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पति विदेश गया तो सर्दी की रात में देवर के साथ सैक्स का मजा

मेरा नाम अनाया है और मैं 25 साल की हूँ।

यह गरम भाभी की गरम कहानी तब की है, जब मेरी शादी को मात्र 4 महीने ही हुए थे।

मेरे पति एक विदेशी कम्पनी में काम करते है इसीलिए वे शादी के कुछ दिन बाद ही अपने काम पर चले गए।

मेरी तो नई-नई शादी हुई थी इसलिए मेरा मन अक्सर सेक्स करने का होता था।लेकिन मैं कुछ कर भी तो नहीं सकती थी।

कहानी में आगे बढ़ने से पहले मैं आपको अपने परिवार के बारे में बता देती हूँ।

मेरे परिवार में मेरे और मेरे पति के अलावा, मेरे सास-ससुर और एक प्यारा सा देवर रहता है।उसका नाम अंकित है, और वो सिर्फ़ 19 साल का है।दरअसल मेरे सास-ससुर को दूसरा बच्चा शादी के बहुत लेट हुआ था, इसीलिए मेरे पती और देवर की उम्र में थोड़ा ज्यादा अंतर है।

चलिए अब कहानी को आगे बढ़ाते है।

कई दिनों तक बिना सेक्स के रहने के बाद अब मैं अपने आप को कन्ट्रोल नहीं कर पा रही थी।मुझे अब बस एक लंड की तलाश थी।

मेरे ससुर उम्र में बहुत बड़े थे और शरीफ़ घर से होने के कारण मैं कहीं बाहर यह सब नहीं कर सकती थी।

अब बचा सिर्फ़ मेरा देवर।लेकिन वह उम्र में छोटा था और मुझे लगता था कि उसे इस बारे में कुछ पता भी नहीं था।क्योंकि मैंने एक-दो बार उस पर लाइन मारने की कोशिश की थी.अगर उसे इस सब के बारे में थोड़ी भी जानकारी होती, तो वह यह मौका कभी नहीं छोड़ता।

पर अब धीरे-धीरे मेरी सेक्स की इच्छा बढ़ती जा रही थी।

इसलिए मैंने एक प्लान बनाया जिसके जरिए मैं अपने देवर के साथ मज़े कर सकती थी।

एक रात जब हम दोनों सब के साथ बैठकर खाना खा रहे थे.तब मैं उससे बोली- क्या तुम आज मेरे साथ एक मूवी देखोगे?

क्योंकि उसके इक्ज़ाम ख़त्म हो गए थे इसलिए उसने झट से हाँ कर दी।

मेरा आधा काम तो हो चुका था, बस आधा बाकी था।

वह दूध पीने के बाद मेरे पास आया और बोला- भाभी, कौन सी मूवी देखेंगे?मैंने कहा- कोई होलीवुड की मूवी देखेंगे।वह बोला- चलो फ़िर मूवी देखते हैं।

मैं उससे बोली- पहले तुम कपड़े बदल लो क्योंकि मूवी बहुत बड़ी है। इसलिए तुम मूवी देखने के बाद यहीं सो जाना।वह झट से मेरी बात मान गया।

जब तक वह आया, मैंने भी अपने कपड़े बदल लिए।

अब मैंने एक हाफ़ स्कर्ट और एक हाफ़ मैक्सी पहनी जिसमें से मेरे बड़ी-बड़ी चुच्चियां दिख रही थी.जबकि उसने एक हाफ़ टीशर्ट और पजामा पहना हुआ था।

उन दिनों थोड़ी सर्दियां पड़ रही थी इसलिए हम दोनों एक ही कंबल में घुस गए।

थोड़ी देर बाद मैंने मूवी प्ले कर दी।वो एक रोमैन्टिक मूवी थी।

हम दोनो ही उस मूवी को बड़े मज़े से देख रहे थे।

तभी मूवी में एक सैक्स का सीन आया जिसमें एक छोटी उम्र का लड़का अपनी गरम भाभी की चुदाई कर रहा था।मुझे किसी ऐसे ही मौके का इंतज़ार था।

इस सीन के बाद जब मैंने उसकी तरफ़ देखा तो उसके पजामे में से उसका लंड साफ़ दिख रहा था।

मैं समझ गई थी कि अब चिंगारी तो भड़क चुकी है, बस विस्फ़ोट होना बाकी है।

थोड़ी देर बाद जब मूवी ख़त्म हुई तो मैं उससे बोली- तुम चाहो तो आज यहीं सो जाओ, मेरा मन भी लगा रहेगा।वह यह बात भी झट से मान गया।

वह आख़िर था तो एक किशोरवय ही, उसे क्या पता था कि आज उसे कितना मजा आने वाला है।

कुछ देर बाद मैं उससे बोली- मुझे बहुत खुजली हो रही है, क्या तुम तेल से मेरी मालिश कर दोगे?वह बोला- ठीक है भाभी।

मैं झट से तेल ले आई।

अब वह बोला- कहाँ मालिश करनी है भाभी?मैंने अपनी पीठ की तरफ़ इशारा करते हुए कहा- यहाँ खुजली हो रही है।

यह सुनते ही वह शर्मा गया.मैं उससे बोली- कोई बात नहीं, अगर तुम्हारा मन नहीं है तो रहने दो।वह बोला- नहीं, ऐसी कोई बात नहीं है, मैं आपके अभी मालिश कर देता हूँ।

अब उसने तेल लिया और मेरी पीठ की मालिश करने लगा।मालिश करते करते अब शायद उसे भी मजा आ रहा था।

अब वह धीरे-धीरे मेरे कूल्हों तक हाथ फिराने लगा।

लेकिन जब उसने देखा कि मुझे नींद आ गई है तो उसकी हिम्मत और बढ़ गई।

अब वह जोर-जोर से मेरे चूतड़ों को सहलाने लगा।दरअसल मैं भी इस दौरान सोई नहीं थी बल्कि सोने का नाटक कर रही थी।

जब उसे लगा कि अब मैं गहरी नींद में हूँ तो उसने मेरी मैक्सी की चेन खोली और मेरी ब्रा के ऊपर से ही मेरी चुच्चियों को दबाने लगा।

मुझे भी अब बहुत मजा आ रहा था इसीलिए मैं उसे बिना कुछ बोले चुपचाप लेटी रही।थोड़ी देर बाद मैंने करवट ली ताकि वह मेरी ब्रा को खोल सके।

पहले तो उसने थोड़ा इंतजार किया.लेकिन जब उसे यकीन हो गया कि मैं सो ही रही हू तो उसने मेरी ब्रा के हुक खोले और मेरी बड़ी-बड़ी चुच्चियों को ब्रा की कैद से आजाद कर दिया।

अब मैं भी गर्म होने लगी थी।

तभी वह नीचे आया और उसने मेरी स्कर्ट को मेरी जांघों तक ऊपर कर दिया।तब वह मेरी जांघों को सहलाने लगा.

अब मैं भी कन्ट्रोल नहीं कर सकती थी इसलिए अब मैं धीरे-धीरे सिसकारियां लेने लगी।

अब तो उसे इस बात का यकीन हो गया था कि मुझे भी सैक्स करने का मन है।इसलिए वह मेरी जांघों को छोड़कर ऊपर आया और मेरे लबों पर अपने होंठ रख दिये।

अब मैं भी उसका भरपूर साथ दे रही थी।

फ़िर वह एक बार फ़िर मेरी गर्दन से होता हुआ मेरी चुच्चियों तक पहुँचा और मेरे निप्पल को जोर-जोर से चूसने लगा।अब मुझे भी बहुत दर्द हो रहा था।

फ़िर उसने अपने सारे कपड़े उतारे.जब मैंने उसका लंड देखा तो मैं हैरान हो गई, इतने से लड़के का इतना बड़ा लंड।मेरे मन में तो लड्डू फ़ूट रहे थे.

इसलिए मैंने झट से उसका लंड मेरे मुँह में ले लिया और उसे जोर-जोर से चूसने लगी।

थोड़ी देर बाद वह झड़ गया।

फ़िर उसने मेरी स्कर्ट निकाल दी.अब मैं सिर्फ़ एक पैन्टी में थी।

वह मेरी पैंटी के ऊपर से ही अपनी गरम भाभी की गरम चूत को सहलाने लगा.मैं तो अब पागल होती जा रही थी।

मैंने उससे कहा- अब जल्दी मेरी चूत में लंड डाल दो।वह बोला- भाभी, इतनी भी जल्दी क्या है?

इतना कहकर उसने मेरी पैन्टी उतारी और मेरी बिना बालों की चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा।

थोड़ी देर बाद मैं झड़ गई और वह मेरा सारा पानी पी गया।

अब तक उसका लंड दोबारा खड़ा हो चुका था।उसने अपने लंड को मेरी चूत पर रखा और एक जोर के धक्के के साथ उसका पूरा लंड मेरी चूत में चला गया।

अब मुझे बहुत दर्द हो रहा था लेकिन उसने अपने धक्के जारी रखे।

पाँच मिनट बाद वह बोला- भाभी, मेरा होने वाला है।मैं बोली- मेरे अंदर ही निकाल दो। मैं बाद में दवाई खा लूँगी।

इतना सुनकर उसने अपने धक्कों की स्पीड बढ़ा दी और थोड़ी देर बाद वह और मैं एक साथ झड़ गए।

तब मैंने उससे पूछा- मैं तो सोचती थी कि तुम्हें सैक्स के बारे में कुछ नहीं पता?वह बोला- भाभी, मैं पहले भी सैक्स कर चुका हूँ।

मैं बोली- कब?वह बताने लगा:

जब आपकी और भैया की सुहागरात थी, उस रात मैं भैया और आपके साथ सोने की ज़िद कर रहा था।तब मम्मी मुझसे बोली- आज उनकी सुहागरात है। आज तुम उनके पास नहीं सो सकते।मैंने मम्मी से पूछा- सुहागरात में ऐसा क्या होता है कि मैं उनके पास नहीं सो सकता?मम्मी कुछ नहीं बोली।मैं बोला- या तो मुझे बताओ, वर्ना मैं उनके पास जा रहा हूँ।

मेरे ज़िद करने पर मम्मी बोली- चल ठीक है, मैं सब कुछ बताऊंगी पर तुम उनके पास मत जाओ।मैं मान गया।

और जब पापा सो गए तो मम्मी ने मुझे सब कुछ बता दिया।

तभी से मैं एक मौके की तलाश में था क्योंकि मम्मी ने मुझे यह बताया था कि शादी के बाद एक बार यह सब करने के बाद यह सब दोबारा करने का मन करता है।और मैं जानता था कि आपने भैया के विदेश जाने के बाद एक बार भी सैक्स नहीं किया। इस लिए मैं अपनी भाभी की प्यासबुझाना चाहता था। इसलिए मैंने यह नाटक किया कि मैं सैक्स के बारे में कुछ नहीं जानता। ताकि आप खुद पहल करो।

उसकी ये बातें सुनकर मैंने उसे अपने गले से लगा लिया।

फ़िर तो हम दोनों ने उस रात कई बार सैक्स किया।और अब तो हम जब चाहें तब सैक्स कर लेते हैं.इसलिए मुझे अब मेरे पति की याद भी नहीं आती।

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