डायमंड ज्वेलरी का सेट लिया – नेकलेस, ईयररिंग्स, मंगलसूत्र सब कुछ। मम्मी ने कहा, “ये मेरी बहू के लिए है, परफेक्ट होना चाहिए।” पापा हंस रहे थे, उनकी आंखों में वो चमक थी जो शादी वाली रात की होती है।

मम्मी को भी नया साड़ी और मेकअप सेट मिला। मैंने भी सूट लिया। फिर पापा को तैयार करने की बारी। पापा ने सबसे एक्सपेंसिव शेरवानी ऑर्डर की – व्हाइट और गोल्ड, बहुत शाही। टेलर घर पर आया, फिटिंग की।

अगले दिन सबको शॉपिंग के बाद पार्लर जाना था। मम्मी और रिया दोनों को एक ही हाई-क्लास पार्लर में बुकिंग थी। मैं और पापा भी साथ गए। रिया को देखकर मेरा मुंह खुला रह गया – वो इतनी खूबसूरत लग रही थी। पार्लर में रिया का फेशियल, हेयर स्टाइल, मेहंदी, सब हो रहा था। उसकी नरम त्वचा पर मेहंदी लगाते समय वो हल्के से मुस्कुरा रही थी। पापा उसे घूर रहे थे, उनकी नजरें उसकी गर्दन, उसके होंठों और उसके ब्लाउज के ऊपर वाले हिस्से पर अटक रही थीं। मम्मी ने पापा को कोहनी मारी और हंस दी – “अभी तो सुहागरात बाकी है, सब्र करो।”

पापा का भी पार्लर ट्रीटमेंट हुआ – हेयर कट, फेशियल, मसाज। वो 50 के ऊपर थे लेकिन फिट और हैंडसम लग रहे थे। शेरवानी में जब तैयार हुए तो लग रहे थे जैसे कोई राजा।

शादी का दिन आ गया। छोटी लेकिन बहुत लग्जरी शादी थी – सिर्फ फैमिली और क्लोज फ्रेंड्स। मंदिर में फेरे हुए। रिया ने लहंगे में इतनी खूबसूरत लग रही थी कि पापा की सांसें थम सी गईं। जब पापा ने रिया को मंगलसूत्र पहनाया तो रिया की आंखें झुक गईं, लेकिन उसके होंठों पर हल्की मुस्कान थी। फेरे के बाद पापा ने रिया का हाथ पकड़ लिया और उसे गाड़ी में बिठाया।

रात के 11 बजे गाड़ी घर पहुंची। घर पूरी तरह से फूलों और लाइट्स से सजाया हुआ था। मैं, मम्मी और बाकी सब बाहर खड़े थे। पापा ने रिया को गोद में उठाया (जैसा कि रीति है) और घर के अंदर ले आए। रिया की सांसें तेज हो रही थीं। पापा की छाती से सटकर वो चुपचाप लेटी रही।

घर आ चुका था।

सुहागरात की रात शुरू होने वाली थी…

हम सबने खाना खाया। खाने के बाद माहौल थोड़ा शरमाया हुआ लेकिन रोमांटिक था। मम्मी हल्के से मुस्कुरा रही थीं। रिया की आंखें नीची थीं, उसके गालों पर हल्की लाली चढ़ी हुई थी। पापा ने सबको देखा और फिर मम्मी की तरफ मुड़कर बोले,

“आज की रात मेरी दूसरी सुहागरात है… मैं चाहता हूँ कि तुम दोनों मेरे साथ रहो।”

मम्मी ने हल्के से सिर हिलाया और रिया की तरफ देखकर मुस्कुराई। रिया शरमा गई लेकिन कुछ नहीं बोली।

पापा ने रिया का हाथ पकड़ लिया और तीनों master bedroom की तरफ चल पड़े। master bedroom सच में बहुत बड़ा था – किंग साइज बेड, सोफा, ड्रेसिंग टेबल, बड़ा सा मिरर और डिम लाइट्स। पापा ने रिया को अंदर ले जाकर दरवाजा बंद कर दिया।

मैं पहले ही चार छोटे-छोटे हाई डेफिनिशन कैमरे खरीदकर master bedroom में फिट कर चुका था। ये कैमरे इतने छोटे और छिपे हुए थे कि किसी को शक भी नहीं होता। मैंने सब कैमरों को अपने रूम के बड़े TV से कनेक्ट कर लिया था। अब मैं अपने रूम में आ गया।

दरवाजा बंद करके मैंने TV ऑन किया।

स्क्रीन पर master bedroom साफ-साफ दिख रहा था। चारों कैमरों से अलग-अलग एंगल थे – एक बेड के ऊपर से, एक साइड से, एक मिरर के पास से और एक थोड़ा ऊपर से।

पापा और रिया बेड के पास खड़े थे। मम्मी बेड के एक कोने पर बैठ गई थीं, चुपचाप देख रही थीं।

पापा ने रिया को अपनी तरफ खींचा। रिया की सांसें तेज हो रही थीं। पापा ने धीरे से रिया के लहंगे का दुपट्टा उतारा और फर्श पर गिरा दिया। रिया की गोरी गर्दन और कंधे अब खुले थे। पापा ने झुककर रिया की गर्दन पर हल्का सा किस किया। रिया के शरीर में झुरझुरी सी दौड़ गई।

“तुम बहुत खूबसूरत हो रिया…” पापा ने धीमी आवाज में कहा और रिया को अपनी बाहों में कसकर जकड़ लिया।

रिया ने शरमाते हुए पापा की छाती पर हाथ रखा। पापा ने रिया का चेहरा ऊपर उठाया और उसके होंठों पर धीरे से किस किया। पहले तो रिया के होंठ सख्त थे, लेकिन धीरे-धीरे वो पिघलने लगी। पापा का किस गहरा होता गया। रिया की सांसें अब और तेज हो गई थीं।

पापा ने एक हाथ रिया की कमर पर रखा और दूसरे हाथ से उसके बालों में उंगलियां फिराईं। किस के बीच में पापा ने रिया के निचले होंठ को हल्के से काटा। रिया से एक हल्की सी सिसकारी निकल गई – “आह…”

मम्मी चुपचाप बैठी देख रही थीं, उनके चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी।

पापा ने किस छोड़कर रिया की आंखों में देखा। फिर धीरे से रिया के ब्लाउज की तरफ हाथ बढ़ाया। रिया शर्मा गई और पापा की छाती में मुंह छिपा लिया। पापा हल्के से हंसे और रिया को और कसकर अपनी बाहों में ले लिया।

अभी सिर्फ normal romance चल रहा था… लेकिन हवा में गर्मी बढ़ने लगी थी।

पापा ने रिया को अपनी बाहों में कसकर जकड़े रखा था। किस के बाद उन्होंने मम्मी की तरफ देखा और धीमी, गहरी आवाज में बोले,

“शुरू हो जा…”

मम्मी मुस्कुराईं। उनकी आंखों में एक शरारती चमक थी। वो बेड से उठीं और रिया के पास आईं। रिया अभी भी शर्मा रही थी, उसकी सांसें तेज थीं। मम्मी ने धीरे से रिया के लहंगे की साइड वाली जिप खोली और लहंगा नीचे सरका दिया। अब रिया सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में खड़ी थी।

मम्मी ने ब्लाउज के हुक एक-एक करके खोले। ब्लाउज खुलते ही रिया की गोरी, भरी हुई ब्रेस्ट्स बाहर आ गईं – सिर्फ एक पतला सा ब्रा उन्हें ढके हुए था। रिया ने शरम से आँखें बंद कर लीं। मम्मी ने ब्रा का हुक भी खोल दिया। रिया की बड़ी-बड़ी, गोल, गोरी चूचियां पूरी तरह नंगी हो गईं। उनकी निप्पल्स हल्के गुलाबी रंग की थीं और पहले से ही थोड़ी सी खड़ी हो चुकी थीं।

फिर मम्मी ने रिया का पेटीकोट भी उतार दिया। अब रिया सिर्फ एक पतली सी लेस वाली पैंटी में खड़ी थी। उसकी जांघें गोरी और मोटी थीं, कमर पतली, और गांड गोल-गोल। मम्मी ने आखिरी में रिया की पैंटी भी उतार दी। रिया अब पूरी तरह नंगी थी। उसकी चूत पर हल्के-हल्के बाल थे, जो साफ दिख रहे थे। रिया ने दोनों हाथों से अपनी चूचियां और चूत ढकने की कोशिश की, लेकिन मम्मी ने उसके हाथ हटा दिए और बोलीं, “शर्मा मत बेटा… आज तुम्हारी सुहागरात है।”

अब मम्मी पापा की तरफ मुड़ीं। उन्होंने पापा की शेरवानी के बटन खोले और पूरी शेरवानी उतार दी। फिर अंडरवियर भी निकाल दिया। पापा अब बिल्कुल नंगे थे। उनका लंड एकदम तना हुआ, खड़ा और मोटा था – लंबाई अच्छी-खासी, मोटाई भी काफी, सिरा लाल और चमकदार, नसें उभरी हुईं। पापा का लंड पूरी तरह तैयार था, हल्के-हल्के झूल रहा था।

पापा ने रिया को बेड पर लिटा दिया। रिया लेट गई, उसकी सांसें तेज हो रही थीं। पापा उसके ऊपर झुके और पहले उसके होंठों पर फिर से गहरा किस किया। किस के दौरान उनकी जीभ रिया के मुंह में घुस गई और रिया की जीभ से खेलने लगी। रिया से हल्की-हल्की सिसकारियां निकल रही थीं।

फिर पापा ने रिया की गर्दन चूमी, उसके कंधों को चाटा। धीरे-धीरे वो नीचे उतरे और रिया की दोनों चूचियों को अपने हाथों में ले लिया। वो नरम लेकिन भरी हुई थीं। पापा ने एक चूची को जोर से दबाया और दूसरे की निप्पल को मुंह में ले लिया। वे चूसने लगे, जीभ से चाटने लगे, हल्के से काटने लगे। रिया की कमर उठने लगी। वो कराह रही थी – “आह… पापा… उफ्फ…”

मम्मी भी अब शामिल हो गईं। उन्होंने पापा को थोड़ा हटाया और खुद रिया की दूसरी चूची को चूसना शुरू कर दिया। दोनों तरफ से रिया की चूचियां चूस-चूसकर लार से तर हो गईं। रिया की आंखें बंद थीं, उसके मुंह से लगातार हल्की सिसकारियां निकल रही थीं।

पापा ने मम्मी की तरफ देखा और बोले, “अपने कपड़े भी उतार दो।”

मम्मी ने अपनी साड़ी, ब्लाउज, पेटीकोट और ब्रा-पैंटी सब उतार दिए। मम्मी भी अब पूरी नंगी थीं। उनकी चूचियां रिया से थोड़ी छोटी लेकिन अभी भी अच्छी थीं, कमर पर हल्का सा मोटापा था, लेकिन गांड और जांघें अभी भी आकर्षक थीं।

अब पापा दोनों औरतों को गर्म करने में लग गए। उन्होंने रिया को चूमते हुए एक हाथ मम्मी की चूत पर रख दिया और उंगलियों से उसकी चूत सहलाने लगे। मम्मी से भी सिसकारी निकली। फिर पापा ने रिया की जांघें फैलाईं और उसकी चूत पर हाथ फेरा। रिया की चूत पहले से ही गीली होने लगी थी। पापा ने अपनी उंगली से रिया की चूत की फांकों को अलग किया और बीच वाली गुलाबी जगह को हल्के से सहलाया। रिया ने जोर से कराहा – “आह्ह्ह… पापा…”

मम्मी ने रिया की चूचियां दबाते हुए और चूसते हुए उसे और गर्म कर रही थीं। पापा दोनों को बारी-बारी से किस कर रहे थे, उनकी चूचियां चाट रहे थे, उनकी जांघों को सहला रहे थे। कमरे में सिर्फ तीनों की सांसों की आवाज और हल्की-हल्की कराहें गूंज रही थीं।

दोनों औरतें अब काफी गर्म हो चुकी थीं – रिया की चूत से थोड़ी-थोड़ी चिकनाहट निकल रही थी और मम्मी भी सांसें फुला रही थीं।

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