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ट्रेन में लेडीज कोच में मौसी के साथ

दोस्तो, मैं गौरव हाजिर हूँ, अपनी आप बीती सुनाने के लिए. ये मेरा पहला अवसर है इसलिए मुझसे कोई ग़लती हो जाए तो प्लीज़ माफ़ कर देना.

मैं अब 20 साल का हो गया हूँ. मेरी हाईट 5 फुट 11 इंच है. मेरी बॉडी भी अच्छी है. मैं दिल्ली में अपनी मौसी के घर रहता हूँ क्योंकि मेरे मम्मी पापा एक्सिडेंट में एक्सपायर हो गए. मेरी मौसी की दो लड़कियां हैं, बड़ी 26 साल की स्वाति और छोटी 24 साल की पूजा. मेरे मौसा जी नहीं हैं, वो भी एक्सपायर हो चुके हैं.

जून 2014 को मैं और मौसी जिनका नाम पुष्पा है, अपनी नानी के घर ट्रेन से जा रहे थे. पुष्पा मौसी की उम्र 45 साल की है, उनका फिगर 44-40-46 का है. लंबाई साढ़े चार फुट की है.

हम रात को ट्रेन से जा रहे थे, ग़लती से ट्रेन में लेडीज कोच में चढ़ गए, उस डिब्बे के गेट पर कई औरतें खड़ी थीं, उन्होंने मुझे रोक लिया. लेकिन मेरी मौसी कहने पर मुझे और मौसी थोड़ी आगे जाने दिया क्योंकि ट्रेन चल दी थी. मौसी को सीट नहीं मिली, इसलिए मैं और मौसी गेट के पास खड़े थे.

थोड़ी देर बाद वो औरतें जिन्होंने मुझे रोका था, वो भी खड़ी थीं. तीन चार मेरे साइड में खड़ी थीं और चार मौसी की साइड में थीं. उनमें से एक मौसी से बात कर रही थी. तो एक दूसरी औरत ने मेरी जाँघ और छाती लंड पर हाथ फेरने में लग गई. मुझे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि ये औरतें क्या करने लगी हैं.

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उस वक्त मेरी मौसी का मुँह दूसरी तरफ था. जो औरत मेरी जांघ पर हाथ फेर रही थी, उससे मैंने सवालिया निगाहों से पूछा कि ‘आप ये क्या कर रही हैं?’
तो उस औरत ने मुझे चुप रहने का इशारा करते हुए मेरा लंड बाहर निकाल लिया और लंड हिलाने लगी.

जब एक औरत एक जवान लौंडे के लंड पर अपना हाथ चलाएगी तो लौंडे को तो मजा आना पक्का ही समझिए, सो बस मैं भी गर्म हो गया, मेरा लंड तन गया, जो 7 इंच लम्बा 3 इंच मोटा था.

उस औरत की देखा देखी दूसरी औरत भी ऐसा ही करने लगी थी. उधर माहौल गर्म हो गया था. उन औरतों में से कुछ सलवार कमीज़ और कुछ ने साड़ी पहन रखी थी. एक ने अपनी कमीज़ उतार कर अपनी एक मस्त चुची मेरे मुँह में दे दी. मैंने भी गर्म होकर उस औरत की चुची को अपने मुँह में दबा कर चूसना शुरू कर दिया. इस वक्त मुझे मौसी की चिंता भी नहीं हो रही थी.

तभी इतने में मौसी ने पलट कर देखा और चौंक कर बोलीं- ये क्या हो रहा है?
वहां खड़ी एक लेडी ने मौसी को चाकू दिखा दिया और मौसी डर गईं. उस औरत ने कहा कि चुप रह साली वर्ना इसका लंड काट कर तेरे हाथ में दे दूँगी.
मौसी ने डरते हुए मुझसे कहा- बेटा जो हो रहा, वो होने दे.

हालांकि उस औरत के हाथ में चाकू देखने से मेरे लंड का तनाव खत्म होने लगा और मुझे भी कुछ डर सा लगने लगा था.

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उन औरतों की उम्र 30 से 50 साल तक थी. वहां वो ऐसे खड़ी थीं कि डिब्बे में कोई अन्दर आ ना सके. फिर वो औरत जो मेरे मुँह में अपने चुचे घुसा कर चुसा रही थी, मादक सीत्कार करने लगी.

वो मेरे कान में धीमे स्वर में बोली- राजा चूची चूसना बंद मत कर … तेरे साथ हम कुछ नहीं करेंगे, ये तो बस इसको डराने के लिए ड्रामा किया था.
उसकी बात सुन कर मुझे जरा राहत सी मिली और मैं फिर से उसके दूध को चूसने लगा, मेरा लंड फिर से झटके लेने लगा. अब मेरा मन खुल कर सेक्स के लिए मचलने लगा था. उस औरत की फिगर वास्तव में बड़ी मस्त थी. मैं मौसी को देख कर बेबसी का दिखावा कर रहा था … पर मज़ा मुझे भी आ रहा था.

फिर वहां खड़ी चार औरतों में से तीन ने अपनी सलवार और एक ने अपनी साड़ी उतार दी. एक औरत ने जिम्नास्टिक जैसे उलटते हुए अपनी चुत मेरे मुँह के सामने कर दी. मुझे इशारा मिल गया कि इसकी चुत चूसना है. मैंने अपनी जीभ उसकी चिकनी चुत में लगा दी और कुत्ते जैसे उसकी चुत को चाटना शुरू कर दिया.

इसके बाद उन सभी ने मेरे से एक एक करके अपनी चुत चुसवाई और चुत का पानी और अपनी पेशाब भी पिलाई. इसके बाद उन औरतों ने कपड़े पहन लिए. अब बची हुई औरतें मुझसे अपनी चुत और गांड चुसवाई करवाने लगीं. फिर जिस औरत ने मेरी मौसी को चाकू लगा रखा था, उसने अपने कपड़े और मेरे कपड़े उतरवाए और फिर चुत चुसवाई कराने के बाद के बाद मेरे मुँह में अपने चुचे ठूंस कर कहा- ले दूध चूस चिकने.

वो अपने चूचे चुसाते हुए मेरे लंड को भी सहला रही थी. थोड़ी देर बाद उसने कहा- अपने इस मोटे लंड को मेरी चुत में घुसा दे.

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जैसे ही मैंने उसको चुदाई की पोजीशन में करके अपना लंड उसकी चुत में घुसाया, वैसे मुझे लगा कि लंड किसी गर्म भट्टी में दे दिया हो. उसकी भी इतना बड़ा लंड लेने से माँ चुद गई, वो भी कराहने लगी.

दो मिनट बाद मैं उसकी चुत में लंड आगे पीछे करने लगा. मैंने उसे आधे घंटे तक चोदा. उसके बाद भी उसने मुझे मेरे कपड़े नहीं दिए.

तो जैसे कि आप लोग जानते हो कि उन औरतों ने मेरे कपड़े नहीं दिए और थोड़ी देर बाद मेरे मौसी के कपड़े भी उतरवा दिए. मौसी का बदन देख कर मैं पागल हो गया. वो मौसी को मेरे पास लाई. उन्होंने हमारे कपड़े सामान पैसे आदि सब ले लिए थे.

मेरी मौसी ने कहा- हमें हमारा सामान तो दे दो.
उन्होंने कहा- दे देंगे, पर जो कहेंगे, वो करना पड़ेगा.
मौसी ने कहा- क्या?
“जो हमने इसके साथ किया है, वो करना पड़ेगा.”

मौसी ना कर रही थीं तो उसने मौसी के कपड़े और हमारा एक बैग नीचे फेंकने का ड्रामा किया.

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इस पर मौसी मान गईं.

एक औरत ने मौसी का हाथ मेरे लंड पे रखा और मेरे हाथ मौसी के चुचे पर रखवा दिए. मौसी के चुचे उन औरतों से काफी सख्त थे. मेरा लंड थोड़ी देर बाद खड़ा हो गया. फिर उनमें से एक मोबाइल से हमारी हरकतें रिकॉर्ड करने लगी. उन्होंने मुझे नीचे लेटने को कहा और मौसी की चुत मेरे मुँह पर रखवा कर मौसी को लिटा दिया. इस तरह हम 69 की पोज़िशन में आ गए. मुझे मौसी की चुत चाट कर मज़ा आ रहा था. मौसी भी कमोवेश गर्म हो गई थीं क्योंकि उनकी चुत से भी नमकीन पानी टपकने लगा था.

दस मिनट बाद हम एक दूसरे के मुँह में झड़ गए.

फिर मौसी खड़ी हुईं, तो उन्होंने मौसी को उल्टा खड़े होने को कहा. मौसी कुतिया सी बनी, तो एक औरत ने मेरे मुँह को पकड़ कर मेरी मौसी की गांड में दे दिया और चाटने के लिए बोला. मुझे मौसी की गांड चाटते हुए कुछ मिनट ही हुए थे कि मेरा लंड तन गया.
उन्होंने कहा- चल बे अपनी मौसी की गांड मार.

मैंने जैसे ही लंड मौसी की गांड पे लगाया, मौसी बोलीं- नहीं बेटा … मेरी आज तक किसी ने गांड नहीं मारी … ऐसा मत कर.
उस औरत ने धमकी देते हुए एक बैग और कपड़े नीचे फेंक दिए और बोली- देख ले साली तुझे नंगी ही जाना है या बात मानेगी?

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फिर मैंने लंड को मौसी की गांड में डाल दिया. मेरा सुपारा जैसे ही अन्दर गया मौसी चिल्ला उठीं और छूटने के लिए तड़फ उठीं.
इस पर दो औरतों ने मौसी के हाथ पकड़ लिए और मुझसे बोलीं- अब हचक के गांड मार साले.

मैंने जैसे ही लंड डाला, मौसी की अनचुदी गांड की कसावट से मुझे भी दर्द होने लगा. लेकिन मुझे मजा आ रहा था तो मैं धक्के लगाने लगा. इससे मेरा लंड आधे से ज्यादा मौसी की गांड में चला गया. मौसी कंप गईं, पर कुछ देर बाद उनका दर्द कम हुआ और मौसी भी गांड हिला कर मेरा साथ देने लगीं. मैंने मौसी के मम्मे पकड़ लिए और मौसी की धकापेल गांड चुदाई शुरू कर दी. मौसी भी मस्त आवाज निकाल कर अपनी गांड पीछे करते हुए मेरे लंड से टक्कर ले रही थीं.

कुछ देर की गांड चुदाई के साथ मैंने मौसी की चुत में उंगली करना शुरू कर दी. जिससे मौसी को डबल मजा आने लगा और वे झड़ने की कगार पर आ गईं.

कुछ मिनट की इस रसभरी गांड चुदाई के जब हम दोनों झड़े तो मैंने अपना रस मौसी की गांड में छोड़ दिया.

मौसी भी शिथिल होकर उन औरतों से बोलीं- अब बस करो … हम दोनों को छोड़ दो.
वो औरतें बोलीं- ये वीडियो नेट पे डाल देंगे.
मौसी उनके हाथ जोड़ने लगीं, वो बोलीं- हमको और पैसे चाहिए.
मौसी ने उनसे कहा- अब और रुपये कहां से लाएं?
लेकिन वे मौसी से और पैसे मांगने लगीं तो मौसी बोलीं- मेरे पास और नहीं है.
वे बोलीं कि देख ले … किसी को फोन करके मंगा ले. बिना पैसे के तो तुझे जाने नहीं देंगे.
मौसी बोलीं कि मेरे पास एटीएम कार्ड है.
वे बोलीं कि हमारे साथ अगले स्टेशन पर उतर कर पैसे दे देना.
मौसी बोलीं- ठीक है.

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पर उन्होंने मौसी के कपड़े और बैग फेंक दिए थे तो उन्होंने मेरे कपड़े और एक वाइट सूट सलवार दिया, जो बहुत चुस्त था, जिसे पहन कर मौसी की हर चीज़ दिख रही थी.

कुछ देर बाद स्टेशन आया और हम उतर कर स्टेशन बाहर आए. दो औरतें मौसी के साथ जाकर 25000 रूपए ले आईं. फिर वे सब चली गईं.

मौसी मुझसे बोलीं कि अब और कोई ट्रेन नहीं है तो सामने उस होटल में रुक जाते हैं और कल कुछ कपड़े लेकर चलेंगे.
मैंने कहा- ठीक है मौसी.

फिर हमने एक रूम ले लिया, वहां जाकर मौसी बिस्तर पे बैठ कर बोलीं- तू कुछ खाने के लिए ले आ.
मैं गया वहां से खाना और बियर की बोतलें ले आया. मैं जब आया तब तक मौसी नहा कर एक तौलिया लपेट कर बैठी थीं.
फिर मैं भी नहा लिया.

मौसी खाना लगाने लगीं तो उनको बियर की बोतलें दिखीं. वे बोलीं- ये क्या लाया है?
मैंने कहा- बियर हैं, टेंशन हो रही थी तो ले आया.
उन्होंने कहा- ठीक है.
मैं मौसी की गांड देख कर बोला- दर्द हो रहा है तो आप बियर पी लीजिये मौसी, दर्द कम हो जाएगा.

मौसी ने बियर ले ली. मैंने तीन बोतलें और मौसी ने दो बियर पी लीं. मौसी नशे में बोलीं- तेरा लंड इतना लम्बा कैसे हो गया?
मैंने कहा- अपने आप.
वे बोलीं- तूने पहले भी किसी की चुत मारी है?
मैंने कहा- नहीं.
अब मैं खुल गया था, मैं बोला- हस्तमैथुन कई बार किया है.
मौसी बोलीं- किसे देख कर मुठ मारी है?
मैं चुप रहा तो बोलीं कि अब क्यों शर्मा रहा … जब तू मेरी गांड बड़े मज़े से मार रहा था तब तेरी शर्म किधर थी.

ये कहते हुए मौसी ने अपना तौलिया हटा दिया. मैंने देखा कि मौसी की गांड सूज गई थी.

जैसा कि आप लोग जानते हो कि उन औरतों ने मुझे बदलने लायक कपड़े नहीं दिए थे. थोड़ी देर बाद मौसी ने मेरे कपड़े भी उतरवा दिए.

मैं बियर के नशे में और मौसी का कामुक बदन देख कर पागल हो गया. मौसी ने भी अपनी चुत पसार दी और इशारा कर दिया कि चुत में अपना लंड पेल दे.

कुछ देर बाद मैं मौसी के ऊपर चढ़ गया और धकापेल चुदाई शुरू हो गई. इस चुदाई में मैं मौसी से काफी खुल गया था. मैंने मौसी से कहा कि अब मुझे आपकी दोनों बेटियों की चुत भी चोदना है, आप मुझसे वायदा करो कि मुझे रोकोगी नहीं.
मौसी लंड लीलते हुए बोलीं- ठीक है चोद लेना पर पहले मुझे तो ठंडा कर दे.

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मौसी की चुदाई के बाद हम दोनों सो गए. दूसरे दिन घर आए तो मौसी की लड़कियों को कैसे चुदाई के लिए राजी किया, ये मैं आपको अगई चुदाई की कहानी में लिखूंगा.

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